पूरे 32 साल का हो गया है ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण स्थापना दिवस 2026: 28 जनवरी को जानिए ग्रेटर नोएडा के 35 साल के विकास, औद्योगिक हब, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की योजनाएं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण स्थापना दिवस 2026
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण स्थापना दिवस 2026
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 05:26 PM
bookmark

Greater Noida News : 28 जनवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपना स्थापना दिवस मना रहा है। यह दिन केवल एक विकास प्राधिकरण की वर्षगांठ नहीं, बल्कि उस सोच, संघर्ष और सुनियोजित विकास का प्रतीक है, जिसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक ग्रामीण क्षेत्र को देश के सबसे आधुनिक और सुनियोजित शहरों में शामिल कर दिया। 28 जनवरी 1991 को स्थापित ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का उद्देश्य दिल्ली के बढ़ते शहरी दबाव को कम करना और एक वैकल्पिक, सुव्यवस्थित शहर का निर्माण करना था। आज 35 वर्षों बाद ग्रेटर नोएडा औद्योगिक, शैक्षणिक, आवासीय और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का मॉडल बन चुका है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्थापना: विकास की दूरदर्शी सोच

ग्रेटर नोएडा की स्थापना ऐसे समय में हुई, जब यह इलाका मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर था। गांवों और खेतों के बीच बसे इस क्षेत्र में आधुनिक शहर की कल्पना करना आसान नहीं था। लेकिन मास्टर प्लान, सेक्टर आधारित विकास, चौड़ी सड़कें और हरित पट्टियों के साथ प्राधिकरण ने सुनियोजित विकास की मजबूत नींव रखी।

औद्योगिक विकास: पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़

ग्रेटर नोएडा बना औद्योगिक निवेश का बड़ा केंद्र

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सबसे बड़ी उपलब्धि इसका औद्योगिक विस्तार रहा है।

ईकोटेक, नॉलेज पार्क, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र और इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ने यहां निवेश की बाढ़ ला दी।

  • ऑटोमोबाइल
  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • आईटी और स्टार्टअप
  • लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग

इन क्षेत्रों में सैकड़ों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने निवेश किया, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला और पलायन पर लगाम लगी।

शिक्षा का हब बना ग्रेटर नोएडा

देश-विदेश के छात्रों की पहली पसंद

ग्रेटर नोएडा आज एजुकेशन हब के रूप में भी जाना जाता है।

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, शारदा विश्वविद्यालय, गलगोटिया विश्वविद्यालय समेत दर्जनों निजी और सरकारी संस्थानों ने इस शहर को ज्ञान का केंद्र बना दिया है।

  • उच्च शिक्षा
  • रिसर्च और इनोवेशन
  • स्किल डेवलपमेंट

इन सभी क्षेत्रों में प्राधिकरण की नीतियों का अहम योगदान रहा है।

आवासीय विकास: रहने के लिए पसंदीदा शहर

मिडिल क्लास से लेकर हाई-एंड सोसाइटी तक

ग्रेटर नोएडा में आवासीय विकास भी तेजी से हुआ है।

हाईराइज सोसाइटी, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड सेक्टर और किफायती आवास योजनाओं ने इसे दिल्ली-एनसीआर का एक प्रमुख रेजिडेंशियल हब बना दिया।

  • चौड़ी सड़कें
  • पार्क और ग्रीन बेल्ट
  • जल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम
  • सामुदायिक सुविधाएं

इन कारणों से ग्रेटर नोएडा को “लिवेबल सिटी” माना जाता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट: कनेक्टिविटी की नई पहचान

एक्सप्रेसवे, मेट्रो और एयरपोर्ट से मिली रफ्तार

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस किया।

  • यमुना एक्सप्रेसवे
  • ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
  • मेट्रो कनेक्टिविटी
  • प्रस्तावित रेलवे परियोजनाएं

सबसे बड़ी उपलब्धि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जिसने ग्रेटर नोएडा को वैश्विक व्यापार और निवेश के नक्शे पर ला दिया है।

विकास के साथ चुनौतियां भी

भूमि, पर्यावरण और आबादी का दबाव

तेजी से बढ़ते विकास के साथ प्राधिकरण को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा।

  • भूमि अधिग्रहण विवाद
  • किसानों का मुआवजा
  • पर्यावरण संतुलन
  • बढ़ती आबादी का दबाव

हालांकि संवाद, नीतिगत सुधार और स्मार्ट सिटी अवधारणा के जरिए इन समस्याओं से निपटने के प्रयास लगातार जारी हैं।

स्थापना दिवस 2026: भविष्य की विकास गाथा का संकल्प

28 जनवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का स्थापना दिवस अतीत की उपलब्धियों को याद करने और भविष्य की नई योजनाओं का संकल्प लेने का अवसर है।

