नोएडा होगा और भी ग्लोबल, सेक्टर-94 में बनेगा प्रीमियम कन्वेंशन सेंटर

अधिकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया के बाद इसे तेजी से जमीन पर उतारने की दिशा में काम शुरू होगा। प्राधिकरण के अनुसार, नोएडा की इस प्रस्तावित सिग्नेचर बिल्डिंग का डिजाइन एक कंसल्टेंट कंपनी ने तैयार किया है, जिसने भारत और विदेशों में कई बड़ी इमारतों के लिए डिजाइन व प्लानिंग का काम किया है।

नोएडा का नया ग्लोबल इवेंट हब
नोएडा का नया ग्लोबल इवेंट हब
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 01:22 PM
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NoIda News : नोएडा की पहचान को नई ऊंचाई देने वाली एक बड़ी परियोजना अब आकार लेने जा रही है। सेक्टर-94 में करीब एक लाख वर्गमीटर क्षेत्र में Noida Convention & Habitat Center के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। नोएडा प्राधिकरण इसे नोएडा की ‘सिग्नेचर बिल्डिंग’ के तौर पर विकसित कर रहा है, जो भविष्य में नोएडा के साथ-साथ पूरे NCR के लिए आयोजनों, सम्मेलनों और सांस्कृतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनने की क्षमता रखेगी। नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक यह परियोजना कालिंदी कुंज के पास शहर के प्रवेश द्वार पर प्रस्तावित है। दावा है कि यह परिसर सुविधाओं और आधुनिक डिजाइन के लिहाज से दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को भी टक्कर देगा। यहां होटल, पार्क, रेस्तरां, प्रदर्शनी क्षेत्र, ऑडिटोरियम और कई मल्टी-यूज सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी यानी नोएडा को एक नया अंतरराष्ट्रीय-स्तरीय इवेंट डेस्टिनेशन मिल सकता है।

PPP मॉडल से बनेगा प्रोजेक्ट

नोएडा प्राधिकरण इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए पूरा कराएगा। इसका मतलब साफ है निर्माण पर प्राधिकरण को अपनी जेब से एक रुपया भी नहीं लगाना होगा। उल्टा, जमीन की वैल्यू से भी अधिक करीब 3000 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके अलावा मासिक रेवेन्यू-शेयरिंग व्यवस्था के तहत प्राधिकरण को आगे भी नियमित आय होती रहेगी। हाल ही में इस परियोजना को लेकर तीन कंपनियों ने नोएडा प्राधिकरण में प्रस्तुतीकरण दिया है। अधिकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया के बाद इसे तेजी से जमीन पर उतारने की दिशा में काम शुरू होगा।

प्राधिकरण के अनुसार, नोएडा की इस प्रस्तावित सिग्नेचर बिल्डिंग का डिजाइन एक कंसल्टेंट कंपनी ने तैयार किया है, जिसने भारत और विदेशों में कई बड़ी इमारतों के लिए डिजाइन व प्लानिंग का काम किया है।

मास्टर प्लान-2031 के तहत तय हुआ भूखंड

यह परियोजना मास्टर प्लान-2031 के अंतर्गत सेक्टर-94 के भूखंड संख्या-4 और 5 पर प्रस्तावित है। लेआउट प्लान के मुताबिक भू-प्रयोग व्यावसायिक है, लेकिन डिजाइन तैयार करते समय मिक्स्ड लैंड यूज़ यानी कई तरह की गतिविधियों/सुविधाओं को एक परिसर में समाहित करने पर भी जोर दिया गया है।

