किसान पहचान-पत्र बनवा लें वरना नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि : राजीव कुमार

यह जानकारी उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने देते हुए किसानों से समय रहते रजिस्ट्री पूरी कराने की अपील की है। उप कृषि निदेशक के अनुसार जिले में अब तक 28,730 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, लेकिन 19,382 किसान अब भी ऐसे हैं जिनकी रजिस्ट्री लंबित है।

गौतमबुद्धनगर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज
गौतमबुद्धनगर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Feb 2026 12:36 PM
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Noida News : गौतमबुद्धनगर के किसानों के लिए प्रशासन ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। किसान पहचान-पत्र/फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं कराने वाले किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि समेत कई योजनाओं का लाभ रुक सकता है। यह जानकारी उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने देते हुए किसानों से समय रहते रजिस्ट्री पूरी कराने की अपील की है। उप कृषि निदेशक के अनुसार जिले में अब तक 28,730 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, लेकिन 19,382 किसान अब भी ऐसे हैं जिनकी रजिस्ट्री लंबित है। इसी कारण नोएडा और आसपास के ग्रामीण इलाकों, दादरी, सदर और जेवर तहसील में गांव-गांव विशेष फार्मर रजिस्ट्री कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों का सत्यापन और पंजीकरण एक ही जगह पर कराया जा सके।

दो चरणों में गांव-गांव लगेंगे फार्मर रजिस्ट्री कैंप

जिले में फार्मर रजिस्ट्री को तेजी देने के लिए प्रशासन ने दो चरणों में गांववार कैंप तय किए हैं। पहले चरण में दादरी तहसील के धूममानिकपुर, छायसा और महाबड; सदर तहसील के मंडपा, आच्छेपुर और लडपुरा; जबकि जेवर तहसील के फलैदा बांगर, रबुपुरा और जहांगीरपुर में कैंप लगाए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में दादरी के कलौंदा, जांरचा और लुहारली; सदर के कनारसी, चीती और असतौली; तथा जेवर के नीमका शाहजहांपुर, थोरा और भाईपुर ब्रह्मनान में किसानों की रजिस्ट्री मौके पर ही पूरी कराई जाएगी।

मौके पर ही पूरी होगी प्रक्रिया

इन कैंपों में किसानों की सुविधा के लिए राजस्व विभाग के लेखपाल, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक, विकास विभाग के पंचायत सचिव और पूर्ति विभाग के संबंधित गांव के कोटेदार मौजूद रहेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के किसान एक ही स्थान पर दस्तावेज़ सत्यापन कराकर फार्मर रजिस्ट्री तुरंत पूरी कर लें। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी, वे पीएम किसान सम्मान निधि, उर्वरक अनुदान, बीज अनुदान, फसल बीमा, फसली ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और कृषि यंत्रों पर अनुदान जैसी सुविधाओं से वंचित किए जा सकते हैं। उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने जनपद के सभी भूमिधर किसानों से कहा है कि जिनकी रजिस्ट्री बाकी है, वे अपने नजदीकी गांव में लगने वाले कैंप में तय तारीखों पर जरूर पहुंचें और किसान पहचान-पत्र/फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से पूरी करा लें, ताकि नोएडा जिले के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना रुकावट मिलता रहे। Noida News

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नोएडा सेक्टर-51–52 स्काईवॉक की उलटी गिनती शुरू, जल्द होगा उद्घाटन

नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, इसे अगले एक महीने के भीतर यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। बता दें कि यह नया स्काईवॉक पुराने 300 मीटर लंबे टिन-शेड वाले पैदल कॉरिडोर की जगह लेगा, जिससे इंटरचेंज पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगा।

नोएडा में ब्लू–एक्वा लाइन इंटरचेंज होगा आसान
नोएडा में ब्लू–एक्वा लाइन इंटरचेंज होगा आसान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Feb 2026 12:14 PM
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Noida News : नोएडा मेट्रो से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। नोएडा मेट्रो से जुड़ी यह बड़ी खबर नोएडा–ग्रेटर नोएडा रूट पर मेट्रो से रोजाना सफर करने वालों के लिए बेहद ही अहम है। नोएडा सेक्टर-51 (एक्वा लाइन) और नोएडा सेक्टर-52 (ब्लू लाइन) को जोड़ने वाला 420 मीटर लंबा स्काईवॉक अब अपने फाइनल स्टेज में पहुंच चुका है। नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, इसे अगले एक महीने के भीतर यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। बता दें कि यह नया स्काईवॉक पुराने 300 मीटर लंबे टिन-शेड वाले पैदल कॉरिडोर की जगह लेगा, जिससे इंटरचेंज पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगा।

