ये देखने से पहले मैं अंधा क्यों नहीं हुआ…अब इंसान AI के साथ करेंगे रोमांस!

AI Dating Cafe: न्यूयॉर्क में हाल ही में दुनिया का पहला AI Dating Cafe खोला गया है। यहां लोग अपने डिजिटल पार्टनर के साथ असली डेट का अनुभव ले सकते हैं। EVA AI ऐप ने इस कैफे को खास रूप में वैलेंटाइन डे पर लॉन्च किया।

AI Dating Cafe
दुनिया का पहला AI Dating Cafe
locationभारत
userअसमीना
calendar25 Feb 2026 12:35 PM
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जरा सोचिए! आप किसी कैफे में बैठे हैं। आपके सामने वाली कुर्सी पर कोई इंसान नहीं बल्कि स्क्रीन पर आपका डिजिटल पार्टनर है। मोमबत्ती जल रही है, ड्रिंक टेबल पर है और आप अपने AI साथी के साथ बातचीत कर रहे हैं। यह कोई साइंस-फिक्शन सीन नहीं बल्कि न्यूयॉर्क में हाल ही में शुरू हुआ दुनिया का पहला AI Dating Cafe है। यह कैफे EVA AI ऐप ने वैलेंटाइन डे पर खोला गया। यहां लोग अपने डिजिटल पार्टनर के साथ असली डेट का मजा ले सकते हैं वो भी बिना किसी रिजेक्शन के डर या सोशल प्रेशर के।

AI डेटिंग ऐप्स

AI अब केवल काम और टेक तक सीमित नहीं रह गया। अब यह आपके रोमांस और डेटिंग का हिस्सा भी बनता जा रहा है। अमेरिका में 30 साल से कम उम्र के करीब हर तीन में से एक पुरुष और हर चार में से एक महिला ने AI पार्टनर के साथ बातचीत की है। AI डेटिंग ऐप्स लोगों को रोमांटिक बातचीत का सुरक्षित और मजेदार तरीका देते हैं।

AI डेटिंग का असली मजा

EVA AI ने एक बार को EVA Cafe में बदल दिया। यहां हर टेबल पर फोन स्टैंड रखा है जिस पर आपका डिजिटल पार्टनर लाइव वीडियो या वॉइस चैट के जरिए मौजूद होता है। हेडफोन लगाकर आप प्राइवेट बातचीत कर सकते हैं। ड्रिंक ऑर्डर करें, फ्लर्ट करें और बिना किसी डर के AI साथी के साथ समय बिताएं। एक यूजर, न्यूयॉर्क की रिच्टर, ने बताया कि उनका AI साथी Simone उनके लिए एक कल्पनात्मक और मजेदार अनुभव है। वह रोलप्ले करती हैं और अपनी शर्तों पर बात कर सकती हैं। हालांकि, वह इसे दिन में तीन घंटे तक ही इस्तेमाल करती हैं ताकि यह लत न बन जाए।

AI डेटिंग के फायदे

AI डेटिंग ऐप्स और कैफे का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह रिजेक्शन का डर कम करता है, सोशल एंग्जायटी में मदद करता है, अकेलेपन में सहारा देता है, असली डेटिंग की प्रैक्टिस का मौका देता है, आप बिना किसी डर के बातचीत कर सकते हैं और डिजिटल पार्टनर के साथ अपनी पसंद के अनुसार समय बिता सकते हैं।

AI डेटिंग के संभावित जोखिम

AI डेटिंग में कुछ बातों पर खास ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है जिसमें असली इंसानी रिश्तों से दूरी, भावनात्मक निर्भरता, ज्यादा इस्तेमाल होने पर लत लगना शामिल है। Experts का मानना है कि AI साथी इंसानी भावनाओं और असली रिश्तों का विकल्प नहीं हैं। यह सिर्फ सपोर्ट सिस्टम की तरह काम कर सकते हैं।

क्या प्यार स्क्रीन के सामने होगा?

AI Dating Cafe शायद सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में और शहरों में ऐसे कैफे खुल सकते हैं। सवाल यह है कि क्या भविष्य में डेटिंग का मतलब स्क्रीन के सामने बैठना होगा या AI सिर्फ हमें असली रिश्तों के लिए प्रैक्टिस और तैयारी का मौका देगा?