पांच हिस्सों में बनेगा पूरा कॉम्प्लेक्स

नोएडा के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को फेज़्ड और ब्लॉक-आधारित प्लानिंग के साथ विकसित किया जा रहा है, ताकि हर हिस्से की उपयोगिता और संचालन व्यवस्था अलग-अलग स्तर पर मजबूत बने। प्रस्तावित लेआउट के मुताबिक वेस्ट ब्लॉक करीब 21,659 वर्गमीटर, सेंट्रल ब्लॉक12,924 वर्गमीटर और ईस्ट ब्लॉक15,691 वर्गमीटर क्षेत्र में आकार लेगा। वहीं, मेहमानों और डेली-बिजनेस ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए होटल सेक्शन के लिए अलग से 1,980 वर्गमीटर भूमि आरक्षित की गई है। इन प्रमुख ब्लॉक्स के अलावा नोएडा के इस कन्वेंशन हब में कॉमन फैसिलिटीज, एक्टिविटी ज़ोन और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट भी शामिल होगा ताकि पूरा परिसर एक स्मार्ट, सुव्यवस्थित और इंटरनेशनल-स्टैंडर्ड डेस्टिनेशन के रूप में उभर सके।

ये होगा नोएडा कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर का ‘ब्लूप्रिंट’

नोएडा के इस प्रस्तावित प्रीमियम कॉम्प्लेक्स को सिर्फ एक कन्वेंशन सेंटर नहीं, बल्कि पूरे NCR का नया इवेंट-पावरहाउस बनाने की तैयारी है। प्लान के मुताबिक यहां 2050 और 750 सीटों वाले दो अत्याधुनिक ऑडिटोरियम होंगे, ताकि बड़े कॉन्क्लेव से लेकर कॉर्पोरेट कॉन्फ्रेंस और सांस्कृतिक कार्यक्रम तक हर स्तर के आयोजन एक ही मंच पर हो सकें। मेहमानों की सुविधा के लिए 150 कमरों का होटल, कला और संस्कृति को मंच देने के लिए आर्ट गैलरी और ओपन एयर थिएटर भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही एक्सहिबिशन व एक्टिविटी के लिए अलग ज़ोन, बड़े पैमाने का पार्किंग कॉम्प्लेक्स और मेट्रो से सीधे प्रवेश जैसी सुविधाएं इसे नोएडा का सबसे स्मार्ट और सुगम डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। खास बात यह है कि मिक्स्ड-यूज़ मॉडल के तहत ऊपरी मंजिलों पर आवासीय उपयोग का प्रावधान भी रखा गया है।

ग्रीन-स्मार्ट बिल्डिंग

नोएडा की इस परियोजना को ग्रीन बिल्डिंग और स्मार्ट बिल्डिंग कॉन्सेप्ट के तहत विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित विशेषताएं -

  1. पूरे परिसर में LED लाइटिंग
  2. करीब 0.5 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन
  3. स्मार्ट कार्ड से एंट्री सिस्टम
  4. होटल/रेस्तरां में सोलर वॉटर हीटर/गीजर
  5. पावर बैकअप के लिए गैस जनरेटर
  6. ई-व्हीकल चार्जिंग पॉइंट
  7. 100% एयर कंडीशन्ड परिसर
  8. सीवरेज का 100% शोधन, MBR आधारित STP
  9. पीने व अन्य उपयोग के लिए दोहरी जल-लाइन व्यवस्था
  10. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का प्रावधान
  11. ऑटोमैटिक पार्किंग और इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले सिस्टम

पहले चरण में क्या बनेगा (प्रस्तावित आंकड़े)

  1. हैबिटेट सेंटर: 1,980 वर्गमीटर | FAR लगभग 35,000 वर्गमीटर
  2. कन्वेंशन सेंटर: 42,766 वर्गमीटर | FAR लगभग 27,088 वर्गमीटर
  3. कुल विकसित क्षेत्र/अन्य घटक मिलाकर प्रोजेक्ट का आकार लगभग 97,000 वर्गमीटर और FAR करीब 4,14,068 वर्गमीटर तक प्रस्तावित बताया जा रहा है। NoIda News

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यूपी दिवस पर नोएडा को मिलेगा तिहरा तोहफा, जल्द होगा लोकार्पण

