ग्रेटर नोएडा में अपने घर का सपना होगा पूरा, बनेंगे 10 हजार फ्लैट
दरअसल ग्रेटर नोएडा में स्थापित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत विकसित किए जा रहे इंटिग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप (IITGNL) में 10 हजार नए फ्लैट बनाने की योजना लाई गई है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा शहर NCR का सबसे सुन्दर तथा हरा-भरा शहर है। यदि आप भी ग्रेटर नोएडा में अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। ग्रेटर नोएडा शहर में जल्दी ही 10 हजार नए फ्लैट बनाए जाएंगे। इतना ही नहीं ग्रेटर नोएडा शहर में यें 10 हजार फ्लैट एक ऐसे नए शहर का हिस्सा होंगे जहां आपका घर, दफ्तर तथा फैक्ट्री एक ही परिसर में बनेंगे। दरअसल ग्रेटर नोएडा में स्थापित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत विकसित किए जा रहे इंटिग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप (IITGNL) में 10 हजार नए फ्लैट बनाने की योजना लाई गई है।
क्या है ग्रेटर नोएडा में फ्लैटों की भावी योजना
हाल ही में DMIC के IITGNL में ग्रुप हाउसिंग की एक योजना घोषित की गई है। इस योजना के तहत चार बड़े भूखंड रियल स्टेट कंपनियों को आवंटित किए जाएंगे। इन चार भूखंडों पर बिल्डर कम से कम 10 हजार फ्लैट बनाकर आम नागरिकों को आवंटित करेंगे। DMIC की IITGNL की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस परिसर में फैक्टरी, दफ्तर, घर, स्कूल तथा मनोरंजन के तमाम साधान एक ही स्थान पर विकसित किए जा रहे हैं।
तेजी से हो रहा है विकास
DMIC के तहत विकसित हो रही IITGNL. में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। अब तक यहां 26 से अधिक बड़ी कंपनियां निवेश कर चुकी हैं, जिनमें काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए प्राधिकरण ने पहली बार ग्रुप हाउसिंग स्कीम लॉन्च करने का फैसला लिया है।योजना के तहत 34,573 वर्गमीटर से लेकर 93,905 वर्गमीटर तक के चार ग्रुप हाउसिंग भूखंड ई-नीलामी के जरिए आवंटित किए जाएंगे। इन भूखंडों पर विकसित होने वाली सोसायटियों में आधुनिक सुविधाओं से लैस फ्लैट्स बनाए जाएंगे। इस टाउनशिप में बिजली, पानी, सड़क, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी ढांचा पहले से ही विश्वस्तरीय स्तर का मौजूद है। आईआईटीजीएनएल की इस पहली ग्रुप हाउसिंग स्कीम के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तिथि 23 फरवरी निर्धारित की गई है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस योजना को रियल एस्टेट डेवलपर्स और निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा।
ग्रेटर नोएडा को मिलेगी नई पहचान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO रवि कुमार एनजी ने बताया कि इस योजना से न केवल औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों को परिसर के भीतर ही आवास मिलेगा, बल्कि यह टाउनशिप आने वाले समय में एक पूर्ण एकीकृत आवासीय और औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगी। उनका कहना है कि यह परियोजना ग्रेटर नोएडा को स्मार्ट सिटी और इंडस्ट्रियल हब के रूप में नई पहचान दिलाएगी। Greater Noida News
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा शहर NCR का सबसे सुन्दर तथा हरा-भरा शहर है। यदि आप भी ग्रेटर नोएडा में अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। ग्रेटर नोएडा शहर में जल्दी ही 10 हजार नए फ्लैट बनाए जाएंगे। इतना ही नहीं ग्रेटर नोएडा शहर में यें 10 हजार फ्लैट एक ऐसे नए शहर का हिस्सा होंगे जहां आपका घर, दफ्तर तथा फैक्ट्री एक ही परिसर में बनेंगे। दरअसल ग्रेटर नोएडा में स्थापित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत विकसित किए जा रहे इंटिग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप (IITGNL) में 10 हजार नए फ्लैट बनाने की योजना लाई गई है।
क्या है ग्रेटर नोएडा में फ्लैटों की भावी योजना
हाल ही में DMIC के IITGNL में ग्रुप हाउसिंग की एक योजना घोषित की गई है। इस योजना के तहत चार बड़े भूखंड रियल स्टेट कंपनियों को आवंटित किए जाएंगे। इन चार भूखंडों पर बिल्डर कम से कम 10 हजार फ्लैट बनाकर आम नागरिकों को आवंटित करेंगे। DMIC की IITGNL की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस परिसर में फैक्टरी, दफ्तर, घर, स्कूल तथा मनोरंजन के तमाम साधान एक ही स्थान पर विकसित किए जा रहे हैं।
तेजी से हो रहा है विकास
DMIC के तहत विकसित हो रही IITGNL. में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। अब तक यहां 26 से अधिक बड़ी कंपनियां निवेश कर चुकी हैं, जिनमें काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए प्राधिकरण ने पहली बार ग्रुप हाउसिंग स्कीम लॉन्च करने का फैसला लिया है।योजना के तहत 34,573 वर्गमीटर से लेकर 93,905 वर्गमीटर तक के चार ग्रुप हाउसिंग भूखंड ई-नीलामी के जरिए आवंटित किए जाएंगे। इन भूखंडों पर विकसित होने वाली सोसायटियों में आधुनिक सुविधाओं से लैस फ्लैट्स बनाए जाएंगे। इस टाउनशिप में बिजली, पानी, सड़क, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी ढांचा पहले से ही विश्वस्तरीय स्तर का मौजूद है। आईआईटीजीएनएल की इस पहली ग्रुप हाउसिंग स्कीम के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तिथि 23 फरवरी निर्धारित की गई है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस योजना को रियल एस्टेट डेवलपर्स और निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा।
ग्रेटर नोएडा को मिलेगी नई पहचान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO रवि कुमार एनजी ने बताया कि इस योजना से न केवल औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों को परिसर के भीतर ही आवास मिलेगा, बल्कि यह टाउनशिप आने वाले समय में एक पूर्ण एकीकृत आवासीय और औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगी। उनका कहना है कि यह परियोजना ग्रेटर नोएडा को स्मार्ट सिटी और इंडस्ट्रियल हब के रूप में नई पहचान दिलाएगी। Greater Noida News












