
Astrology Tips[/caption]
विवाह में देरी होना , मीडिया की दुनिया में आपको सफलता नहीं मिल रही , शहर में आपको नुकसान होता है तो इसका संबंध शुक्र ग्रह से है। कुंडली में शुक्र ग्रह खराब फल दे रहा है तो अपने दाहिनी बाजू में सरपौंखपंखा की जड़ को धारण करें। बुखार खांसी नपुंसकता दूर होती है संतान का सुख मिलता है शुक्रवार के दिन सेरपौंखा की जड़ को धारण करना चाहिए। किसी मंदिर में इत्र या गाय की दही का दान करें।
Astrology Tips:
अगर आप किसी मुसीबत में फंस जाते हैं यात्रा करते समय आपको हमेशा मुश्किल आती है तो चंदन के पेड़ की जड़ का संबंध राहु से है। राहु कठोर होने से वाणी चोरी, बदनामी यात्रा का कारक माना गया है । राहु की अच्छी स्थिति हो तो व्यक्ति को ऐश्वर्य प्राप्त होता है और अगर यह बुरा प्रभाव दे रहा है तो दाई बाजू पर चंदन की जड़ को धारण करें। झरना मिले तो दो सेंटीमीटर चंदन को भी गले या बाजू में धारण कर सकते हैं। साहस के कारण अगर आपके काम में कोई रुकावट आ रही है तो भी चंदन की जड़ मानसिक तनाव और पुराने रोगों से भी मुक्ति दिलाता है और हिम्मत भी बढ़ती है ।
अगर किसी काम में देरी होती है तो क्या करें... बिच्छू के पेड़ की जड़ का संबंध शनि से है. शनि को आयु रोग गम तकनीकी सेवक का कारक ग्रह माना गया है। शनि दोष होने से व्यक्ति का जीवन कष्ट से भर जाता है। इसलिए उसका दोष कम करने के लिए बिच्छू के पेड़ की जड़ को धारण करना चाहिए । ढैया ,साढेसाती और महादशा के बुरे प्रभाव से भी बिच्छू की जड़ धारण करने से मुक्ति मिलती है । गठिया और नसों का रोग भी दूर होता है.. बिच्छू की जड़ को शनिवार के दिन धारण करना चाहिए। नीले रंग के धागे में भी छुपी जड़ गंगाजल से धोकर ओम शनि शनिश्चरायनमः मंत्र करते हुए 108 बार मंत्र पढ़कर दाहिनी बाजू में धारण करना चाहिए... किसी जरूरतमंद व्यक्ति को तवा, काले तिल या सरसों का तेल दान करना चाहिए.
मां के जीवन में कष्ट हो तो...मां और मन दोनों का कारक चंद्रमा है जिस व्यक्ति पर मां का आशीर्वाद हो उसका चंद्रमा कभी खराब नहीं कर सकता। चंद्रमा ग्रहण के साथ हो तो उसकी मां जीवन में दुखी रहेगी। ऐसे व्यक्ति के चेहरे पर हमेशा उदासी और नकारात्मकता होती है और उसे मंगल में भी अमंगल दिखाई देता है ,तो खिरनी की जड़ का संबंध चंद्रमा से है। खिरनी की जड़ को सफेद धागे में बांधकर दाए हाथ की बाजू में सोमवार के दिन धारण करनी चाहिए। हमेशा कोई ना कोई टेंशन रहती है उन्हें खिरनी की जड़ को गंगाजल से धोकर ओम सम सम आओ नमः मंत्र जाप धारण करते हुए सोमवार के दिन सफेद कपड़े में बांधकर अपनी दाहिनी बाजू पर धारण करना चाहिए और किसी मंदिर में कपूर गाय का घी या शक्करदान करना चाहिए।
Astrology Tips बच्चे पढ़ाई के दौरान भूलने की मुश्किल में पढ़ जाएँ ...जब पढ़ाई की बात करते हैं उसका संबंध बुध ग्रह से होता है जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है वह पढ़ाई में जीरो होते है। 2 घंटे के बाद ही भूल जाते हैं, इसलिए मजबूत करने के प्रयास किए जाने चाहिए। छोटी-छोटी बातों पर घबराहट होने लगती है, अगर आपकी कुंडली में बुध खराब फल दे रहा है तो अपनी दाहिनी बाजू में विधारा की जड़ धारण करनी चाहिए । जिनको चर्म रोग नसों से जुड़े रोग की समस्या रहती है उन्हें भी विधारा की जड़ धारण करनी चाहिए। धागे को गंगाजल सी धोकर दायें हाथ की बाजू में धारण करना चाहिए और अगर हाथ में नहीं पहन सकते तो गले में भी धारण कर सकते हैं। हर रोज बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए । किसी मंदिर में हरा कपड़ा या कांसे का बर्तन भी दान करें यह शुभ फल देने वाला है।
