रबी सीजन में राजमा बनी किसानों की आय बढ़ाने का जरिया

राजमा की खेती के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी को सबसे अच्छा माना गया है। खेत की तैयारी के दौरान गहरी जुताई के बाद 2–3 बार हल्की जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बनाना चाहिए। विशेषज्ञ प्रति एकड़ 10–15 टन सड़ी गोबर की खाद डालने की सलाह देते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।

raajama kee khetee
राजमा की खेती से आत्मनिर्भर बन रहे देश के किसान (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Feb 2026 01:20 PM
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Kidney Bean Farming: रबी सीजन भारतीय किसानों के लिए आय बढ़ाने का बड़ा अवसर लेकर आता है। जहां परंपरागत रूप से किसान गेहूं, चना और सरसों की खेती करते हैं, वहीं अब राजमा की खेती तेजी से किसानों की पसंद बनती जा रही है। कम लागत, बेहतर उत्पादन और बाजार में सालभर बनी रहने वाली मांग के कारण रबी सीजन में राजमा किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही है।

अक्टूबर-नवंबर है बुवाई का सही समय

बता दें कि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, राजमा की बुवाई अक्टूबर से नवंबर के बीच करना सबसे उपयुक्त रहता है। इस दौरान तापमान 15 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है, जो फसल की बढ़वार के लिए अनुकूल माना जाता है। समय पर बुवाई करने से पैदावार बढ़ती है और रोगों का खतरा कम होता है।

दोमट मिट्टी में मिलती है बेहतर पैदावार

बता दें कि राजमा की खेती के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी को सबसे अच्छा माना गया है। खेत की तैयारी के दौरान गहरी जुताई के बाद 2–3 बार हल्की जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बनाना चाहिए। विशेषज्ञ प्रति एकड़ 10–15 टन सड़ी गोबर की खाद डालने की सलाह देते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।

बीज चयन और उर्वरक प्रबंधन अहम

बता दें कि उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज का चयन बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी है। बुवाई से पहले बीज को पानी में भिगोने से अंकुरण अच्छा होता है। फसल के लिए प्रति एकड़ 20 किलो नाइट्रोजन, 40 किलो फास्फोरस और 20 किलो पोटाश देना लाभकारी बताया गया है।

कम सिंचाई में तैयार होती है फसल

बता दें कि राजमा की फसल को अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, बीज बोने के बाद, फूल आने के समय और फलियां बनने के दौरान सिंचाई करना आवश्यक होता है। खेत में जलभराव से बचाव जरूरी है, अन्यथा जड़ गलन रोग का खतरा बढ़ सकता है।

कीट-रोग नियंत्रण से बढ़ेगा उत्पादन

राजमा की फसल में जड़ गलन, पत्ती झुलसा और चूसक कीटों का प्रकोप देखा जाता है। इससे बचाव के लिए बीज उपचार और समय-समय पर जैविक या रासायनिक छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

एक एकड़ से 1.5 लाख तक की कमाई संभव

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजमा की औसत पैदावार 8 से 10 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है। वर्तमान बाजार में राजमा का भाव 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक चल रहा है। ऐसे में किसान एक एकड़ से 80 हजार से 1.5 लाख रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं।

इन किस्मों की है सबसे ज्यादा मांग

बाजार में लाल राजमा, कश्मीर राजमा, सफेद राजमा और बदरपुर किस्म की मांग अधिक देखी जा रही है। खासतौर पर कश्मीर राजमा बड़े दानों और स्वाद के कारण ऊंचे दाम पर बिकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से राजमा की खेती करें, तो रबी सीजन में यह फसल उनकी आमदनी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है। Kidney Bean Farming

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प्रसिद्ध सीए प्रशान्त कुमार चाँद ने समझाया पूरा बजट

