ग्रेटर नोएडा में अवैध अतिक्रमण पर ताबरतोड़ एक्शन, रोहिल्लापुर में गरजा बुलडोजर
प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक यह जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आती है और यहां बिना अनुमति निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। बताया गया कि कुछ कालोनाइजर डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग कर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश कर रहे थे।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सख्ती लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण ने रोहिल्लापुर गांव के हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए करीब 18,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान डूब क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माणों को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक यह जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आती है और यहां बिना अनुमति निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। बताया गया कि कुछ कालोनाइजर डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग कर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश कर रहे थे। सूचना मिलते ही प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर परियोजना और भूलेख विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
पुलिस सहयोग से चला ध्वस्तीकरण अभियान
प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-3 की टीम ने पुलिस बल के सहयोग से ध्वस्तीकरण कराया। अभियान वर्क सर्किल-3 प्रभारी राजेश कुमार निम के नेतृत्व में चलाया गया। टीम में प्रबंधक लव शंकर भारती समेत अन्य कर्मचारी और प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन में अवैध निर्माण पूरी तरह हटाकर क्षेत्र को खाली कराया गया।
खसरा संख्या 22 और 33 में थी डूब क्षेत्र की जमीन
प्राधिकरण के अनुसार रोहिल्लापुर की खसरा संख्या 22 व 33 की यह जमीन हिंडन के डूब क्षेत्र में दर्ज है। डूब एरिया में प्लॉटिंग की शिकायत मिलने के बाद स्थल का निरीक्षण कराया गया और फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय की गई। प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि शिकायत की पुष्टि होने पर तुरंत कार्रवाई की गई, ताकि डूब क्षेत्र में अवैध बसावट न पनप सके। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र में प्राधिकरण की अनुमति और नक्शा स्वीकृत कराए बिना निर्माण करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी प्लॉट/जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से जानकारी जरूर लें, ताकि अवैध कॉलोनी में अपनी मेहनत की कमाई फंसने से बचाई जा सके। Greater Noida News
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सख्ती लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण ने रोहिल्लापुर गांव के हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए करीब 18,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान डूब क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माणों को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक यह जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आती है और यहां बिना अनुमति निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। बताया गया कि कुछ कालोनाइजर डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग कर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश कर रहे थे। सूचना मिलते ही प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर परियोजना और भूलेख विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
पुलिस सहयोग से चला ध्वस्तीकरण अभियान
प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-3 की टीम ने पुलिस बल के सहयोग से ध्वस्तीकरण कराया। अभियान वर्क सर्किल-3 प्रभारी राजेश कुमार निम के नेतृत्व में चलाया गया। टीम में प्रबंधक लव शंकर भारती समेत अन्य कर्मचारी और प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन में अवैध निर्माण पूरी तरह हटाकर क्षेत्र को खाली कराया गया।
खसरा संख्या 22 और 33 में थी डूब क्षेत्र की जमीन
प्राधिकरण के अनुसार रोहिल्लापुर की खसरा संख्या 22 व 33 की यह जमीन हिंडन के डूब क्षेत्र में दर्ज है। डूब एरिया में प्लॉटिंग की शिकायत मिलने के बाद स्थल का निरीक्षण कराया गया और फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय की गई। प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि शिकायत की पुष्टि होने पर तुरंत कार्रवाई की गई, ताकि डूब क्षेत्र में अवैध बसावट न पनप सके। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र में प्राधिकरण की अनुमति और नक्शा स्वीकृत कराए बिना निर्माण करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी प्लॉट/जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से जानकारी जरूर लें, ताकि अवैध कॉलोनी में अपनी मेहनत की कमाई फंसने से बचाई जा सके। Greater Noida News












