Monday, 24 June 2024

श्रीलंका से लेकर चीन तक बज रहा है भारत का डंका, सुनाई दे रहा है साफ

Sri Lanka News : श्रीलंका से लेकर चीन तक भारत देश का डंका बज रहा है। श्रीलंका में भारत की…

श्रीलंका से लेकर चीन तक बज रहा है भारत का डंका, सुनाई दे रहा है साफ

Sri Lanka News : श्रीलंका से लेकर चीन तक भारत देश का डंका बज रहा है। श्रीलंका में भारत की नई पहल के कारण पूरा श्रीलंका तो खुश है। दूसरी तरफ भारत की श्रीलंका में बढ़ रही गतिविधियों के कारण चीन परेशान है। चीन से लेकर श्रीलंका तक बज रहे भारत के डंके की इस गूंज के विषय में हम आपको विस्तार से बता रहे हैं। इससे पहले हम आपको श्रीलंका, अमेरिका तथा लंदन में भारत की जय-जयकार को विस्तार से बता चुके हैं।

श्रीलंका में भारतर की बड़ी पहल

भारत श्रीलंका में बड़ी पहल की तरफ कदम आगे बढ़ा चुका है। दरअसल भारत की अगली सरकार पड़ोसी देश श्रीलंका को तीन बड़ी परियोजनाओं का तोहफा देगी। पहला होगा भारत और श्रीलंका के बीच समुद्र में एक पुल का निर्माण का करना। दूसरा, श्रीलंका के बिजली वितरण सेक्टर को भारत के पावर ग्रिड से जोडऩा और तीसरी परियोजना होगी। भारत तथा श्रीलंका के बीच गैस व तेल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बनाना। यह तीनों परियोजनाओं के लिए बातचीत पिछले साल जब श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे नई दिल्ली आये थे तब पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ हुई थी। भारत में चल रहे चुनाव के बावजूद भारत तथा श्रीलंका की सरकारों के बीच उक्त तीनों परियोजनाओं के लिए बातचीत जारी है। इसकी जानकारी स्वयं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दी है।

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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उद्योग जगत सीआईआई के एक सेमिनार में अभिभाषण देने के बाद यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि श्रीलंका में तीनों परियोजनाओं के लिए पूरी आर्थिक मदद भारत सरकार ही मुहैया कराएगी। पड़ोसी देश को उक्त तीनों परियोजनाओं से मदद पहुंचाने की योजना भारत ने पड़ोसी देश श्रीलंका पर चीन के बढ़ते असर को खत्म करने के लिए किया है।

श्रीलंका पेट्रोलियम उत्पादों के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है। अभी तक भारतीय कंपनी इंडियन ऑयल (आईओसी) काफी हद तक इस आपूर्ति को पूरा करती है। आईओसी ने इसके लिए श्रीलंका में एक सब्सिडियरी भी बना ली है। लेकिन चीन की कोशिश है कि वह श्रीलंका में एक तेल रिफाइनरी लगाये। हाल ही में चीन की एक कंपनी ने वहां 4.5 अरब डॉलर के निवेश से एक रिफाइनरी लगाने का प्रस्ताव किया है।

हिंद महासागर में तैयारी

सूत्रों का कहना है कि चीन के इस प्रस्ताव के बाद से ही भारत ने बांग्लादेश के लिए बिछाई गई फ्रेंडशिप पाइपलाइन के तर्ज पर श्रीलंका को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए एक रिफाइनरी बनाने के काम पर विमर्श तेज कर दिया है। भारत का आकलन है कि श्रीलंका के पास हिंद महासागर में आने वाले दिनों में कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस का भंडार भी हो सकता है। पाइपलाइन का निर्माण इन संभावनाओं को देखते हुए किया जाएगा। दोनों देशों के बीच समुद्री मार्ग पर सडक़ पुल का निर्माण भारत के लिए काफी भावनात्मक मुद्दा भी है। भारत में यह मत है कि दोनों देशों के बीच कभी एक सेतु था जिसका निर्माण भगवान राम ने करवाया था। बहरहाल, दोनों देशों को जोडऩे वाला पुल सडक़ मार्ग वाला होगा या रेल-सडक़ मार्ग वाला होगा, इसका फैसला किया जाना है।

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सूत्र बताते हैं कि भारत और श्रीलंका के अधिकारियों के बीच इस पुल के इंजीनियरिंग पहलू को लेकर विमर्श शुरू हो चुका है। नई सरकार के गठन के बाद यह काम ज्यादा तेज होगा। इसी तरह से श्रीलंका के बिजली सेक्टर को भारत के बिजली नेटवर्क से जोडऩे की तैयारी भारत की दक्षिण एशिया में एक बिजली नेटवर्क बनाने की सोच के मुताबिक की जा रही है। भारत बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका के बिजली सेक्टर को एक नेटवर्क में जोडऩे की तरफ धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहा है। Sri Lanka News

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