Friday, 4 April 2025

लोस में कल होगी वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा, संख्याबल होगी भारी

Wakf Amendment : लोकसभा में कल (बुधवार) वक्फ संशोधन बिल की चर्चा की जाएगी। कल की लोकसभा सत्र में वक्फ…

लोस में कल होगी वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा, संख्याबल होगी भारी

Wakf Amendment : लोकसभा में कल (बुधवार) वक्फ संशोधन बिल की चर्चा की जाएगी। कल की लोकसभा सत्र में वक्फ संशोधन बिल पर होने वाली बहस में न केवल विधेयक की कानूनी और संवैधानिक प्रवृत्तियों पर चर्चा होगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि लोकसभा में सीटों का गणित (एनडीए की मजबूत संख्या बनाम विपक्ष का अपेक्षाकृत कमजोर संख्याबल) किस प्रकार विधेयक की सफलता में अहम भूमिका निभाता है। इस प्रकार, जबकि विपक्ष ने इस विधेयक के खिलाफ कड़ा बयान दिया है, लोकसभा में मौजूद संख्याबल के आधार पर बिल पारित होने की संभावनाएँ अधिक दिख रही हैं। खबर में मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं।

1. विधेयक का परिचय और चर्चा का समय :

– वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा में बुधवार को 8 घंटे (जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है) के लिए चर्चा पर रखा जाएगा।
– प्रश्नकाल के बाद विधेयक को चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा और बाद में पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

2. विपक्ष और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रियाएँ :

– सत्ता पक्ष (एनडीए) :
– अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन में निर्धारित 8 घंटे की चर्चा को सदन की भावना के अनुसार बढ़ाया जा सकता है।
– भाजपा सांसद अरुण गोविल ने विधेयक के महत्व पर जोर दिया और कहा कि सब कुछ संविधान के दायरे में हो रहा है।
– भाजपा सांसद जनार्दन सिंह ने विपक्ष के मुद्दों को खारिज करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड से जुड़ी कुछ अनियमितताएँ हो सकती हैं, परंतु बड़े स्तर पर विपक्ष का कोई ठोस मुद्दा नहीं है।

– विपक्ष (इंडिया गठबंधन और अन्य) :

– तेजस्वी यादव ने बिल को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि उन्होंने दोनों सदनों में इसका विरोध किया था और आगे भी विरोध करते रहेंगे।
– असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी बहस में हिस्सा लेकर संशोधन पेश करेगी ताकि यह साबित हो सके कि बिल मुसलमानों के धर्म और दान देने की परंपरा के खिलाफ है।

3. लोकसभा में संख्याबल का गणित :

– लोकसभा में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के संख्याबल का गणित किस प्रकार काम कर रहा है।
– आम तौर पर, इस गणित से यह बात उजागर होती है कि सत्ता पक्ष के पास लोकसभा में पर्याप्त संख्या (बहुमत) है जिससे वे विधेयक को पारित कर सकें, जबकि विपक्षी गठबंधन के पास पर्याप्त गिनती नहीं होने के कारण यह चुनौतीपूर्ण स्थिति रहेगी।
– हालांकि, यह गणित दर्शाता है कि भले ही विपक्ष में जोश और कड़ा विरोध हो, वोटों की संख्या के हिसाब से सत्ता पक्ष का मजबूत आधार उन्हें बिल पारित कराने में मदद करेगा।

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