Lithium Reserve : जम्मू-कश्मीर समेटे है लीथियम का अथाह भंडार
Lithium Reserve: Jammu and Kashmir has immense reserves of Lithium
भारत
चेतना मंच
01 Mar 2023 06:21 PM
Lithium Reserve : जम्मू-कश्मीर के रियासी में लीथियम का भंडार पाया गया है। इससे भारत को बड़ी उम्मीद जगी है। जानकारों की माने तो इसकी कीमत भारत की तस्वीर बदलने के लिए पर्याप्त है। अब लीथियम कई देशों को निर्यात भी किया जा सकेगा। जानकारों की मानें तो यह लीथियम भंडार भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित होगा।
Lithium Reserve :
पिछले दिनों जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में सर्वे किया था जिसमें लीथियम के भंडार होने की जानकारी मिली थी। पहले भारत विदेश से लीथियम का आयात करता था। आपको बता दें कि लीथियम का इस्तेमाल रिचार्जेबल बैटरी बनाने के लिए सबसे अधिक किया जाता है। ऐसे में भारत के ईवी सेक्टर को इससे बहुत उम्मीदें जुड़ गई हैं। इसके अलावा एयरक्राफ्ट से लेकर हाई-स्पीड ट्रेनों, थर्मोन्यूक्लियर रिएक्शन, मूड स्विंग और बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी बीमारियों के इलाज में भी लिथियम का इस्तेमाल बड़े स्तर पर होता है। इतना ही नहीं, मोबाइल की बैटरी, इनवर्टर साथ ही साथ सोलर पैनल आदि में भी इसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर किया जाता है।
इनदेशोंसेहोतारहाहैलीथियमकाआयात
वर्तमान में भारत विदेश से ही लीथियम का आयात करता आया है। इन देशों में अर्जेंटीना, चिली, ऑस्ट्रेलिया,चीन और बोलीविया शामिल है। वर्तमान में दुनिया में लीथियम का सबसे बड़ा भंडार चिली में मौजूद है। यहां लगभग 93 लाख टन लीथियम उपलब्ध है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में 63 लाख टन, अर्जेंटीना में 27 लाख टन और चीन में 20 लाख टन लिथियम का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है।
देशमेंमिलेलीथियमभंडारकीकीमत
भारत में मिले इस लीथियम भंडार की कीमत की चर्चा की जाए तो यह भारत की पूरी तस्वीर बदलने के लिए पर्याप्त है। वर्तमान में 1 टन लिथियम का मूल्य करीब 57.36 लाख रुपये है। ऐसे में भारत में मिले लीथियम की कुल कीमत करीब 3,384 अरब रुपये सम्भावित है। हालांकि लीथियम से रीचार्जेबल बैटरी बनाना आसान नहीं होगा क्योंकि कई देशों के पास तो इन बैटरी के निर्माण की तकनीक तक उपलब्ध नहीं है।
गौरतलब है कि भारत में पहली बार लीथियम का भंडार मिला है। बड़ी बात यह है कि भारत में मिला ये भंडार दुनिया में अब तक का तीसरा सबसे बड़ा भंडार है। यह भंडार सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व की जरूरतों को पूरा कर सकता है।