ग्रेटर नोएडा में विदेश नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, युवाओं से ठगे लाखों
ग्रेटर नोएडा में इस रैकेट का भंडाफोड़ तब हुआ, जब विदेश रवाना होने की तैयारी में कुछ पीड़ित एयरपोर्ट और दूतावास पहुंचे। वहां जांच के दौरान उन्हें पता चला कि जिन दस्तावेजों के सहारे वे यात्रा करने जा रहे हैं, वे पूरी तरह नकली हैं। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फिनलैंड, रूस, पोलैंड समेत यूरोपीय देशों में रोजगार और वर्क वीजा दिलाने का भरोसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूल रहा था। शुरुआती जांच में कम से कम 28 पीड़ितों के साथ ठगी की बात सामने आई है। आरोप है कि गिरोह हर व्यक्ति से 80 हजार से 1 लाख रुपये तक लेकर फर्जी वीजा थमा देता था। ग्रेटर नोएडा में इस रैकेट का भंडाफोड़ तब हुआ, जब विदेश रवाना होने की तैयारी में कुछ पीड़ित एयरपोर्ट और दूतावास पहुंचे। वहां जांच के दौरान उन्हें पता चला कि जिन दस्तावेजों के सहारे वे यात्रा करने जा रहे हैं, वे पूरी तरह नकली हैं। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई।
गौर सिटी मॉल से चल रहा था फर्जी जॉब नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी मॉल की नौवीं मंजिल पर ‘स्काई वीजा वेंचर’ नाम से एक ऑफिस संचालित किया जा रहा था। इसी दफ्तर से कथित तौर पर विदेश नौकरी और वर्क वीजा का पूरा खेल चलाया जा रहा था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो बेहतर कमाई और विदेश में रोजगार की तलाश में थे। पीड़ितों से संपर्क होने के बाद उन्हें फिनलैंड, रूस और पोलैंड जैसे देशों में नौकरी का लालच दिया जाता था। भरोसा जीतने के बाद उनसे पासपोर्ट लिए जाते और मोटी रकम वसूली जाती। बाद में उन्हें व्हाट्सएप पर वीजा भेज दिया जाता, जिसे असली बताकर विदेश यात्रा की तैयारी करने को कहा जाता था।
शिकायत के बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस हरकत में आई
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब गाजियाबाद के नंदग्राम निवासी मोहम्मद अनीस ने बिसरख थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें और 27 अन्य लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर ठगा गया है। शिकायत मिलते ही ग्रेटर नोएडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए 35 वर्षीय सक्षम शर्मा उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर लिया। उसे एटीएस रोड, बिसरख क्षेत्र से पकड़ा गया। मामले में उसका एक साथी, राजीव शर्मा उर्फ सुरेंद्र, अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
एयरपोर्ट पर खुली फर्जी वीजा की पोल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह ने पीड़ितों को इतने भरोसे के साथ जाली दस्तावेज दिए थे कि वे बिना शक किए यात्रा की तैयारी में जुट गए। लेकिन जैसे ही वे एयरपोर्ट या संबंधित दूतावास पहुंचे, दस्तावेजों की सच्चाई सामने आ गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि वीजा पूरी तरह फर्जी थे। यहीं से ग्रेटर नोएडा से संचालित इस कथित अंतरराष्ट्रीय जॉब फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश हुआ। बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले चार से पांच महीनों से ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय थे। सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर वे बेरोजगार युवाओं और विदेश में काम करने के इच्छुक लोगों को जाल में फंसा रहे थे।
आरोपी के पास से क्या-क्या मिला
गिरफ्तार आरोपी सक्षम शर्मा के पास से पुलिस को कई ऐसे दस्तावेज और सामान मिले हैं, जिन्होंने इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें खोल दी हैं। बरामदगी में 8 पासपोर्ट, 24 कथित फर्जी वीजा की कॉपी, 90 विजिटिंग कार्ड, ‘स्काई वीजा वेंचर’ के 37 लेटर पैड, 2 फर्जी मुहरें और 47 हजार रुपये नकद शामिल हैं। इन सामानों से साफ संकेत मिलता है कि ग्रेटर नोएडा में बैठकर यह गिरोह बेहद सुनियोजित ढंग से विदेश नौकरी के नाम पर लोगों को जाल में फंसा रहा था। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच आगे बढ़ा रही है कि इस रैकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और अब तक कितने बेरोजगार युवाओं को इसका शिकार बनाया जा चुका है।
पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। उस पर मेरठ और पानीपत में मुकदमे चल रहे हैं। ऐसे में पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह रैकेट कई शहरों में फैला हुआ नेटवर्क तो नहीं है। Greater Noida News
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फिनलैंड, रूस, पोलैंड समेत यूरोपीय देशों में रोजगार और वर्क वीजा दिलाने का भरोसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूल रहा था। शुरुआती जांच में कम से कम 28 पीड़ितों के साथ ठगी की बात सामने आई है। आरोप है कि गिरोह हर व्यक्ति से 80 हजार से 1 लाख रुपये तक लेकर फर्जी वीजा थमा देता था। ग्रेटर नोएडा में इस रैकेट का भंडाफोड़ तब हुआ, जब विदेश रवाना होने की तैयारी में कुछ पीड़ित एयरपोर्ट और दूतावास पहुंचे। वहां जांच के दौरान उन्हें पता चला कि जिन दस्तावेजों के सहारे वे यात्रा करने जा रहे हैं, वे पूरी तरह नकली हैं। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई।
गौर सिटी मॉल से चल रहा था फर्जी जॉब नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी मॉल की नौवीं मंजिल पर ‘स्काई वीजा वेंचर’ नाम से एक ऑफिस संचालित किया जा रहा था। इसी दफ्तर से कथित तौर पर विदेश नौकरी और वर्क वीजा का पूरा खेल चलाया जा रहा था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जो बेहतर कमाई और विदेश में रोजगार की तलाश में थे। पीड़ितों से संपर्क होने के बाद उन्हें फिनलैंड, रूस और पोलैंड जैसे देशों में नौकरी का लालच दिया जाता था। भरोसा जीतने के बाद उनसे पासपोर्ट लिए जाते और मोटी रकम वसूली जाती। बाद में उन्हें व्हाट्सएप पर वीजा भेज दिया जाता, जिसे असली बताकर विदेश यात्रा की तैयारी करने को कहा जाता था।
शिकायत के बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस हरकत में आई
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब गाजियाबाद के नंदग्राम निवासी मोहम्मद अनीस ने बिसरख थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें और 27 अन्य लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर ठगा गया है। शिकायत मिलते ही ग्रेटर नोएडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए 35 वर्षीय सक्षम शर्मा उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर लिया। उसे एटीएस रोड, बिसरख क्षेत्र से पकड़ा गया। मामले में उसका एक साथी, राजीव शर्मा उर्फ सुरेंद्र, अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
एयरपोर्ट पर खुली फर्जी वीजा की पोल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह ने पीड़ितों को इतने भरोसे के साथ जाली दस्तावेज दिए थे कि वे बिना शक किए यात्रा की तैयारी में जुट गए। लेकिन जैसे ही वे एयरपोर्ट या संबंधित दूतावास पहुंचे, दस्तावेजों की सच्चाई सामने आ गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि वीजा पूरी तरह फर्जी थे। यहीं से ग्रेटर नोएडा से संचालित इस कथित अंतरराष्ट्रीय जॉब फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश हुआ। बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले चार से पांच महीनों से ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय थे। सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर वे बेरोजगार युवाओं और विदेश में काम करने के इच्छुक लोगों को जाल में फंसा रहे थे।
आरोपी के पास से क्या-क्या मिला
गिरफ्तार आरोपी सक्षम शर्मा के पास से पुलिस को कई ऐसे दस्तावेज और सामान मिले हैं, जिन्होंने इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें खोल दी हैं। बरामदगी में 8 पासपोर्ट, 24 कथित फर्जी वीजा की कॉपी, 90 विजिटिंग कार्ड, ‘स्काई वीजा वेंचर’ के 37 लेटर पैड, 2 फर्जी मुहरें और 47 हजार रुपये नकद शामिल हैं। इन सामानों से साफ संकेत मिलता है कि ग्रेटर नोएडा में बैठकर यह गिरोह बेहद सुनियोजित ढंग से विदेश नौकरी के नाम पर लोगों को जाल में फंसा रहा था। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच आगे बढ़ा रही है कि इस रैकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और अब तक कितने बेरोजगार युवाओं को इसका शिकार बनाया जा चुका है।
पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। उस पर मेरठ और पानीपत में मुकदमे चल रहे हैं। ऐसे में पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह रैकेट कई शहरों में फैला हुआ नेटवर्क तो नहीं है। Greater Noida News












