भू-माफियाओं पर कहर बनकर टूटा यीडा प्रशासन, होगा पूरा खात्मा

यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने यीडा प्रशासन को स्पष्ट आदेश दिये हैं कि जेवर एयरपोर्ट के आस-पास तथा यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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CEO राकेश कुमार सिंह
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar05 Feb 2026 07:13 PM
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Greater Noida News : यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) लगातार भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रहा है। यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने यीडा प्रशासन को स्पष्ट आदेश दिये हैं कि जेवर एयरपोर्ट के आस-पास तथा यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी सप्ताह यीडा प्रशासन ने जेवर एयरपोर्ट के आस-पास बुल्डोजर चलाकर 11 सौ करोड़ रुपये से भी अधिक की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यीडा प्रशासन की अतिक्रमण के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्यवाही है।

यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह अतिक्रमण के प्रति सख्त

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध आईएएस अधिकारी राकेश कुमार सिंह यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के CEO हैं। राकेश कुमार सिंह ने यीडा के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि जेवर एयरपोर्ट के आस-पास तथा यीडा के क्षेत्र में एक इंच जमीन पर भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राकेश कुमार सिंह अतिक्रमण के बेहद खिलाफ हैं। उनके निर्देश पर यीडा प्रशासन जेवर एयरपोर्ट के आस-पास सक्रिय भू-माफियाओं को जड़ से समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए जेवर एयरपोर्ट तथा यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में लगभग हर रोज बुल्डोजर चलाया जा रहा है।

बुल्डोजर चलाकर अतिक्रमण से मुक्त कराई 1100 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन

जेवर एयरपोर्ट के आस-पास यीडा के क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार के भू-माफिया यक्रिय हैं। इन भू-माफियाओं ने हजारों करोड़ की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। 4 फरवरी को प्राधिकरण द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जिसमें हेरिटेज सिटी एवं राया अर्बन सेंटर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की कुल लगभग 25 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। यह भूमि ग्राम पिपरौली खादर, अरूवा खादर एवं पानी गांव खादर की है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1000 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें मथुरा के हेरिटेज सिटी क्षेत्र में निमार्णाधीन अवैध होटल एवं ढाबों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। यमुना नदी के किनारे लगभग दो हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी के विरुद्ध भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। हेरिटेज सिटी के कोर एरिया में ग्राम अरवा खादर एवं ग्राम पिपरौली खादर में दो बड़ी अवैध कालोनियां निर्मित की जा रही थी जिनमें धवस्ती करण की कार्रवाई भी की गई। उल्लेखनीय है कि हेरिटेज सिटी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जहां अवैध रूप से होटल, ढाबे एवं अन्य निर्माण किए जा रहे थे। यह कार्रवाई यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विशेष कार्य अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में, डिप्टी कलेक्टर शिव अवतार सिंह, अभिषेक शाही एवं कृष्ण गोपाल त्रिपाठी के साथ संपन्न की गई। वहीं जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम मांट श्रीमती रितु सिरोही एवं क्षेत्राधिकारी पी. सिंह के नेतृत्व में 11 थानों की पुलिस फोर्स, भारी संख्या में पुलिस बल एवं पीएसी की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। यह अभियान शाम 6:00 बजे तक जारी रहा।

प्राधिकरण द्वारा भविष्य में भी अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

हाल ही में 1200 करोड़ रुपये की जमीन कराई थी मुक्त

आपको बता दें कि हाल ही में यीडा प्रशासन ने अतिक्रमण के विरूद्ध अभियान चलाकर 1200 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन मुक्त कराई थी। यह अतिक्रमण हटाओ अभियान यीडा प्रशासन ने अलीगढ़ जिले के प्रशासन के साथ मिलकर चलाया था। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में टप्पल, हमीदपुर एवं स्यारोल आदि गांवों की लगभग 300 एकड़ अधिसूचित भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया जिसकी बाजारू कीमत लगभग 1200 करोड़ रुपए है। अभियान के दौरान द ग्रैंड कॉलोनाइजर, वृंदावन कॉलोनी जैसी अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया गया। यमुना प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह द्वारा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार अभियान जारी रखने तथा अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करने की बात कही गई है तथा भोले भाले खऱीददारों को ऐसे प्रॉपर्टी डीलरों से सतर्क रहने का भी संदेश दिया गया है। यीडा के CEO राकेश कुमार सिंह ने साफ कहा है कि जेवर एयरपोर्ट के आस-पास तथा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अतिक्रमण को जड़ से समाप्त किया जाएगा।

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जेवर एयरपोर्ट के 10 किमी दायरे में मीट बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

विमानन सुरक्षा नियमों के तहत जेवर एयरपोर्ट की 10 किलोमीटर परिधि में मांस-मछली की बिक्री, पशु वध और खुले में कचरा फेंकने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर ₹1 करोड़ तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।।

जेवर एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar31 Jan 2026 10:28 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट को लेकर एक बड़ी और बेहद अहम अपडेट सामने आई है। निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुके जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ अब सुरक्षा मानकों को टॉप प्रायोरिटी पर रखकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत जेवर एयरपोर्ट की 10 किलोमीटर परिधि में मांस-मछली की बिक्री, पशु वध और खुले में कचरा फेंकने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर ₹1 करोड़ तक का जुर्माना और 3 साल तक की जेल की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।।

क्यों लिया गया ये सख्त फैसला?

