नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला, पेयजल व्यवस्था पर हाई-टेक जांच अभियान शुरू
प्राधिकरण का मानना है कि गंगाजल आपूर्ति मजबूत होने से नोएडा की पेयजल जरूरतों पर दबाव कम होगा और सप्लाई सिस्टम ज्यादा स्थिर बनेगा। समीक्षा के दौरान नोएडा के सड़क ढांचे को लेकर भी अलग निर्णय लिया गया।

Noida News : इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों की घटना के बाद नोएडा में भी जल सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने जल विभाग की आपात बैठक बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए कि नोएडा में पानी की गुणवत्ता और पाइपलाइन नेटवर्क की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद पानी की जांच और निगरानी के लिए हाई-पावर तकनीकी समिति गठित की गई है, जो शहरभर में जल आपूर्ति व्यवस्था की जमीनी पड़ताल करेगी।
पाइपलाइन से लेकर वॉटर एटीएम तक होगी जांच
प्राधिकरण के अनुसार, गठित तकनीकी समिति नोएडा की पाइपलाइनों में रिसाव, जंग और तकनीकी खामियों की पहचान करेगी। साथ ही जलाशयों, ओवरहेड टैंकों और वॉटर एटीएम से पानी के नमूने लेकर शुद्धता की जांच कराई जाएगी। समिति अलग-अलग सेक्टरों और इलाकों से सैंपल लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द सौंपेगी, ताकि नोएडा में इंदौर जैसी स्थिति दोहराई न जा सके। बैठक में नोएडा के 80 क्यूसेक गंगाजल परियोजना की प्रगति को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। सीईओ डॉ. लोकेश एम ने निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य जनवरी 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। प्राधिकरण का मानना है कि गंगाजल आपूर्ति मजबूत होने से नोएडा की पेयजल जरूरतों पर दबाव कम होगा और सप्लाई सिस्टम ज्यादा स्थिर बनेगा। समीक्षा के दौरान नोएडा के सड़क ढांचे को लेकर भी अलग निर्णय लिया गया। मास्टर प्लान रोड-3 समेत बुनियादी सुधार कार्यों के लिए एसीईओ वंदना त्रिपाठी और ओएसडी महेंद्र प्रसाद की सदस्यता वाली एक विशेष टीम बनाई गई है। सीईओ के निर्देश पर टीम ने शुक्रवार को मास्टर प्लान रोड-3 के पूरे स्ट्रेच का अचानक निरीक्षण किया। टीम को कहा गया है कि 15 दिनों के भीतर सुधार की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।
तालाब निर्माण में देरी पर नाराजगी
बैठक में नोएडा में तालाबों के निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार पर भी सीईओ ने असंतोष जताया। प्राधिकरण ने साफ कहा कि जिन ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की वजह से देरी हो रही है, उन्हें काम तेज करने की अंतिम चेतावनी दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि नोएडा में जल संरक्षण और रिचार्ज से जुड़े लक्ष्य प्रभावित न हों। Noida News
Noida News : इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों की घटना के बाद नोएडा में भी जल सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने जल विभाग की आपात बैठक बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए कि नोएडा में पानी की गुणवत्ता और पाइपलाइन नेटवर्क की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद पानी की जांच और निगरानी के लिए हाई-पावर तकनीकी समिति गठित की गई है, जो शहरभर में जल आपूर्ति व्यवस्था की जमीनी पड़ताल करेगी।
पाइपलाइन से लेकर वॉटर एटीएम तक होगी जांच
प्राधिकरण के अनुसार, गठित तकनीकी समिति नोएडा की पाइपलाइनों में रिसाव, जंग और तकनीकी खामियों की पहचान करेगी। साथ ही जलाशयों, ओवरहेड टैंकों और वॉटर एटीएम से पानी के नमूने लेकर शुद्धता की जांच कराई जाएगी। समिति अलग-अलग सेक्टरों और इलाकों से सैंपल लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द सौंपेगी, ताकि नोएडा में इंदौर जैसी स्थिति दोहराई न जा सके। बैठक में नोएडा के 80 क्यूसेक गंगाजल परियोजना की प्रगति को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। सीईओ डॉ. लोकेश एम ने निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य जनवरी 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। प्राधिकरण का मानना है कि गंगाजल आपूर्ति मजबूत होने से नोएडा की पेयजल जरूरतों पर दबाव कम होगा और सप्लाई सिस्टम ज्यादा स्थिर बनेगा। समीक्षा के दौरान नोएडा के सड़क ढांचे को लेकर भी अलग निर्णय लिया गया। मास्टर प्लान रोड-3 समेत बुनियादी सुधार कार्यों के लिए एसीईओ वंदना त्रिपाठी और ओएसडी महेंद्र प्रसाद की सदस्यता वाली एक विशेष टीम बनाई गई है। सीईओ के निर्देश पर टीम ने शुक्रवार को मास्टर प्लान रोड-3 के पूरे स्ट्रेच का अचानक निरीक्षण किया। टीम को कहा गया है कि 15 दिनों के भीतर सुधार की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।
तालाब निर्माण में देरी पर नाराजगी
बैठक में नोएडा में तालाबों के निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार पर भी सीईओ ने असंतोष जताया। प्राधिकरण ने साफ कहा कि जिन ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की वजह से देरी हो रही है, उन्हें काम तेज करने की अंतिम चेतावनी दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि नोएडा में जल संरक्षण और रिचार्ज से जुड़े लक्ष्य प्रभावित न हों। Noida News