ग्रेटर नोएडा आज सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बदलते विकास मॉडल का मजबूत उदाहरण बन चुका है। गांवों से निकलकर ग्लोबल सिटी बनने की यह यात्रा आने वाले वर्षों में और भी नई ऊंचाइयों को छुएगी। Greater Noida News

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

ग्रेटर नोएडा में दो अलग-अलग सड़क हादसे, दो घायल

टक्कर के बाद सुनील शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। शिकायत में कहा गया है कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। परिजन घायल को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है।

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Jan 2026 12:48 PM
bookmark

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग एक बार फिर हादसों की वजह बनी है। अलग-अलग इलाकों में हुए दो सड़क हादसों में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित परिवारों की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज कर लिए हैं और वाहन नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान व तलाश की जा रही है।

परिजनों ने दर्ज कराई रिपोर्ट

पहला मामला ग्रेटर नोएडा के थाना बादलपुर क्षेत्र का है। डेरी मच्छा गांव निवासी राहुल शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनके पिता सुनील शर्मा 12 जनवरी की सुबह बाइक से नोएडा जा रहे थे। आरोप है कि बिसरख मोड़–छपरौला के पास तेज गति से आ रहे ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद सुनील शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। शिकायत में कहा गया है कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। परिजन घायल को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है।

बिसरख पुलिस ने तेज की जांच

दूसरी घटना ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख क्षेत्र की बताई जा रही है। चिपियाना खुर्द निवासी फूलों देवी ने बाइक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार 19 दिसंबर को उनके पति विष्णु देव महतो को शनि मंदिर के पास एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में विष्णु देव महतो घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जांच में उनके पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में पीड़ितों की तहरीर के आधार पर लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित पक्ष द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहन नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द कार्रवाई का दावा किया गया है। Greater Noida News

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

नोएडा शहर की संपूर्ण खबरें, 28 जनवरी के अखबारों से, एक साथ पढ़ें

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और प्राधिकरणों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक साल बीतने के बावजूद 35 ब्लैक स्पॉट पर कोई सुधार नहीं हुआ, जबकि 152 हाई रिस्क हॉट स्पॉट पर मांगी गई रिपोर्ट भी नहीं दी गई। सांसद की समीक्षा बैठक में अधिकारियों की गैरहाजिरी ने सवाल खड़े किए।...

नोएडा शहर की संपूर्ण खबरें
नोएडा शहर की संपूर्ण खबरें, 28 जनवरी के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Jan 2026 01:41 PM
bookmark

 

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 28 जनवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।


Noida News: समाचार अमर उजाला से 

अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार सालभर में न तो 35 ब्लैक स्पॉट पर काम किया, न ही 152 हॉट स्पॉट पर रिपोर्ट दी शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि हादसे हुए। शिकायतें हुईं और समाधान के आश्वासन दिए। अगर कुछ नहीं हुआ तो वह 35 ब्लैक स्पॉट और 152 हॉट स्पॉट पर काम है। जी हां! आम लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारों की सजगता की बानगी मंगलवार को संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति व जिला विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में दिखी। एक साल बीत गए लेकिन तीनों प्राधिकरण ने सड़क दुर्घटना क्षेत्र के 35 ब्लैक स्पॉट पर काम ही नहीं किया। प्रशासन ने नवंबर में 152 हॉट स्पॉट की सूची सौंपते हुए 10 दिन में जो रिपोर्ट मांगी थी उसे भी अब तक नहीं दिया। इतना ही नहीं, इंजीनियर युवराज की मौत की घटना के बाद भी प्राधिकरणों के उच्च अधिकारियों ने बैठक शामिल होना जरूरी नहीं समझा।

नोएडा स्थित कैंप कार्यालय में मंगलवार को सांसद डॉ. महेश शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सामने आया कि प्रशासन ने नवंबर में जिले के 152 हाई रिस्क हॉट स्पॉट की सूची तैयार की थी। वहां सुधार करने के लिए तीनों प्राधिकरण को सूची भेजी गई और 10 दिन में सुधार के इंतजाम कर रिपोर्ट मांगी थी। सूची को दो बार भेजा गया लेकिन प्राधिकरण ने कोई रिपोर्ट नहीं दी न ही प्राधिकरण के अफसर इस बैठक में पहुंचे। इसके अलावा पिछली वार्षिक बैठक में चिह्नित सड़क दुर्घटनाओं के 35 ब्लैक स्पॉट पर भी काम नहीं किया।

 

Noida News:

अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचारअलाव के धुएं पर बढ़ा विवाद हथियार से काटी युवती की नाकशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जेवर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अलाव के धुएं को लेकर विवाद में हो गया। आरोप है कि एक पक्ष ने हथियार से युवती की नाक काट दी। उसके पिता को भी घायल कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह श्रमिकों को ठेके पर काम दिलाता है। घर के बाहर वह दुकान भी चलाता है। शनिवार शाम करीब 7 बजे वह अपनी दुकान पर बैठा था। इस दौरान घर के सामने उसकी मां अलाव जलाकर हाथ सेंक रही थीं। इस दौरान पड़ोसी राकेश, हिमांशु और कपिल धुएं से परेशानी होने की शिकायत करते हुए गालीगलौज करने लगे। इस पर उसकी दो बेटियों ने विरोध किया तो आरोपियों ने उनसे भी गालीगलौज की।

आरोप है कि तीनों ने बेटियों और उसके साथ मारपीट की। इस दौरान एक और बेटी बाहर आई तो आरोपियों ने युवती की नाक धारदार हथियार से काट दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे। आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। युवती का उपचार नजदीक के निजी अस्पताल में किया गया। हालांकि थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि मामूली विवाद में दो पक्षों में मारपीट हुई। इसमें एक पक्ष की युवती को नाक में हल्की चोट आई है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

 

Hindi News:

अमर उजाला ने 28 जनवरी 2026 के अंक में प्रमुख समाचार साली पर चाकू से वारकर 16वीं मंजिल से कूदा इंजीनियर, मौतशीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेनो वेस्ट की पैरामाउंट इमोशंस सोसायटी में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की आत्महत्या का मामला सामने आया है। बताया गया कि सी टावर में रहने वाले शत्रुघ्न सिन्हा (38) ने पत्नी से विवाद होने के बाद साली को चाकू मार दिया। जब पत्नी ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो वह 16वें फ्लोर से कूद गए। आननफानन उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बिसरख पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। एसीपी सेंट्रल नोएडा पवन कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में घरेलू कलह, छह समय से बेरोजगारी और शराब के नशे बात सामने आई है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पत्नी और साली पर हमले के आरोपों की भी जांच की जा रही है। साली को आई चोटों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अभी तहरीर नहीं मिली है।

 

Noida News: समाचार दैनिक जागरण से


दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 28 जनवरी 2026 का प्रमुख समाचारखतरनाक स्पाट में सुधार करने के लिए सांसद ने दिए निर्देशशीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि  सड़क की खामी के चलते युवा साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद सरकारी अमले की नींद टूटी है। संसद सदस्य सड़क सुरक्षा की बैठक में उच्च प्रशासनिक और प्राधिकरण अधिकारी पहली बार नजर आए। यह बैठक जिलाधिकारी के सेक्टर-27 स्थित कैंप कार्यालय में हुई। सड़क सुरक्षा पर सांसद डा. महेश शर्मा ने सख्ती दिखाई। आरडब्ल्यूए और एओए के माध्यम से संपर्क कर खतरनाक सड़क और स्पाट की रिपोर्ट सात दिन के अंदर प्रशासनिक और प्राधिकरण अधिकारियों से मांगी है।

समिति की ओर से ब्लैक स्पाट, बिना स्ट्रीट लाइट की सड़कें, खतरनाक मोड समेत सड़कों पर चिह्नित की गईं अन्य कमियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। सांसद ने इन कमियों में सुधार कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। 15 दिन बाद फिर बैठक होगी। इन कार्यों में सुधार कार्य करने की समयसीमा तय की जाएगी। यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और प्राधिकरण कर्मी संबंधित एओए और आरडब्ल्यूए से संपर्क करेगा। एओए और आरडब्ल्यूए अपने स्तर से खराब और खतरनाक सड़कों की रिपोर्ट बनाएंगी। संबंधित को सात दिन के अंदर यह रिपोर्ट उनसे कार्यों के लिए लेनी होगी। सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में सख्त निगरानी व ठोस कार्ययोजना तैयार करने के तीनों प्राधिकरण अधिकारियों को निर्देश दिए। नए ब्लैक स्पाट सुधार कार्यों में तेजी व 152 पूर्व में नवंबर में चिह्नित हाई रिस्क हाटस्पाट्स पर की गई कार्रवाई की समीक्षा कर सांसद ने रिपोर्ट मांगी। 10 दिन में इसका अनुपालन मांगा गया। यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों को 35 नए चिह्नित ब्लैक स्पाट सुधार कार्यों में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया। स्पीड ब्रेकर का वैज्ञानिक ढंग से निर्माण, स्पष्ट एवं रिफ्लेक्टिव चेतावनी संकेतक, दिशा सूचक बोर्ड, प्रभावी ट्रैफिक सिग्नल, रोड मार्किंग, पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए निर्देशित किया। ब्लैक स्पाट में सुधार कार्य के बाद भौतिक सत्यापन कराने के लिए भी निर्देशित किया है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी समेत जिला प्रशासन व तीनों प्राधिकरण के अधिकारी रहे।  

