Tuesday, 28 May 2024

Science on Tap : अब पैग के साथ करें ब्रह्मांड की चर्चा

पुणे (महाराष्ट्र)। विज्ञान और आम लोगों के बीच खाई को पाटने के लिए एक जलवायु विज्ञानी ने पुणे शहर में…

Science on Tap : अब पैग के साथ करें ब्रह्मांड की चर्चा

पुणे (महाराष्ट्र)। विज्ञान और आम लोगों के बीच खाई को पाटने के लिए एक जलवायु विज्ञानी ने पुणे शहर में अनूठी पहल की है। इसके तहत पब, लाउंज, कैफे और बार में विज्ञान के विभिन्न विषयों पर बातचीत करने लगे हैं। इसका मकसद लोगों तक विज्ञान की सही जानकारी पहुंचाना है। स्कूलों, कॉलेजों और औपचारिक कार्यक्रमों में विज्ञान के विषयों पर चर्चा आम बात है, लेकिन इस पहले के बाद लोग मशीनों, ब्रह्मांड और जलवायु परिवर्तन जैसे विज्ञान के विभिन्न विषयों पर पब, लाउंज और कैफे में ही नहीं, बल्कि शराब की चुस्की के साथ भी सामान्य बातचीत करने लगे हैं।

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‘विज्ञान ‘प्लस’ शराब की चुस्की ‘माइनस’ गपशप

जलवायु विज्ञानी का फार्मूला है, ‘विज्ञान ‘प्लस’ शराब की चुस्की ‘माइनस’ गपशप और गंभीरता यानी खूब सारा मजा।’ जी हां, आपने बिल्कुल ठीक सुना, भारतीय उष्ण देशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के जलवायु विज्ञानी अनूप महाजन की अगुवाई में पुणे के विज्ञानप्रेमियों का एक समूह अपनी अनूठी ‘साइंस ऑन टैप’ पहल से विज्ञान और आम लोगों के बीच फासला कम करने के मिशन पर है। महाजन ने कहा कि विज्ञान और लोगों के बीच की खाई को कम करने के उद्देश्य से लोगों तक पहुंचने की यह पहल शुरू की गई है।

लोगों तक विज्ञान की सही जानकारी पहुंचाना है मकसद

‘साइंस ऑन टैप’ योजना के पीछे महाजन का ही दिमाग है। उन्होंने कहा कि बहुत सारी गलत सूचनाएं हैं। लोग नहीं जानते कि कौन सी जानकारी सही है और कौन सी गलत है। अधिकतर लोग सोशल मीडिया पर ऐसी जानकारी के संपर्क में हैं, जो असत्यापित हैं और विज्ञान सहित सभी विषयों पर गलत सूचनाएं फैल रही हैं। महाजन ने कहा कि इस तरह के सभी विज्ञान संपर्क कार्यक्रम ऑडिटोरियम, स्कूल और कॉलेजों जैसी औपचारिक जगहों पर होते हैं, जहां पहुंच सीमित है। यहां तक कि अगर हम ऑडिटोरियम में विशेषज्ञों को आमंत्रित करके वार्ता आयोजित करते हैं और उन्हें सभी के लिए खुला रखते हैं, तो भी संभावना है कि लोग नहीं आएंगे।

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सर्वे के बाद किया फैसला

उन्होंने कहा कि इसलिए हमने आम जनता तक पहुंचने का फैसला किया और यह पता लगाने की कोशिश की कि युवा लोग अच्छा समय बिताने के लिए कहां जाते हैं। जवाब था रेस्तरां, लाउंज, कैफे या उनका पसंदीदा बार या पब। इसके बाद चर्चा को ऐसी जगहों पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

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