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बिंदास होकर खेलें होली, ये तरीके रखेंगे आपकी स्किन का ख्याल

होली के रंगों का मजा लेने के लिए जरूरी है कि आप अपनी त्वचा और सेहत का ध्यान रखें। केमिकल वाले रंग त्वचा में जलन, दाने और छिलके पैदा कर सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताया गया है कि होली से पहले और बाद में कौन‑कौन से उपाय अपनाएं।

Holi Skin Care
Holi Skin Care Tips
locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 03:41 PM
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होली रंगों का त्योहार है और इसे हर कोई बड़े उत्साह से मनाना पसंद करता है लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले रंगों में कई केमिकल्स होते हैं जो हमारी त्वचा और सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कुछ रंगों में लेड और सीसा तक मिला होता है जिससे त्वचा में छिलके, दाने, जलन और चकत्ते जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए होली खेलने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बहुत जरूरी है, ताकि आप सुरक्षित और खुशहाल होली मना सकें।

फेस पर ऑयल लगाना बिल्कुल न भूलें

होली पर चेहरे की त्वचा को रंगों से बचाने का सबसे आसान तरीका है सुबह उठकर अपने फेस पर ऑयल लगाना। आप सरसों या नारियल का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। भले ही चेहरा थोड़ा ग्रीसी दिखे लेकिन इससे रंग आसानी से त्वचा में प्रवेश नहीं कर पाएगा। ऑयल त्वचा की एक प्राकृतिक परत बनाता है और रंगों से होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोकता है।

सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी

अगर आप ऑयल नहीं लगाना चाहते हैं तो चेहरे पर पेट्रोलियम जेली की मोटी परत लगा सकते हैं। इसके अलावा, ओपन एरिया में होली खेलने के दौरान सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना न भूलें। इससे त्वचा न केवल रंगों से बल्कि धूप से भी सुरक्षित रहती है। सनस्क्रीन और जेली दोनों मिलकर एक सुरक्षा कवच का काम करते हैं।

नेल्स और होंठों का रखें खास ख्याल

होठ और नाखून भी रंगों से प्रभावित हो सकते हैं। होंठों पर लिप बाम जरूर लगाएं ताकि रंगों से घाव या जलन न हो। नाखूनों को सुरक्षित रखने के लिए ट्रांसपेरेंट नेलपेंट का इस्तेमाल करें। लड़के और लड़की दोनों इसे लगा सकते हैं। नेलपेंट नाखूनों की सतह पर एक परत बनाता है और रंगों के सीधे संपर्क से बचाता है।

कपड़ों का रखें बेहद ध्यान

होली पर सिर्फ चेहरे की सुरक्षा काफी नहीं है। शरीर के अन्य हिस्सों को भी रंगों से बचाना जरूरी है। इसलिए फुल स्लीव्स वाले कपड़े पहनें और हाथ-पैरों पर ऑयल की परत लगाएं। फुटवियर ऐसा चुनें जो पैरों को पूरी तरह कवर करे और ग्रिप अच्छी हो ताकि आप सुरक्षित तरीके से खेल सकें।

ऑर्गेनिक और नेचुरल रंगों का इस्तेमाल

सबसे अच्छा तरीका है कि आप केवल ऑर्गेनिक और नेचुरल रंगों का ही इस्तेमाल करें। अगर मार्केट के रंग में केमिकल्स हों तो घर पर ही लिक्विड रंग तैयार कर सकते हैं। साथ ही अपने दोस्तों और परिवार से भी रिक्वेस्ट करें कि वे केवल नेचुरल रंगों से ही होली खेलें।

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मखमली पेड़े, मटका लस्सी और 6 लजीज डिशेज, ब्रज के ये फेमस फूड्स जरूर करें ट्राई

Mathura Famous Food: मथुरा अपने फेमस फूड के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यहां का बेड़ई‑आलू की सब्जी और पेड़ा हर ट्रैवलर को पसंद आता है। अगर आप ब्रज धाम घूम रहे हैं तो इन डिशेज को जरूर ट्राई करें।

