दीपावली पर घर जाने के लिए ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। निजी बस संचालकों पर दोगुना किराया मांगने के आरोप, जबकि परिवहन निगम ने 305 बसों और 900 अतिरिक्त फेरों की योजना बनाई थी।

Greater Noida News: दीपावली के पर्व पर अपने घरों की तरफ जाने वाले नागरिकों के साथ गे्रटर नोएडा में बड़ी लूट हो गई है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में प्राइवेट बसों को चलाने वाले प्राइवेट बसों के मालिकों ने यह लूट की है। इस लूट के कारण प्राइवेट बसों के मालिकों की तो दीपावली मजेदार हो गई किन्तु बसों में यात्रा करने वाले नागरिकों का तो दिवाला निकाल दिया गया है। हम यहां इस लूट का पूरा विवरण आपको विस्तार से बता रहे हैं।
आपको बता दें कि दीपावली का त्योहार अपने परिवार के साथ मनाने के लिए घर जाने की खुशी उस समय परेशानी में बदल गई, जब ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे स्थित जीरो पॉइंट पर यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। किसी को आगरा जाना है तो किसी को लखनऊ, देवरिया और बिहार के पटना पहुंचना है। लेकिन बसों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि बसों का इंतजार करने के साथ-साथ यात्रियों को निजी बस संचालकों की कथित मनमानी और सामान्य से दोगुना किराया मांगने की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। त्योहार पर अपने घर पहुंचने की जल्दबाजी में लोग अतिरिक्त पैसे देने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं। कई यात्रियों ने पहले से ऑनलाइन टिकट बुक कराया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद निर्धारित समय पर बस नहीं पहुंचने की शिकायत सामने आई है। हालात ऐसे हैं कि छोटे बच्चों और परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों को खुले आसमान के नीचे घंटों बैठकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें : ट्रेन बनी जी का जंजाल, गेट पर लटक कर करनी पड़ रही है यात्रा
दीपावली के अवसर पर दिल्ली-एनसीआर में काम करने वाले लाखों लोग अपने पैतृक गांव और शहरों की ओर रवाना होते हैं। ग्रेटर नोएडा भी एक बड़ा औद्योगिक और रोजगार केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में दूसरे जिलों और राज्यों से आए कामगार, कर्मचारी और नौकरीपेशा लोग रहते हैं। दीपावली पर छुट्टियां शुरू होते ही इन लोगों का अपने घरों की तरफ जाना शुरू हो गया है। इसी वजह से ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। 7 नवंबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, जीरो पॉइंट पर शुक्रवार को यात्रियों की भारी भीड़ जमा रही। लोग आगरा, लखनऊ, देवरिया और पटना समेत विभिन्न शहरों में जाने के लिए बसों का इंतजार करते रहे। स्थिति यह रही कि कई यात्रियों को तीन से चार घंटे तक इंतजार करने के बावजूद बस नहीं मिल सकी। बसों की प्रतीक्षा में परिवारों के साथ आए लोगों को सड़क किनारे बैठना पड़ा।
यात्रियों की परेशानी केवल बसों की कमी तक सीमित नहीं है। कई लोगों ने यात्रा से पहले ऑनलाइन टिकट बुक करा लिया था, ताकि त्योहार के समय उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन यात्रियों का आरोप है कि ऑनलाइन टिकट बुक होने के बावजूद निर्धारित समय पर बस नहीं पहुंची। ऐसे में यात्रियों को बस अड्डे और सड़क किनारे घंटों इंतजार करना पड़ा। यात्रियों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि त्योहार के समय ट्रेनों में भी आसानी से कन्फर्म टिकट नहीं मिलते। ऐसे में जिन लोगों ने बसों के माध्यम से घर पहुंचने की योजना बनाई थी, उनके लिए भी सफर मुश्किल हो गया है। परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को लंबे समय तक बस का इंतजार करना पड़ रहा है।
ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर यात्रियों की परेशानी के बीच निजी बस संचालकों पर मनमाना किराया वसूलने के आरोप भी सामने आए हैं। यात्रियों का कहना है कि सामान्य दिनों में जिस यात्रा के लिए निर्धारित किराया लिया जाता है, त्योहार के दौरान उसी यात्रा के लिए निजी बस संचालक दोगुने तक पैसे मांग रहे हैं। कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया है कि अधिक किराया देने से इनकार करने पर उन्हें बस में बैठाने से भी मना किया जा रहा है। इस स्थिति में यात्रियों के सामने दोहरी मुश्किल खड़ी हो गई है। एक तरफ उन्हें बस मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, दूसरी तरफ घर पहुंचने के लिए अपनी जेब से अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
