Saturday, 18 May 2024

Vijayadashami 2023 : दशहरा पर्व को विजयादशमी क्यों कहते हैं ?

Vijayadashami 2023: दशहरा का अर्थ है (दश+होरा) दसवीं तिथि । पौराणिक कथा के अनुसार देवी नौ दिन महिषासुर के साथ…

Vijayadashami 2023 : दशहरा पर्व को विजयादशमी क्यों कहते हैं ?

Vijayadashami 2023: दशहरा का अर्थ है (दश+होरा) दसवीं तिथि । पौराणिक कथा के अनुसार देवी नौ दिन महिषासुर के साथ युद्ध करने के पश्चात दसवें दिन ही उसका वध कर सकी थीं । इसलिये इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में दशहरा अर्थात विजयादशमी के रूप में इस दिन उत्सव मनाया जाता है । सीता हरण के पश्चात जब राम बहुत समय तक रावण को नहीं हरा सके तब नारद मुनि के कहने पर उन्होंने नारद जी के निर्देशन में देवी की आराधना करते हुये इस व्रत को विजय की कामना से किया । देवी को 108 कमल पुष्प पूजन में चढ़ाने के लिये हनुमान जी नित्य हिमालय में स्थित देवताओं के नंदन वन से लाते थे । नवम दिन देवी ने उनकी परीक्षा के लिये एक पुष्प चुरा लिया । पूजन के समय एक पुष्प कम देख कर राम ने हनुमान से पूंछा ‌तब हनुमान जी ने कहा मैं तो गिन कर पूरे 108 ही लाया हूँ प्रभु ! मात कौशिल्या उन्हें राजीव नयन कह कर बुलाती थी । इसलिए अपनी आंख को ही कमल पुष्प के स्थान पर चढ़ाने के लिये जब वह अपने तीक्ष्ण बाण से बेध कर निकाल रहे थे उसी समय देवी ने प्रकट हो उन्हें रोकते हुये अपने हाथ में लिये पुष्प को देकर कहा :-*मैं तुम्हारी परीक्षा ले रही थी ,तुम अपनी परीक्षा में उत्तीर्ण हुये । मैं प्रसन्न होकर तुम्हें रावण पर विजय का वरदान देती हूं । मेरी शक्ति तुम्हारे साथ इस युद्ध में वकल विजय दिलायेगी और दसवें दिन देवी के आशीर्वाद और प्राप्त शक्ति से उन्होंने रावण कोयुद्ध में मार कर लंका पर विजय पाई और देवी सीता को रावण की कैद से मुक्त किया ।

आज का दिन हिंदू सनातन धर्म के अनुसार अबूझ मुहूर्त का है

रावण के दस सिर ही वह दुर्गुण थे जिनके कारण रावण को इतना ज्ञानी वेदपाठी सभी शास्त्रों का ज्ञाता होकर भी उसने कामवश सीता का हरण किया ,क्रोध वश अपने भाई विभीषण को ही सलाह देने पर लात मार अपमानित कर लंका से निकाला । अपनी बहिन सूर्पणखा के मोह में पड़कर सीता को चौर्य कर्म करते हुये चुराया । अहंकार वश रावण ने अपनी पत्नी मंदोदरी की बात नहीं मानी आलस्य में राम की सेना को समुद्र पार आने दिया ,मत्सर के वशीभूत होकर हिंसा के माध्यम से अपने ही राक्षस कुल के नाश कारण बना । अंत में दसवें दिन देवी मां की शक्ति से प्रेरित राम ने रावण का वध करते हुये विजय प्राप्त कर अपनी पत्नी सीता को रावण की कैद से मुक्त किया ।

Vijayadashami 2023: वर्ष में केवल तीन ही अबूझ मुहूर्त

आज का दिन हिंदू सनातन धर्म के अनुसार अबूझ मुहूर्त का है । वर्ष में केवल तीन ही अबूझ मुहूर्त हैं (१)दशहरा(२)कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की नवमी जिसे आंवला नवमी कहते हैं (३)अक्षय तृतीया वैसाख के शुक्ल पक्ष की इस दिन विना मुहुर्त के शादी विवाह होते हैं ।Vijayadashami 2023:

उषा सक्सेना

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