 

दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार  एमडीपी में शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स विकसित करेगी उन्नत जीवनरक्षक चिकित्सा तकनीक शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि इन्वेस्ट यूपी की पहल पर यमुना प्राधिकरण द्वारा मेडिकल डिवाइसेज पार्क (एमडीपी) के अंतर्गत 10 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर आफ इंटेंट) शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को प्रदान किया। इस मौके पर यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया व शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के ग्रुप मुख्य कार्यपालक अधिकारी व ग्लोबल हेड डा. मिनाक्षी लाटे, मुख्य परिचालन अधिकारी गौरव शोकीन, उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, बिजनेस यूनिट हेड कामिनी भारती उपस्थित रहे। कंपनी 900 से अधिक प्रत्यक्ष व 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराएगी, जिनमें विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास, गुणवत्ता, नियामक, बिक्री, मार्केटिंग व संबद्ध सेवाएं शामिल हैं। 587 करोड़ के निवेश के साथ स्थापित होने वाला यह मेडटेक पार्क स्थानीय रोजगार और कौशल विकास पर विशेष जोर देगा, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित होगा और उत्तर प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाया जा सकेगा।


मेडिकल डिवाइसेज पार्क में शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड विश्व की सबसे उन्नत एवं जीवनरक्षक चिकित्सा तकनीकों का निर्माण करेगी, जिससे भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नवाचार के अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया जाएगा। यहां कंपनी अत्याधुनिक सुविधा बीएनसीटी (बोरोन न्यू कैप्चर थैरेपी) का उत्पादन करेगी, जिसे जटिल कैंसर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए सबसे उन्नत उपचार पद्धतियों में से एक माना जाता है। साथ ही रेडियोलाजी व इमेजिंग उपकरणों की व्यापक श्रृंखला का निर्माण किया जाएगा, जिनमें सीटी स्कैनर, एमआरआइ, पीईटी स्कैन, एक्सरे तथा अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनें शामिल हैं। मेडिकल डिवाइसेज पार्क में हृदय संबंधी इम्प्लांट्स जैसे हार्ट वाल्व, स्टेंट्स और लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइसेज का भी निर्माण होगा, जो गंभीर हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों के उपचार में सहायक होंगे। वेंटिलेटर और आक्सीजन कंसंट्रेटर जैसे रेस्पिरेटरी सपोर्ट उत्पादों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। परियोजना का एक प्रमुख आकर्षण मेडिकल रोबोटिक सिस्टम्स का विकास होगा, जिनमें साफ्ट टिश्यू सर्जिकल रोबोट्स, आर्थोपेडिक रोबोटिक सिस्टम्स, डेंटल रोबोटिक सिस्टम्स व न्यूरो-स्पाइन रोबोटिक सिस्टम्स शामिल हैं, जो शल्य चिकित्सा में नवाचार को बढ़ावा देंगे। 

 

दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 28 जनवरी का प्रमुख समाचार नोएडा-ग्रेनो लिंक रोड के लिए हरनंदी पर पुल का निर्माण तेजशीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच एक और वैकल्पिक मार्ग को जल्द शुरू करने की तैयारी है। नालेज पार्क तीन से नोएडा के सेक्टर 146-147 के बीच हरनंदी नदी पर बन रहे पुल का 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने मंगलवार को और एप्रोच रोड का जायजा लिया और शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन को और आसान बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा के नालेज पार्क तीन से नोएडा के सेक्टर 146-147 के बीच हरनंदी नदी पर पुल का निर्माण तेजी से हो रहा है। इसके दोनों तरफ एप्रोच रोड नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बनवा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा की तरफ एप्रोच रोड की लंबाई लगभग एक किलोमीटर है, जिसे बनाने में लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। प्राधिकरण इसे शीघ्र बनाने के लिए प्रयासरत है। सीईओ एनजी रवि कुमार ने ग्रेटर नोएडा की तरफ एप्रोच रोड का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोग इस वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही कर सकें। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने मंगलवार को एप्रोच रोड का जायजा लिया और इस कार्य को देख रहे वर्क सर्किल-पांच की टीम को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने बताया कि अब तक 50 प्रतिशत कार्य हो चुका है। शेष कार्य पूरा होने में छह माह का समय लगेगा। हिंडन पर पुल का निर्माण ब्रिज कार्पोरेशन की निगरानी में चल रहा है। पुल तैयार होने में इतना ही समय लगने की उम्मीद है, तब तक नोएडा की तरफ एप्रोच रोड भी बन जाएगी और इस मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बनने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वालों को एक और वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। परी चौक पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। 

 

Noida News:

संबंधित खबरें