यह भी पढ़ें : दिवाली पर पटाखे जलाने से पहले सावधान ! नोएडा प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर बसों की कमी और यात्रियों की परेशानी का मामला केवल इस साल तक सीमित नहीं दिखाई देता। त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पूजा के दौरान पूर्वांचल तथा बिहार की तरफ जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ग्रेटर नोएडा और नोएडा में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं जिनके परिवार उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के जिलों तथा बिहार में रहते हैं। सामान्य दिनों में उपलब्ध बस सेवाएं त्योहारों के दौरान बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में अपर्याप्त साबित हो सकती हैं। यात्रियों का कहना है कि त्योहारों की तारीखें पहले से निर्धारित होती हैं। इसके बावजूद हर साल बसों की कमी और किराये को लेकर ऐसी शिकायतें सामने आना परिवहन व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।
दिलचस्प बात यह है कि दीपावली, भाई दूज और छठ पूजा पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने विशेष बस संचालन की योजना भी बनाई थी। इस योजना के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो की कुल 305 बसों से 6 नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक 900 अतिरिक्त फेरे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। योजना में यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रात के समय भी बसों का संचालन करने की तैयारी शामिल थी। इसके अलावा चालक और परिचालकों की छुट्टियां रद्द करने तथा अतिरिक्त ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था भी की गई थी। परिवहन निगम की योजना के अनुसार, त्योहार के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए बसों की उपलब्धता बढ़ाई जानी थी।
ग्रेटर नोएडा और नोएडा में रहने वाले बड़ी संख्या में कामगार और नौकरीपेशा लोग पूर्वांचल तथा बिहार के अलग-अलग जिलों में अपने घर जाते हैं। इनमें गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया और बिहार के विभिन्न शहरों की तरफ जाने वाले यात्री शामिल हैं। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में आरक्षित सीटों की उपलब्धता कम होने के कारण बड़ी संख्या में लोग निजी बसों का सहारा लेते हैं। ऐसे में यदि बसों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती तो निजी बस संचालकों पर यात्रियों की निर्भरता बढ़ जाती है। इसका असर किराये और यात्रियों की सुविधाओं पर भी पड़ता है।
यह भी पढ़ें : दिवाली से पहले ग्रेटर नोएडा की सड़कों और गांवों में जगमगाई रोशनी
जीरो पॉइंट पर पैदा हुई स्थिति को देखते हुए यात्रियों को राहत देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है।
1. अतिरिक्त बसों का संचालन: आगरा, लखनऊ, पूर्वांचल और बिहार की तरफ जाने वाले प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की संख्या के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाई जाएं।
2. निजी बसों के किराये पर निगरानी: निजी बस संचालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों की जांच की जाए।
3. ऑनलाइन बुकिंग की जवाबदेही: टिकट बुक होने के बाद निर्धारित समय पर बस उपलब्ध नहीं कराने वाली ट्रैवल एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
4. जीरो पॉइंट पर विशेष व्यवस्था: यात्रियों के बैठने, पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं का इंतजाम किया जाए।
5. ओवरलोडिंग पर रोक: बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने और असुरक्षित तरीके से सफर कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
6. रात में भी बसों की उपलब्धता: यात्रियों की भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाए।
दीपावली भारत का सबसे बड़ा त्योहार है। इस अवसर पर हर व्यक्ति अपने परिवार और प्रियजनों के साथ खुशियां बांटना चाहता है। विशेष रूप से दूसरे शहरों में नौकरी और मजदूरी करने वाले लोग पूरे साल इस त्योहार का इंतजार करते हैं। लेकिन जब घर पहुंचने के लिए उन्हें घंटों बसों का इंतजार करना पड़े और इसके बाद भी सामान्य से दोगुना किराया देना पड़े तो त्योहार की खुशियां फीकी पड़ जाती हैं। ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर सामने आई यह स्थिति परिवहन निगम, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। जरूरत इस बात की है कि केवल अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा तक व्यवस्था सीमित न रहे, बल्कि मौके पर यात्रियों को वास्तव में बसें उपलब्ध हों। साथ ही निजी बस संचालकों की मनमानी पर प्रभावी निगरानी की जाए, ताकि दीपावली पर घर जाने वाले लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती सफर मिल सके।
विज्ञापन