Thursday, 18 April 2024

केंद्र का फैसला, 15 दिनों के सुरक्षित भंडार रखने वाले ताप संयंत्रों को एक सप्ताह नहीं होगी कोयला आपूर्ति

देश में कोयला अधारित सभी विद्युत संयंत्रों को चलाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। इसके…

केंद्र का फैसला, 15 दिनों के सुरक्षित भंडार रखने वाले ताप संयंत्रों को एक सप्ताह नहीं होगी कोयला आपूर्ति

देश में कोयला अधारित सभी विद्युत संयंत्रों को चलाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत उन सभी संयंत्रों की कोयला आपूर्ति एक सप्ताह के लिए रोक दी गई है,जिनके पास कोयले का दो सप्ताह या इससे अधिक का स्टॉक मौजूद है। सरकार के इस कोयला आपूर्ति नियमन  से देश के 26 स्टेशनों से तकरीबन 1.77 लाख टन कोयला बचकर इकठ्ठा हो जाएगा। इस कोयले की आपूर्ति उन संयंत्रों को की जाएगी जो कोयला संकंट का सामना कर रहे हैं।

 रविवार को ऊर्जा सचिव आलोक कुमार ने ताप विद्यूत संयत्रों मे कोयला भंडार की दैनिक निगरानी सुनश्चित करने के लिए कोर प्रबंधन टीम की रिपोर्ट की समीक्षा। इसके बाद देश के सभी ताप विद्युत संयत्रों को निर्बाध गति से चालू रखने के लिए पर्याप्त भंडारण वाले 26 संयंत्रों की कोयला आपूर्ति को एक सप्ताह तक रोकने का फैसला लिया। बतादें कि कोर प्रबंधन टीम में विद्युत मंत्रालय, केद्रीय विद्युत प्राधिकरण,कोल इंडिया लिमिटेड और रेलवे के प्रतिनिधि शामिल हैं। बैठक के दौरान यह पाया गया कि कई संयंत्र जहां कोयले की भारी कमी का सामना कर रहे हैं तो कईयों के पास दो सप्ताह से भी अधिक का भंडार सुरक्षित है। विद्युत मंत्रालय ने कहाकि नए नियमन के बाद बचने वाला कोयला उन  संयंत्रों को भेजा जाएगा, जो कोयले की कमी से जूझ रहे हैं और बंद होने के कगार पर हैं। उल्लेखनीय है कि भारत में कोयले की सर्वाधिक खपत ताप ऊर्जा के क्षेत्र में होती है। वहीं कोल इंडिया लिमिटेड देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है।

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