UP Day : राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने की तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ की शुरुआत
The Governor and the Chief Minister started the three-day 'Uttar Pradesh Day'
भारत
RP Raghuvanshi
24 Jan 2023 10:34 PM
भारत
RP Raghuvanshi
24 Jan 2023 10:34 PM
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मनाए जा रहे तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ की मंगलवार को शुरुआत की। इस दौरान अवध शिल्प ग्राम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि भारत में जन्म लेना कठिन है और मनुष्य के रूप में जन्म लेना और भी कठिन है। अगर उत्तर प्रदेश में जन्म लेने का अवसर मिले तो यह हर भारतवासी के लिए गौरव का विषय है।
UP Day
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और लीलाधारी श्रीकृष्ण की जन्म भूमि है। यह तथागत गौतमबुद्ध और गंगा-यमुना की पावन भूमि है। यह अपनी स्थापना का 74वां वर्ष ‘उप्र दिवस’ के रूप में एक नए संकल्प के रूप में आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने और उत्तर प्रदेश उसमें ‘ग्रोथ इंजन’ (विकास के इंजन) के रूप में काम करे।
आजादी की लड़ाई में उत्तर प्रदेश के योगदान का जिक्र करते हुए योगी ने मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई, बंधु सिंह, धन सिंह कोतवाल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई का गवाह गोरखपुर का चौरीचौरा और लखनऊ का काकोरी कांड भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के वैदिक ज्ञान की आधारभूमि सीतापुर का नैमिषारण्य भी उत्तर प्रदेश में ही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अपने गौरव और गरिमा को लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद, मत-मजहब के आधार पर विभाजन की रेखाओं ने उत्तर प्रदेश को अपूरणीय क्षति की है। इन विसंगतियों को समाप्त कर उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम राज्य की श्रेणी में खड़ा करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।
UP Day
उत्तर प्रदेश दिवस आयोजित करने का श्रेय पूर्व राज्यपाल राम नाईक को देते हुए योगी ने कहा कि मैं इस बात को विस्मृत नहीं कर सकता कि 2017 में जब ‘डबल इंजन’ की सरकार बनी, तब तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने हम सबको स्मरण कराया कि सभी राज्य अपनी स्थापना दिवस को अपने दिवस के रूप में आयोजित करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश ऐसा नहीं करता। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम नाईक ने इस आयोजन की अपेक्षा की, तो हमने कहा कि हम यह करेंगे और 2018 की जनवरी आते ही उत्तर प्रदेश दिवस मनाने की शुरुआत हुई। मुझे खुशी है कि पहले स्थापना दिवस पर ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना को आगे बढ़ाया गया था। उन्होंने कहा कि आज इस (ओडीओपी) योजना ने उत्तर प्रदेश के निर्यात को दोगुना कर दिया है और राज्य निर्यात केंद्र के रूप में विख्यात हो गया है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इस मौके पर मुख्यमंत्री हस्तशिल्प पेंशन योजना, हस्तशिल्प विपणन प्रोत्साहन योजना, स्टांप ड्यूटी में छूट समेत कई योजनाओं की शुरुआत की। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए लोगों को ‘रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार’ और ‘लक्ष्मण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने से पहले किसी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाने की सुध नहीं आई, लेकिन पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने इसकी पहल की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह दिवस मनाने की शुरुआत हुई। पाठक ने कहा कि 2017 से पहले जिस तरह उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त कर दी गई थी, उसी तरह पर्यटन और संस्कृति का ढांचा भी नष्ट कर दिया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया राज का सफाया करने के साथ ही संस्कृति और विरासत को महत्व दिया।
पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र और प्रमुख सचिव (पर्यटन) मुकेश मेश्राम समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। कार्यक्रम में कलाकारों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों की लोक कलाओं का प्रस्तुतीकरण दिया।
देश–दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमेंफेसबुकपर लाइक करें याट्विटरपर फॉलो करें।News uploaded from Noida #ChetnaManch #चेतनामंच