गुलशन कुमार की 1997 में मुंबई के जुहू में हत्या कर दी गई थी। जानिए उनके कैसेट कारोबार, नोएडा की फैक्ट्री और इस चर्चित हत्याकांड से जुड़े अहम तथ्य।

Noida News : मुंबई में फिल्मी हस्तियों को निशाना बनाकर की जा रही फायरिंग और गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर उठ रहे सवालों के बीच संगीत और फिल्म जगत के चर्चित कारोबारी गुलशन कुमार की हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। 12 अगस्त 1997 को मुंबई के जुहू इलाके में एक मंदिर से बाहर निकलते समय गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस कहानी का एक महत्वपूर्ण पहलू नोएडा से भी जुड़ा है, जहां गुलशन कुमार की कैसेट फैक्ट्री और कारोबारी गतिविधियों का उल्लेख मुंबई पुलिस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी की पुस्तक पर आधारित रिपोर्ट में मिलता है। नोएडा आज देश के प्रमुख औद्योगिक, कॉरपोरेट और मीडिया केंद्रों में शामिल है। ऐसे में गुलशन कुमार के कारोबार और उनकी हत्या से जुड़े घटनाक्रम को समझना शहर के औद्योगिक इतिहास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। Noida News :
गुलशन कुमार टी-सीरीज के संस्थापक थे। उन्होंने संगीत के कारोबार में अपनी अलग पहचान बनाई और धार्मिक गीतों से लेकर फिल्मी संगीत तक बड़े स्तर पर काम किया। 12 अगस्त 1997 को मुंबई के जुहू स्थित जीत नगर इलाके में मंदिर से निकलने के बाद उन पर हमला किया गया। हमलावरों ने उन पर 16 गोलियां चलाईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने फिल्म उद्योग और संगीत कारोबार में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। उस दौर में मुंबई में अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों, कारोबारियों से कथित रंगदारी मांगने और फिल्म जगत से जुड़े लोगों को धमकियां दिए जाने की घटनाएं सुर्खियों में रहती थीं। गुलशन कुमार की हत्या के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। मुकदमे की लंबी कानूनी प्रक्रिया चली और अंततः अब्दुल रऊफ दाऊद मर्चेंट को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुलाई 2021 में उसकी सजा बरकरार रखी थी।
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गुलशन कुमार की कहानी केवल मुंबई के फिल्म और संगीत उद्योग तक सीमित नहीं थी। उनके कारोबार का विस्तार दूसरे शहरों तक था और नोएडा भी इससे जुड़ा हुआ था। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त राकेश मारिया ने अपनी पुस्तक में गुलशन कुमार की हत्या से पहले की परिस्थितियों का जिक्र किया था। रिपोर्ट में बताया गया कि गुलशन कुमार की कैसेट फैक्ट्री की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के कमांडो तैनात किए गए थे। इसी घटनाक्रम में उनकी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का भी उल्लेख किया गया है। यह विवरण इस बात की ओर ध्यान खींचता है कि उस दौर में नोएडा केवल औद्योगिक निवेश का केंद्र नहीं बन रहा था, बल्कि यहां संगीत और मनोरंजन उद्योग से जुड़ा कारोबार भी संचालित हो रहा था। हालांकि, नोएडा में गुलशन कुमार के पूरे औद्योगिक साम्राज्य, उसकी संपत्तियों और कारोबार के आकार से संबंधित विस्तृत दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसलिए उनके कारोबारी विस्तार को लेकर किसी निश्चित आंकड़े या संपत्ति संबंधी दावे को बिना दस्तावेजी प्रमाण के तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। Noida News :
गुलशन कुमार हत्याकांड उस दौर की याद दिलाता है, जब मुंबई के फिल्म उद्योग और कारोबारी जगत में अंडरवर्ल्ड के कथित हस्तक्षेप को लेकर लगातार खबरें सामने आती थीं। रंगदारी, धमकियों और सुपारी देकर हत्या कराने जैसे आरोपों ने उस समय फिल्म जगत की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बना दिया था। अक्टूबर 2026 में भी मुंबई में फिल्मी हस्तियों से जुड़े गोलीबारी के मामलों के बाद गैंगस्टर नेटवर्क की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं। हाल की कुछ घटनाओं में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है, लेकिन प्रत्येक घटना में उसकी भूमिका की पुष्टि जांच के तथ्यों और पुलिस के आधिकारिक निष्कर्षों के आधार पर ही की जानी चाहिए। गुलशन कुमार की हत्या और आज के मामलों के बीच सीधा संबंध स्थापित करने वाला कोई प्रमाण सामने आए बिना दोनों को एक ही आपराधिक नेटवर्क की निरंतरता बताना सही नहीं होगा। फिर भी, दोनों दौर की घटनाएं इस व्यापक सवाल को सामने लाती हैं कि आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोगों और मनोरंजन उद्योग से जुड़े कारोबारियों की सुरक्षा किस तरह सुनिश्चित की जाए।
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आज नोएडा में फिल्म, मीडिया, मनोरंजन, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरे उद्योगों का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। शहर का विकास ऐसे दौर में हुआ, जब यहां उत्पादन इकाइयों से लेकर बड़े कॉरपोरेट प्रतिष्ठानों तक ने अपनी जगह बनाई। गुलशन कुमार की हत्या से जुड़ा नोएडा का संदर्भ इस इतिहास का एक ऐसा पहलू है, जिस पर अपेक्षाकृत कम चर्चा होती है। मुंबई में हुई इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की परिस्थितियों को समझने के लिए उनके कारोबार, सुरक्षा व्यवस्था और उस समय की औद्योगिक गतिविधियों को भी देखना जरूरी है। गुलशन कुमार हत्याकांड आज भी याद दिलाता है कि अपराध का असर किसी एक शहर तक सीमित नहीं रहता। मुंबई में हुई उस वारदात की कहानी में नोएडा का कारोबारी संदर्भ भी दर्ज है, जो शहर के औद्योगिक अतीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। Noida News :
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