जिंदगी और मौत एक छत के नीचे, जाने आगरा के गांव की दर्दनाक कहानी

आगरा छह पोखर गांव की सच्चाई ऐसी है, जहां जिंदगी और मौत एक ही छत के नीचे साथ रहती हैं। छह पोखर गांव आज भी इसी सवाल के साथ जी रहा है, जहां लोग जिंदगी भी अपने घरों में गुजारते हैं और मौत भी उसी घर में दफन हो जाती है।

Six Pokhar village in Agra
आगरा के छह पोखर गांव में अनोखी मजबूरी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Feb 2026 12:41 PM
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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसा अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसे जानकर कोई भी हैरान रह जाएगा। यहां एक गांव ऐसा है, जहां जिंदगी और मौत एक ही छत के नीचे साथ रहती हैं। गांव के लगभग हर मुस्लिम परिवार के घर में किसी न किसी अपने की कब्र बनी हुई है। हम बात कर रहे हैं आगरा से करीब 30 किलोमीटर दूर किरावली तहसील के अछनेरा क्षेत्र में स्थित छह पोखर गांव की। बाहर से यह गांव किसी आम गांव जैसा ही नजर आता है, लेकिन जैसे ही इसकी गलियों में कदम रखते हैं, हकीकत भीतर तक झकझोर देती है।

कब्र के पास जलता है चूल्हा

बता दें कि गांव में रहने वाले करीब 15 मुस्लिम परिवारों के घरों में कब्रें बनी हैं। कहीं रसोई के पास तो कहीं आंगन में, कब्र के सामने ही चूल्हा जलता है और रोजमर्रा की जिंदगी चलती है। जहां बच्चे खेलते हैं, वहीं किसी मां, पिता या मासूम की आखिरी आरामगाह बनी हुई है।

मजबूरी बनी परंपरा

बता दें कि ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई धार्मिक परंपरा या रिवाज नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही मजबूरी है। गांव में मुस्लिम समुदाय के लिए कोई कब्रिस्तान नहीं है। अधिकांश लोग जमीन के मालिक नहीं हैं, ऐसे में जब किसी की मौत हो जाती है तो मजबूरन अपने ही घर में गड्ढा खोदकर शव को सुपुर्द-ए-खाक करना पड़ता है। एक ग्रामीण ने बताया कि उनके घर में पत्नी और मासूम बच्ची की कब्र है। बात करते समय उनकी आंखें भर आती हैं। उनका कहना है,जब दफनाने की कोई जगह ही नहीं थी, तो इंसान क्या करता?

कब्रों के बीच पलते बच्चे

बता दें कि गांव में बच्चे कब्रों के ऊपर खेलते नजर आते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी मौत की खामोश मौजूदगी के बीच चल रही है। रात के वक्त कई परिवारों को डर और खौफ के साए में रहना पड़ता है, लेकिन मजबूरी के आगे सब खामोश हैं।

2 गज जमीन का सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन गरीब मुस्लिम परिवारों को इंसान की आखिरी जरूरत 2 गज जमीन भी नसीब नहीं होगी? छह पोखर गांव आज भी इसी सवाल के साथ जी रहा है, जहां लोग जिंदगी भी अपने घरों में गुजारते हैं और मौत भी उसी घर में दफन हो जाती है।

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फरीदाबाद में पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति की हत्या, गिरफ्तार

फरीदाबाद में पत्नी और प्रेमी ने मिलकर अवैध संबंधों के चलते पती की हत्या की साजिश रची और शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। जिसके बाद क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Sensational incident in Faridabad
फरीदाबाद में सनसनीखेज हत्या का खुलासा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Feb 2026 10:04 PM
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Faridabad News : फरीदाबाद पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या के मामले का पर्दाफाश किया है, जिसमें पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति की हत्या की और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। पुलिस की क्राइम ब्रांच डीएलएफ टीम ने दोनों आरोपियों पत्नी कविता और उसके प्रेमी रियाउल को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला मेवला महाराजपुर का

