Thursday, 13 June 2024

Agriculture Waste से बन रहीं जरूरत की ढेरों सामग्रियां, जानकर रह जायेंगे हैरान

किसी भी खाद्य सामग्री उपज करना तो वाकई में एक कठिन कार्य है लेकिन इन खाद्य पदार्थों की खेती से…

Agriculture Waste से बन रहीं जरूरत की ढेरों सामग्रियां, जानकर रह जायेंगे हैरान

किसी भी खाद्य सामग्री उपज करना तो वाकई में एक कठिन कार्य है लेकिन इन खाद्य पदार्थों की खेती से निकले Agriculture Waste का मैनेजमेंट करना उससे भी कहीं ज्यादा मुश्किल है। इस वेस्ट को जलाना या फिर कचरे में डंप करना आदि किसानों के लिए तो मुश्किल है ही साथ में यह सरकार के लिए भी एक बड़ी समस्या रहती है। खेती से निकलने वाले कचरे का सही सदुपयोग करने के विषय में तमाम तरह की रिसर्च होती रहती हैं और उनके बेहतर परिणाम भी सामने आये हैं। लेकिन कैसा रहेगा अगर आपको यह बताया जाए कि जिस प्लेट, थाली, कप या फिर स्ट्रा का प्रयोग करके आप जिन खाद्य पदार्थों को खा रहें हैं, वे उसी के कचरे (Agriculture Waste ) से तैयार किये गए हैं।

देश ही नहीं विदेशों में भी है सप्लाई

आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि अयोध्या के रहने वाले वेद कृष्णा ने इसी बिज़नेस को बढ़ाकर अपना सालाना टर्नओवर 300 करोड़ तक पहुँचा लिया है। उनकी कंपनी के द्वारा बनाये हुए बायोडिग्रेडेबल कप, प्लेट, कटोरी और पैकेजिंग मटेरियल आज भारत में ही नहीं बल्कि मिस्त्र और मैक्सिको जैसे देशों में भी तेज़ी के साथ आयात किये जा रहें हैं। हल्दीराम, मैकडॉनल्ड्स, चाय प्वाइंट, अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों ने इन बायोडिग्रेडेबल वस्तुओं को हाथों हाथ लेना शुरु कर दिया है।

ऐसी स्ट्रा जिन्हें आप खा सकते हैं

तिरुवानंतपुरम में स्थित कुदरत नाम की एक बड़ी कंपनी तो इससे भी एक कदम आगे निकल चुकी है। उन्होंने पाइनएप्पल, सेब, केले के वेस्ट या छिलके (Agriculture Waste) और टूटे हुए चावल के दानों से ऐसी स्ट्रा का निर्माण किया है जिनमें पांच अलग -अलग तरह के फ्लेवर मौजूद हैं। लोग इन्हें बेहद पसंद कर रहें हैं और करें भी क्यों नहीं?आखिर इन स्ट्रा से आप पहले अपनी ड्रिंक खत्म कर सकते हैं और बाद में इनके फ्लेवर का स्वाद लेते हुए आराम से इन्हें खा भी सकते हैं।

Agriculture Waste

यही नहीं कुदरत ने ऐसी प्लेट और पैकेज़ की चीजें बनाई हैं जिनकी लाइफ कम से कम 12 महीने तक हो सकती है। यानि कि ऐसे बायोडिग्रेडेबल प्लेट और कप जिन्हें आप एक बार नहीं बल्कि कई – कई बार प्रयोग में ला सकते हैं।

30 दिन में खुद से ही खत्म हो जायेंगे ये बायोडिग्रेडेबल मटेरियल

ऋषभ पुरी जो कि कुदरत के CEO हैं, वे बताते हैं कि इन कप, प्लेट या स्ट्रा से होने वाले कचरे को मात्र 30 दिन में खत्म किया जा सकता है। ऐसे में मरीन वेस्ट यानि समुद्र के आस – पास होने वाले कचरे को भी जल्द ही खत्म किया जा सकता है। 90% तक कार्बन फ्री रहने वाली कुदरत कंपनी ऐसे प्रोडक्ट बना रही है जिसे आप माइक्रोवेव में रख सकते हैं और फ्रिज में फ्रीज भी कर सकते हैं।

प्लास्टिक के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए Qudrat व अन्य संस्थानों की यह पहल वाकई काबिलेतारीफ है।

Noida News ‘किसानों को वापस की जाए पुरानी आबादी’

Related Post