Holi Festival : आखिर ,नई दुल्हन क्यों नही मनाती ससुराल में होली
Holi Festival: After all, why doesn't the new bride celebrate Holi at her in-laws house?
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:07 AM
Holi Festival : होली रंगो का और मौज मस्ती का त्योहार है ।ये फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता हैं हिन्दू धर्म मे त्योहार की अपनी परंपरा और मान्यता होती है ।परेवा के दिन रंगो भरी होली खेली जाती है ।बाजारो मे रौनक लगी हुई है,चारो तरफ चिप्स,पापड़,गुझिया,तरह-तरह के खाने के व्यंजन से बाजार सजा हुआ है ।पिचकारी की तो भरमार है,गुलाल ,अबीर और ओर्गेनीक कलर चारो तरफ बिक रहे है ।इस मौज मस्ती के बीच हिन्दू धर्म की कुछ अपनी मान्यता और परम्पराएं है की नई दुल्हन को अपने ससुराल मे जलती होली नही देखनी चाहिए और ससुराल मे रंग भी नही खेलना चाहिए ।कहते है की ये नई दुलहन के लिये शुभ नही होता है और ससुराल के लिए भी अशुभ होता है
Holi Festival :
नई दुल्हन को क्यू नही देखनी चाहिए ससुराल की होली: हिन्दू धर्म की मान्यता अनुसार यदि सास और बहू एक साथ जलती हुई होली देखेगी तो यह सास और बहू दोनो के लिये अपशगुन होता है।उनके रिश्तो के बीच मे दरार पड़ने की आशंका रहती है ।उनको अपनी नई जिन्दगी मे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है ।
वो इसलिये कहा जाता है क्योंकि नई दुल्हन घर मे नई नई आती है और सबसे घुल मिल नही पाती है ।उसके अंदर सब बातो को लेकर झिझक होती है ।वो अपनी बातो को सबसे नही कह सकती और डरी हूई सी रहती है ।जब वो मायके आती है तो उसे अपनापान लगता है ।अपने परिवार वालो के साथ वो खुश होती है ।
नया दूल्हा भी अपने ससुराल मे होली मनाये: मान्यता के अनुसार नई दुल्हन के साथ उसके पति को भी पत्नी के मायके मे होली मनानी चाहिये।जिसकी वजह से दामाद और उसके ससुराल के रिश्ते मजबूत होते है ।पति पत्नी के संबंध भी अच्छे होते है ।
गर्भवती महिला को या जिसकी संतान होली के पास हुए हो उसे भी ससुराल की होली नही देखनी चाहिए ।संतान का स्वस्थ अच्छा होता है ।संतान के लिये शुभ होता है ।
बबिता आर्या