प्रशासन के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट के आसपास खुले में अपशिष्ट, पशु अवशेष या मांस-मछली की दुकानों से पक्षियों के जुटने की आशंका बढ़ जाती है। यही पक्षी उड़ान के दौरान विमान से टकरा सकते हैं, जिसे बर्ड हिट कहा जाता है। विमानन क्षेत्र में इसे एक बड़ा सुरक्षा जोखिम माना जाता है। इसी खतरे को न्यूनतम करने के लिए एयरपोर्ट के चारों तरफ 10 किमी की परिधि में यह कड़ा प्रतिबंध लागू किया गया है।

लाइसेंसी दुकानें भी होंगी बंद

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल अवैध दुकानों के खिलाफ नहीं होगा। जेवर एयरपोर्ट की 10 किलोमीटर सीमा के भीतर आने वाली लाइसेंसधारी दुकानों पर भी मांस-मछली की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। साथ ही क्षेत्र में किसी भी तरह का कचरा या अपशिष्ट खुले में फेंकना सख्त तौर पर वर्जित कर दिया गया है। प्रशासन ने इस फैसले पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है, नियम तोड़ने पर ₹1 करोड़ तक जुर्माना और 3 साल तक जेल की कार्रवाई हो सकती है।

जेवर एयरपोर्ट के लिए निगरानी बढ़ी

जैसे-जैसे जेवर एयरपोर्ट के संचालन की तैयारियां तेज हो रही हैं, वैसे-वैसे आसपास के इलाकों में निगरानी भी बढ़ाई जा रही है। संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करें। प्रशासन की ओर से गांवों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर सार्वजनिक सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को प्रतिबंधों की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सके। निरीक्षण टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है, जो तय दायरे में नियमित दौरा करेंगी। Jewar Airport

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योगी सरकार की बड़ी सौगात, जेवर एयरपोर्ट के लिए बढ़ा मुआवजा

इस बढ़ोतरी से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लंबे समय से बनी सुस्ती टूटने की संभावना भी बढ़ गई है।

जेवर एयरपोर्ट अपडेट
जेवर एयरपोर्ट अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar30 Jan 2026 09:58 AM
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Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण को तेज रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले जेवर क्षेत्र के सात गांवों के प्रभावित किसानों का मुआवजा सीधे 3100 से बढ़ाकर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का फैसला किया है। इस बढ़ोतरी से किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में लंबे समय से बनी सुस्ती टूटने की संभावना भी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से जमीन उपलब्ध कराने की राह आसान होगी और परियोजना के अगले चरण की तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ेंगी।

किन गांवों के किसानों को मिलेगा बढ़ा मुआवजा?

जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण में प्रस्तावित पुनर्वास टाउनशिप के लिए जिन गांवों के किसान जमीन उपलब्ध करा रहे हैं, उनमें जेवर बांगर, मदापुर, फलैदा बांगर, करौली बांगर, तीर्थली, धनपुरा और मेहंदीपुर प्रमुख हैं। इन सात गांवों के प्रभावित किसानों को अब 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। कैबिनेट के फैसले में यह भी साफ किया गया है कि SIA (सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट) नोटिफिकेशन की तारीख से लेकर अवॉर्ड की घोषणा तक किसानों को मूल मुआवजे पर बैंक ब्याज का लाभ भी मिलेगा। यानी जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वालों को सिर्फ बढ़ी हुई कीमत ही नहीं, बल्कि समय के साथ जुड़ा ब्याज भी मिलेगा।

क्यों बढ़ानी पड़ी दर?

दरअसल, जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होते ही आसपास के किसानों की सहमति के आधार पर वहां मुआवजा 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय कर दिया गया था। जब यही दर जब दूसरे चरण की रिहैबिलिटेशन टाउनशिप के लिए प्रभावित सात गांवों में 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई, तो किसानों ने इसे असमानता मानते हुए एक जैसी दर की मांग तेज कर दी नतीजा यह हुआ कि अधिग्रहण की रफ्तार धीमी पड़ गई। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने दोनों चरणों में मुआवजे की दर बराबर करके साफ संकेत दे दिया है कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना में किसानों के हित और भरोसे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और इसी भरोसे के साथ आगे की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

कितनी जमीन और कहां बनेंगी टाउनशिप?

जानकारी के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए छह गांवों से अब तक 1181 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। अगला फोकस उन किसानों के पुनर्वास पर है, जिनके लिए मदापुर और फलैदा कट के आसपास दो आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की तैयारी है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए सात गांवों से कुल 189.76 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (भूमि अधिग्रहण) बच्चू सिंह के मुताबिक, जिला प्रशासन पहले ही 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजे का प्रस्ताव शासन को भेज चुका था, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। उनका कहना है कि सरकारी आदेश (GO) जारी होते ही जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी पुनर्वास टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और आगे की तैयारियां बिना रुकावट आगे बढ़ेंगी। Jewar Airport