बता दें कि जानकारी के अनुसार, यह घटना 28 जनवरी, 2025 की नहीं बल्कि 30 नवंबर, 2025 की है, जब सुमन नामक व्यक्ति का शव रेलवे ट्रैक पर पाया गया। मृतक सुमन की पत्नी कविता और उसके प्रेमी रियाउल वर्तमान में मेवला महाराजपुर में रह रहे थे। कविता झारखंड के गोड्डा जिले की निवासी हैं जबकि रियाउल पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से हैं।

गुमशुदगी की शिकायत और जांच

बता दें कि 18 जनवरी को, सुमन के भाई सन्नी ने अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट सेक्टर 46 पुलिस चौकी में दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि सुमन की पत्नी कविता और रियाउल के बीच अवैध संबंध थे। जब सुमन को इन संबंधों का पता चला, तो दोनों ने उसकी हत्या की योजना बनाई।

हत्या का भयावह तरीका

बता दें कि पुलिस के अनुसार, 30 नवंबर को दोनों आरोपियों ने रेलवे ट्रैक के पास सुमन के सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव का चेहरा रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया ताकि पहचान न हो सके। आरोपियों ने शव को झारखंड ले जाने की भी योजना बनाई थी।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच की त्वरित कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है।Faridabad News

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नितेश राणे के बयान पर सियासी घमासान, ठाकरे गुट का पलटवार

ठाकरे गुट का आरोप है कि नितेश राणे का यह बयान मंत्री पद की शपथ का सीधा उल्लंघन है। अखिल चित्रे ने कहा कि संविधान के अनुसार मंत्री को बिना भेदभाव के काम करना होता है, लेकिन इस तरह के बयान सत्ता के दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण राजनीति को दर्शाते हैं।

The hustle and bustle of Panchayat committee elections
सरकारी तंत्र की निष्पक्षता पर उठे सवाल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Feb 2026 07:33 PM
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Nitesh Rane : महाराष्ट्र में आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की सरगर्मी के बीच राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा के नेता और मंत्री नितेश राणे के एक कथित बयान को लेकर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए राज्यपाल से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, कणकवली के फोंडा निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी जनसभा के दौरान नितेश राणे ने कथित तौर पर कहा कि सरकारी निधि का आवंटन राजनीतिक चिह्नों के आधार पर किया जाएगा। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है और सरकारी तंत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

‘सरकारी खजाना निजी पिगी बैंक नहीं’

बता दें कि शिवसेना (UBT) के नेता अखिल चित्रे ने इस बयान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नितेश राणे पर तंज कसते हुए लिखा कि सरकारी तिजोरी जनता की मेहनत की कमाई से भरी होती है, न कि किसी मंत्री की निजी संपत्ति। चित्रे ने कहा कि सरकारी फंड का वितरण पार्टी, चुनाव चिह्न या राजनीतिक निष्ठा के आधार पर नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि फंड के नाम पर दबाव बनाना और सौदेबाजी करना जनता के साथ विश्वासघात है और यह सोच लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है।

शपथ का उल्लंघन और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

बता दें कि ठाकरे गुट का आरोप है कि नितेश राणे का यह बयान मंत्री पद की शपथ का सीधा उल्लंघन है। अखिल चित्रे ने कहा कि संविधान के अनुसार मंत्री को बिना भेदभाव के काम करना होता है, लेकिन इस तरह के बयान सत्ता के दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण राजनीति को दर्शाते हैं। उन्होंने इसे असंवैधानिक और कानून के खिलाफ करार दिया।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री से सवाल

बता दें कि इस पूरे मामले में शिवसेना (UBT) ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूछा है कि क्या ऐसे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो सरकारी फंड को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की बात कर रहा है। ठाकरे गुट का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की बयानबाजी पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक मिसाल साबित हो सकती है। Nitesh Rane

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