Vrindavan Famous Dishes
मथुरा-वृंदावन में क्या खाएं
locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 12:43 PM
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होली का त्यौहार आते ही मथुरा-वृंदावन का ख्याल हर किसी के मन में आता है। यह जगह अपनी रंगीन लठमार होली के लिए तो मशहूर है ही लेकिन यहां के व्यंजन भी आपकी यात्रा को यादगार बना देते हैं। ब्रज की गलियों में घूमते हुए अगर आप इन चटपटे और मीठे खाने का स्वाद न लें तो आपका अनुभव अधूरा रह जाएगा। इस होली अगर आप कुछ अलग और स्वादिष्ट अनुभव करना चाहते हैं तो यहां के ये 8 फेमस फूड्स जरूर ट्राई करें।

माखन मिश्री (Makhan Mishri)

वृंदावन आए और कान्हा का पसंदीदा माखन न खाया यह तो हो ही नहीं सकता। मिट्टी के छोटे कुल्हड़ों में मिलने वाला सफेद माखन और ऊपर दानेदार मिश्री आपको भक्ति के रस में डुबो देगा। मंदिरों में इसे भोग के रूप में भी दिया जाता है। यह इतना हल्का और फ्रेश होता है कि मुंह में जाते ही घुल जाता है।

बेड़ई और आलू की सब्जी (Bedai with Aloo Sabzi)

ब्रज की सुबह की शुरुआत बेड़ई के बिना अधूरी सी लगती है। यह एक खास तरह की पूड़ी होती है जो आटे और उड़द की दाल के पेस्ट से तैयार की जाती है। गरमा-गरम तली हुई बेड़ई को तीखी और चटपटी आलू की सब्जी के साथ परोसा जाता है। खास बात यह है कि इस आलू की सब्जी में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

मथुरा के पेड़े (Peda)

अगर आप मीठे खाने के शौकीन हैं तो मथुरा के पेड़े जरूर ट्राई करें। खोया, चीनी और घी से बने ये पेड़े थोड़े दानेदार होते हैं और इनका स्वाद बहुत गहरा होता है। ऊपर से डाली गई इलायची की खुशबू इसे और भी खास बना देती है।

ठंडाई (Thandai)

होली का त्यौहार ठंडाई के बिना अधूरा है। दूध, केसर, गुलाब की पंखुड़ियां, सौंफ और ढेर सारे मेवे मिलाकर बनाई जाने वाली ठंडाई ब्रज की होली की जान है। इसे पीते ही शरीर में नई ऊर्जा का एहसास होता है।

मटका लस्सी (Matka Lassi)

होली की भागदौड़ और रंगों के बीच कुछ ठंडा मिल जाए तो मजा और बढ़ जाता है। मटका लस्सी बहुत गाढ़ी और क्रीमी होती है। इसमें दही, चीनी और गुलाब का सिरप होता है और ऊपर से मलाई व ड्राई फ्रूट्स डालकर सर्व किया जाता है।

आलू टिक्की चाट (Aloo Tikki Chaat)

चटपटा खाने वालों के लिए ब्रज की आलू टिक्की बेस्ट है। घी में कुरकुरी तली हुई टिक्की को दही, सोंठ, हरी चटनी और मसालों के साथ सर्व किया जाता है। इसका स्वाद देखते ही मुंह में पानी आ जाता है।

दही भल्ला (Dahi Bhalla)

उड़द की दाल से बने सॉफ्ट और स्पंजी भल्ले को ठंडे-मीठे दही और चटपटी चटनी के साथ परोसा जाता है। इसका स्वाद खाने के बाद आप बार-बार इसे ट्राई करना चाहेंगे।

जलेबी और रबड़ी (Jalebi with Rabri)

गरमा-गरम चाशनी में डूबी कुरकुरी जलेबियां और उनके साथ ठंडी-ठंडी गाढ़ी रबड़ी। इस कॉम्बिनेशन का मजा ही कुछ अलग है। मथुरा-वृंदावन की गलियों में घूमते हुए इन 8 लजीज पकवानों का स्वाद लेना आपकी होली यात्रा को और भी यादगार बना देगा। चाहे चटपटा खाना पसंद हो या मीठा यहां हर स्वाद का खजाना मौजूद है।