अब तक यह कनेक्टिविटी न होने से नोएडा के यात्रियों को इंटरचेंज के लिए स्टेशन से नीचे उतरकर सड़क किनारे बने फुटपाथ से पैदल आना-जाना पड़ता था, जबकि सुविधा के लिए चल रहे फ्री ई-रिक्शे भी बंद हो चुके हैं।

यूपी दिवस पर नोएडा को तिहरा तोहफा
यूपी दिवस पर नोएडा को तिहरा तोहफा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 11:56 AM
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Noida News : यूपी दिवस के मौके पर नोएडा को इस बार विकास की तीन बड़ी सौगातें मिलने जा रही हैं। 24 से 26 जनवरी तक शहर में तीन दिवसीय यूपी दिवस का आयोजन होगा, जिसमें हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे और इसके लिए स्कूलों से भी समन्वय किया जा रहा है। इसी उत्सव के साथ नोएडा में करीब 47 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई तीन प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण/शुरुआत करने की तैयारी है।

नोएडा को मिलेगा पहला स्काईवॉक

नोएडा के मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला स्काईवॉक अब लगभग तैयार हो चुका है और प्राधिकरण के अनुसार इसमें लगाए गए ट्रेवलेटर की टेस्टिंग चल रही है। अब तक यह कनेक्टिविटी न होने से नोएडा के यात्रियों को इंटरचेंज के लिए स्टेशन से नीचे उतरकर सड़क किनारे बने फुटपाथ से पैदल आना-जाना पड़ता था, जबकि सुविधा के लिए चल रहे फ्री ई-रिक्शे भी बंद हो चुके हैं। करीब 450 मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा यह स्काईवॉक एक तरफ NMRC के सेक्टर-51 स्टेशन और दूसरी तरफ DMRC के सेक्टर-52 स्टेशन से सीधे जुड़ेगा। इसके शुरू होते ही इंटरचेंज करने वाले यात्रियों को सड़क पार करने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा और वे सुरक्षित तरीके से स्काईवॉक के जरिए स्टेशन बदल सकेंगे। यात्रियों की सहूलियत बढ़ाने के लिए स्काईवॉक के लगभग 250 मीटर हिस्से में 10 ट्रेवलेटर भी लगाए गए हैं, जिससे नोएडा में यह इंटरचेंज पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है।

यूपी दिवस पर सेक्टर-38A में 70 फीट ऊंचे क्लॉक टावर का लोकार्पण

यूपी दिवस के दिन नोएडा के सेक्टर-38A, GIP मॉल के सामने बन रहे नए क्लॉक टावर के लोकार्पण की तैयारी है। प्राधिकरण का कहना है कि काम अंतिम चरण में है और फिलहाल फिनिशिंग का काम चल रहा है। यह क्लॉक टावर करीब 70 फीट ऊंचा है, जिस पर घड़ियां लग चुकी हैं। इसके निर्माण पर करीब 1.40 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इससे पहले नोएडा के सेक्टर-128 (जेपी गोल चक्कर के पास) बने क्लॉक टावर का उद्घाटन किया जा चुका है। नए टावर को श्रीनगर की तर्ज पर तैयार किए गए डिजाइन के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे इस इलाके को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

40 साल पुराना गोदावरी मार्केट नए लुक में

नोएडा के सेक्टर-37 स्थित गोदावरी मार्केट का नवीनीकरण कार्य भी पूरा हो चुका है। ब्रह्मपुत्र मार्केट के बाद नोएडा का यह दूसरा प्रमुख बाजार है, जिसे नए सिरे से डिजाइन कर अपग्रेड किया गया है। करीब 40 साल पुराने इस बाजार में भूतल पर 38 दुकानें और 5 कियोस्क, जबकि पहली मंजिल पर 5 हॉल हैं। यहां रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। नवीनीकरण के तहत बाजार को आधुनिक रूप देने के लिए फसाड लाइटिंग लगाई गई है, जिस पर करीब 2.34 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। Noida News