डायरेक्ट टैक्स की खास बातों में टैक्स कोड को 536 सेक्शन तक आसान बनाना, विदेश से भेजे गए पैसे पर टीसीएस कम करना (2%), और सीनियर सिटिजन्स के लिए डिडक्शन दोगुना करना (1 लाख) शामिल हैं।

bajat
प्रशांत कुमार चांद
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar02 Feb 2026 12:29 PM
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Budget Review : फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण का पेश किया गया यूनियन बजट 2026-27, रेट में बड़े बदलाव के बजाय प्रोसेस को आसान बनाने, डिजिटल इंटीग्रेशन और टारगेटेड राहत पर फोकस करता है। डायरेक्ट टैक्स की खास बातों में टैक्स कोड को 536 सेक्शन तक आसान बनाना, विदेश से भेजे गए पैसे पर टीसीएस कम करना (2%), और सीनियर सिटिजन्स के लिए डिडक्शन दोगुना करना (1 लाख) शामिल हैं।   

डायरेक्ट टैक्स की खास बातें (बजट 2026-27)

इनकम टैक्स रिटर्न में बदलाव करने की समय-सीमा 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दी गई है।

* सीनियर सिटिजन्स राहत: सीनियर सिटिजन्स के लिए टैक्स डिडक्शन लिमिट 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई है।

* प्रॉपर्टी और रेंटल इनकम: टैक्सपेयर अब बिना किसी शर्त के दो खुद के रहने वाली प्रॉपर्टी (एक से ज्यादा) की सालाना वैल्यू क्लेम कर सकते हैं, और किराए पर टीडीएस लिमिट बढ़ाकर 6 लाख कर दी गई है। 

कम्प्लायंस और डीक्रिमिनलाइजेशन: डीक्रिमिनलाइज करने के लिए दूसरा जन विश्वास बिल पेश किया गया। 

अपडेटेड रिटर्न टाइमलाइन: अपडेटेड टैक्स रिटर्न फाइल करने की टाइम लिमिट दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दी गई है। 

[ CA Prashant Chand, Past Chairman Noida Branch of ICAI ]

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बजट 2026
बजट 2026 से महिलाओं को क्या मिला?
locationभारत
userअसमीना
calendar01 Feb 2026 03:21 PM
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केंद्रीय बजट 2026-27 महिलाओं के लिए सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह उनके भविष्य को मजबूत बनाने की एक ठोस कोशिश नजर आती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में महिलाओं की पढ़ाई, रोजगार, कारोबार और सेहत चारों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं। चाहे बात ग्रामीण इलाकों की महिलाओं की हो या फिर STEM जैसे कठिन क्षेत्रों में पढ़ाई करने वाली छात्राओं की इस बजट में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ खास रखा गया है।

STEM जिलों में गर्ल्स हॉस्टल

बजट 2026-27 में उच्च शिक्षा हासिल कर रही लड़कियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया गया है। सरकार STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ से जुड़े संस्थानों वाले हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाएगी। इन हॉस्टल्स को Viability Gap Funding या कैपिटल सपोर्ट से तैयार किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लंबे स्टडी ऑवर्स और लैब वर्क के दौरान लड़कियों को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की जगह मिलेगी। खासतौर पर ग्रामीण और छोटे शहरों के माता-पिता के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि अब वे बिना चिंता के अपनी बेटियों को बाहर पढ़ने भेज सकेंगे।

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She-Mark और नई फाइनेंसिंग

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केयरगिवर सेक्टर में बढ़ेंगे मौके

बजट में सेहत से जुड़े सेक्टर को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है। कैंसर के इलाज को सस्ता बनाने के लिए सरकार ने 17 नई दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। इसके साथ ही 1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने की योजना है। यह ट्रेनिंग NSQF से जुड़े प्रोग्राम्स के तहत होगी जिसमें केयर स्किल्स, वेलनेस, योग और मेडिकल डिवाइसेज की जानकारी दी जाएगी। चूंकि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं काम करती हैं इसलिए इससे महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

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