Tuesday, 16 April 2024

जेवर एयरपोर्ट के आस पास खर्च होंगे हजारों करोड़ रुपये,पेश होगा सात हज़ार करोड रुपए का बजट

Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर की बगल में जेवर एयरपोर्ट स्थापित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट…

जेवर एयरपोर्ट के आस पास खर्च होंगे हजारों करोड़ रुपये,पेश होगा सात हज़ार करोड रुपए का बजट

Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर की बगल में जेवर एयरपोर्ट स्थापित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन रहा है। जेवर एयरपोर्ट बनने से इसके आसपास विकास की गति कई गुना बढ़ गई है। जेवर एयरपोर्ट के पास विकास को और अधिक गति प्रदान करने के मकसद से यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) हजारों करोड रुपए खर्च करेगा। यीडा ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास के विकास को तेज करने के मकसद से 7000 करोड रुपए का बजट तैयार कर लिया है। यीडा का बजट 26 फरवरी को यीडा के बोर्ड की बैठक में पास किया जाएगा।

सबसे बड़ा बजट

आपको बता दें कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकास को गति देने के मकसद से यीडा ने अब तक का सबसे बड़ा बजट बनाया है अगले वित्त वर्ष 2023-24 के बनाया गया यीडा का बजट 7000 करोड रुपए का है। जेवर एयरपोर्ट से सितंबर 2024 में फ्लाइट उडनी शुरू हो जाएंगी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यीडा ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में विकास की तमाम गतिविधियों को बढ़ाने की रणनीति के तहत 7000 करोड़ रुपए का बजट तैयार किया है। इस बजट में जेवर एयरपोर्ट के साथ ही साथ जेवर एयरपोर्ट के पास ही एविएशन हब तथा लॉजिस्टिक हब बनाने की योजना को भी बजट में शामिल किया गया है।

तेज होगी विकास की गति

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यीडा के CEO डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की परियोजनाओं को गति देने और यीडा सिटी में बेहतर ढांचागत संसाधन विकसित करने के लिए सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट तैयार किया गया है।
जमीन अधिग्रहण, औद्योगिक व आवासीय सेक्टरों में ढांचागत संसाधनों को विकसित और पुराने सेक्टरों को दुरुस्त करने एवं मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी में बजट की परेशानी नहीं होगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में इस पर विशेष जोर दिया जाएगा। यीडा का बजट 26 फरवरी को पेश किया जा सकता है जो अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। अनुमति के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि दरअसल, यमुना प्राधिकरण नोएडा एयरपोर्ट के पास छह नए सेक्टर विकसित करने जा रहा है, जो आवासीय, औद्योगिक और मिश्रित भू-उपयोग के होंगे। इसके लिए 1500 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की जाएगी। साथ ही, एयरपोर्ट के विस्तार के तहत एविएशन हब और लॉजिस्टिक हब के लिए भी अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुल 5000 हेक्टेयर का लैंडबैंक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, नोएडा एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने से पहले यीडा सिटी के सेक्टरों में ढांचागत संसाधन सड़क, सीवर, नाली, बिजली आदि के काम पूरे के किए जाने हैं। नोएडा एयरपोर्ट को जोडऩे के लिए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर काम चल रहा है। आगामी बजट में इन पर सबसे अधिक जोर दिया जाएगा, ताकि पैसे की कमी न हो।

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