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नोएडा सेफ्टी अलर्ट: अब चेकअप के बाद ही सीवर में उतरेंगे सफाई कर्मी

बैठक के दौरान आयोग/मंत्रालय स्तर के अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर यह संदेश दिया कि बिना स्वास्थ्य जांच के किसी कर्मी को सीवर या नाले में उतारना खतरनाक है और सफाई के काम में जान का जोखिम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

नोएडा में सफाई कर्मियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला
नोएडा में सफाई कर्मियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 11:21 AM
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Noida News : नोएडा में सीवर/नालों की सफाई करने वाले कर्मियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी सफाई कर्मी को सीवर या नाले में उतारने से पहले मेडिकल हेल्थ चेकअप कराना अनिवार्य होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उन स्थितियों को रोकने के लिए उठाया गया है, जब जोखिम भरे काम के दौरान जहरीली गैस, संक्रमण या पहले से मौजूद बीमारी के कारण कर्मियों की तबीयत अचानक बिगड़ जाती है। जानकारी के मुताबिक, हाल ही में लखनऊ में हुई एक अहम समीक्षा बैठक में सफाई कर्मियों की सुरक्षा और काम की परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा हुई थी। बैठक के दौरान आयोग/मंत्रालय स्तर के अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर यह संदेश दिया कि बिना स्वास्थ्य जांच के किसी कर्मी को सीवर या नाले में उतारना खतरनाक है और सफाई के काम में जान का जोखिम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद नोएडा के संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि कर्मियों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए एक ठोस और लागू होने वाली व्यवस्था बनाई जाए।

राष्ट्रीय सफाई कर्मी आयोग की सिफारिशों का असर

नोएडा में लागू की गई इस नई व्यवस्था के पीछे राष्ट्रीय सफाई कर्मी आयोग की सिफारिशें भी बड़ा आधार बनीं। आयोग लंबे समय से यह मुद्दा उठाता रहा है कि कई जगह सफाई कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपायों और स्वास्थ्य जांच के बिना ही खतरनाक काम में लगा दिया जाता है। इसी क्रम में नोएडा में अब यह भी साफ कर दिया गया है कि हाथ से सीवर/नाले की सफाई किसी भी हाल में नहीं कराई जाएगी। सफाई कार्य मशीनों और आधुनिक उपकरणों से ही कराया जाएगा, ताकि कर्मियों का जहरीली गैस और गंदगी के सीधे संपर्क में आना कम हो और हादसों की आशंका घटे।

किस तरह की जांच होगी?

नोएडा के डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव सारस्वत के अनुसार, सीवर और नालों की सफाई के दौरान कर्मचारियों को जहरीली गैस, संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। कई बार पहले से बीमार कर्मचारी ऐसे काम में उतरते ही अचानक गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं। इसी कारण अब तय किया गया है कि हर कर्मी की मेडिकल स्क्रीनिंग होगी और रिपोर्ट के आधार पर ही उसे जोखिम वाला काम सौंपा जाएगा। जांच में ब्लड प्रेशर, अस्थमा, टीबी, ईसीजी सहित अन्य जरूरी परीक्षण शामिल किए जाएंगे।

नोएडा में क्या बदलेगा?

इस नई नीति के लागू होने के बाद नोएडा में सीवर/नालों की सफाई के काम में सुरक्षा मानकों का पालन ज्यादा सख्ती से कराया जाएगा। हेल्थ चेकअप से जहां कर्मियों की फिटनेस का आकलन होगा, वहीं मशीनों के इस्तेमाल से खतरनाक परिस्थितियों में सीधे उतरने की जरूरत भी घटेगी। अधिकारियों का दावा है कि इससे नोएडा में सफाई कर्मियों की सुरक्षा मजबूत होगी और काम के दौरान होने वाली अनहोनी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। Noida News

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