इसके बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठे, राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई और मामला देश के बाहर तक चर्चा में पहुंच गया। इसी पूरे घटनाक्रम में ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटियाज यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह का नाम भी तेजी से सर्च होने लगा है।

Greater Noida News : नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे AI समिट से जुड़ी एक वीडियो क्लिप सामने आने के बाद ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी अचानक विवाद के घेरे में आ गई है। आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र एक रोबोट डेमो बना, जिसे लेकर यह दावा किया जा रहा है कि बातचीत के दौरान उसे गलगोटियाज का विकसित प्रोजेक्ट बताने जैसी बात कही गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठे, राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई और मामला देश के बाहर तक चर्चा में पहुंच गया। इसी पूरे घटनाक्रम में ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटियाज यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह का नाम भी तेजी से सर्च होने लगा है।
AI समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी की तरफ से बतौर प्रोफेसर-रिप्रेजेंटेटिव मौजूद नेहा सिंह ने देश के प्रसिद्ध टीवी चैनल DD News से बातचीत में कथित रूप से यह कहा/संकेत दिया कि चर्चा में आया रोबोट गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित किया गया है। इसी बयान को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या यह रोबोट वास्तव में ग्रेटर नोएडा के संस्थान का प्रोजेक्ट था, या बातचीत में बात गलत तरह से सामने आ गई? विवाद बढ़ते ही यह मुद्दा राजनीतिक बहस और ऑनलाइन ट्रोलिंग दोनों का हिस्सा बन गया। बयान के बाद बढ़ते हंगामे के बीच गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि संस्था ने किसी चीनी रोबोट को अपना बताने का दावा नहीं किया। यूनिवर्सिटी का कहना है कि यह मामला गलतफहमी/गलत प्रस्तुति के चलते तूल पकड़ गया।
नेहा सिंह के प्रोफेशनल बैकग्राउंड को लेकर अब तस्वीर काफी हद तक साफ होती दिख रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn प्रोफाइल में दर्ज जानकारी के अनुसार, वह नवंबर 2023 से ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटियाज यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी में भी अगस्त 2022 से अक्टूबर 2023 तक इसी पद पर सेवाएं दीं। उनके करियर का एक अहम हिस्सा नोएडा एक्सटेंशन से भी जुड़ा रहा, जहां वह अप्रैल 2019 से जुलाई 2022 के बीच वर्बल एबिलिटी मेंटर, सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर और करियर लॉन्चर जैसी भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं। वहीं, मई 2018 से दिसंबर 2019 तक वह GITAM Deemed University में भी असिस्टेंट प्रोफेसर रही हैं। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से MBA और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से B.Com (फर्स्ट डिविजन) किया है।
इस मामले पर प्रोफेसर नेहा सिंह की तरफ से यह बात सामने आई कि वह अपनी बात को सही तरीके से लोगों तक नहीं पहुंचा पाईं, और इसके लिए वह जिम्मेदारी लेती हैं। वहीं यूनिवर्सिटी ने भी माफी/स्पष्टीकरण जारी किया। इसी बीच चर्चा है कि भारत मंडपम में लगे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल को खाली करने के लिए भी कहा गया है। Greater Noida News