नकारात्मकता दूर करने के लिए.,केतु को धन सेहत शत्रु नकारात्मक ऊर्जा का ग्रह माना गया है । अपनी दहिनी बाजू में अश्वगंधा की जड़ बांधनी चाहिए और उसको नीले रंग के धागे में बांधकर धारण करने से दोष से मुक्ति मिलती है और जो लोग मानसिक रोग या संक्रामक रोग से प्रभावित हो उन्हें सुगंधा की जड़ धारण करनी चाहिए । अश्वगंधा की जड़ को बुधवार के दिन धारण कर सकते हैं बुधवार के दिन अश्वगंधा के जड़ को काले यानीले रंग के धागे में बांधकर गंगाजल से धोकर मंत्र का जाप करते हुए धारण करे।
Astrology Tips:
राशि अनुसार वनस्पति की जड़ों को धारण करने का महत्व
मिथुन राशि... मिथुन राशि का स्वामी बुध ग्रह होता है इनको भाग्यउदय के लिए पन्ना रत्न धारण करना चाहिए लेकिन समर्थ नहीं है तो त अपने दाहिनी बाजू पर विधायक की जड़ को धारण करना चाहिए।
वृषभ राशि के लोगों को भाग्योदय के लिए हीरा या जरकन या ओपल पहनना चाहिए। लेकिन अगर यह रत्न पहनने में सक्षम नहीं हैं तो आपको सरपौंखा की जड़ धारण करनी चाहिए। अगर आपका शुक्र ग्रह खराब है तो आप अपने पति या पत्नी का सम्मान शुरू कर दे तो आपका शुक्र मजबूत हो जाता है।
सिंह राशि.. सिंह राशि का स्वामी सूर्य है अपने सर्वांगी विकास के लिए आपको माणिक्य रत्न पहनना चाहिए लेकिन अगर आप मानिक के रत्न धारण नहीं कर सकते तो आपको बेल की जड़ धारण करने से माणिक्य फल जैसा ही शुभ लाभ मिलेगा.
कन्या राशि के लोग के जातकों को भाग्योदय के लिए पन्ना रत्न पहनना चाहिए और अगर आप नहीं पहन सकते तो आपको दाहिने बाजू में विधारा की जड़ धारण करनी चाहिए।
तुला राशि तुला राशि के लोगों को हीरा या ओपल धारण करना चाहिए उसको या फिर सर पंखा की जड़ को जो हीरे जैसा ही फल देता है उसको अपने दाहिनी हाथ की बाजू में धारण कर लेना चाहिए।
वृश्चिक राशि को अपनी भाग्य में चार चांद लगाने के लिए मूंगा धारण करना चाहिए अगर आप मूंगा धरण नहीं कर सकते तो अपनी दाहिने हाथ की बाजू में अनंत मूल की जड़ को धारण करें।
धनु राशि धनु राशि के जातकों को अपने भाग्य उदय के लिए पुखराज रत्न धारण करना चाहिए और अगर आप पुखराज धारण नहीं कर सकते हैं तो आपको केले के पेड़ की जड़ पीले रंग के धागे में बांधकर गुरुवार के दिन धारण करें तो पुखराज जैसा ही फल मिलेगा।
मकर राशिवालों को अपनी किस्मत चमकाने के लिए धारण करने की सलाह दी जाती है और अगर आप नीलम धारण नहीं कर सकती तो आपको बिच्छू के पेड की जड़ नील धागे में बांधकर दाहिनी बाजू में शनिवार के दिन धारण करनी चाहिए। ओम शनि शनिश्चराय मंत्र का जप भी करना चाहिए
कुंभ राशिवालों को अपनी तरक्की के लिए और भाग्य उदय के लिए आपको नीलम रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है लेकिन आप बिच्छू के पेड़ की जड़ धारण करें तो यह आपको नीलम जैसा ही फल देगा।
मीन राशिवालों को अपने भाग्य उदय के लिए पुखराज धारण करना चाहिए पुखराज धारण नहीं कर पाए तो केले की जड़ को धारण करना चाहिए