लाखों यात्रियों का होगा फायदा

नोएडा के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस स्काईवॉक को एयर कंडीशन (AC) बनाया जा रहा है, ताकि तेज गर्मी में भी पैदल चलना मुश्किल न हो। इसके साथ ही कॉरिडोर में ट्रैवललेटर (चलती पट्टी) भी लगेगा, जिसकी रफ्तार करीब 0.5 मीटर प्रति सेकंड बताई गई है। इससे ब्लू लाइन और एक्वा लाइन के बीच रोज़ाना इंटरचेंज करने वाले हजारों यात्रियों को कम समय में, कम मेहनत में और बिना थकान के स्टेशन बदलने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, उद्घाटन से पहले एक बड़ी तकनीकी बाधा सामने आई है—सेक्टर-51 स्टेशन पर मौजूद एक बीम स्काईवॉक की एंट्री में रुकावट बन रही है। नोएडा अथॉरिटी का दावा है कि बीम को दो कॉलम के बीच से हटाकर समस्या दूर कर दी जाएगी और इससे ढांचे की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसी सुधार कार्य को पूरा कर निर्धारित समय पर स्काईवॉक खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

जून 2023 से अटका है प्रोजेक्ट

इस फैसले पर उत्तर प्रदेश आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन (नोएडा) ने आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर बीम बाधा बन रहा था तो डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और तकनीकी सत्यापन के दौरान इसे पहले क्यों नहीं चिन्हित किया गया? हालांकि, परियोजना से जुड़े अधिकारियों का तर्क है कि शुरुआती डिजाइन सिंगल पिलर पर आधारित था, लेकिन काम के दौरान भूमिगत बिजली केबल मिलने के बाद डिजाइन में बदलाव करना पड़ा। इसके बाद तकनीकी जांच/वेरिफिकेशन कराकर स्काईवॉक को दो पिलर पर री-डिजाइन किया गया। इस स्काईवॉक का निर्माण जून 2023 में शुरू हुआ था और अब तक कई डेडलाइन गुजर चुकी हैं। अगर यह अगले महीने चालू हो जाता है, तो दिल्ली की ओर (ब्लू लाइन) और ग्रेटर नोएडा की ओर (एक्वा लाइन) जाने वाले यात्रियों को इंटरचेंज के लिए बार-बार स्टेशन से नीचे उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। Noida News

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देश का मोबाइल कैपिटल बना गौतमबुद्धनगर, उत्पादन में निकला सबसे आगे

उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में किए गए दावे के मुताबिक देश के करीब 65% मोबाइल फोन का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इसमें भी गौतमबुद्ध नगर जिला देशभर में नंबर-1 है, जहां भारत के 55% से अधिक मोबाइल फोन तैयार किए जा रहे हैं।

नोएडा बना देश का मोबाइल कैपिटल
नोएडा बना देश का मोबाइल कैपिटल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Feb 2026 11:04 AM
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Noida News : उत्तर प्रदेश अब मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग की तस्वीर बदलने वाले राज्यों में सबसे आगे निकलता दिख रहा है और इस बदलाव का सबसे बड़ा केंद्र नोएडा-ग्रेटर नोएडा बन गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में किए गए दावे के मुताबिक देश के करीब 65% मोबाइल फोन का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इसमें भी गौतमबुद्ध नगर जिला देशभर में नंबर-1 है, जहां भारत के 55% से अधिक मोबाइल फोन तैयार किए जा रहे हैं।

नोएडा में बन रहे हैं देश के सबसे चर्चित ब्रांड्स के फोन

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग की रेस में नोएडा ने अपनी सबसे बड़ी ताकत दमदार इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के दम पर बाकी शहरों को पीछे छोड़ दिया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्लस्टर में सैमसंग का सबसे बड़ा प्लांट मौजूद है, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 12 करोड़ यूनिट बताई जाती है। इसी बेल्ट में ओप्पो, वीवो और डिक्सन टेक्नोलॉजीज जैसी दिग्गज कंपनियां भी बड़े पैमाने पर मोबाइल निर्माण कर रही हैं, जिससे यह इलाका इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का सबसे सक्रिय हब बनता जा रहा है। राजस्व के मोर्चे पर भी गौतमबुद्ध नगर की भूमिका सबसे आगे मानी जा रही है खासतौर पर GST कलेक्शन में यह जिला लगातार टॉप पर रहने की चर्चा में है। इंडस्ट्री से जुड़े आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि गौतमबुद्ध नगर स्थित सैमसंग संयंत्र में दुनिया के करीब 25% फोन बनने की बात कही जाती है। यही वजह है कि नोएडा अब सिर्फ मेकिंग सेंटर नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम लिंक बनकर उभर रहा है। उत्पादन के साथ-साथ लोकल सप्लायर नेटवर्क, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में भी गतिविधियां तेज हुई हैं।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा बेल्ट को मिलेगा सीधा फायदा

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार का एक बड़ा उदाहरण यमुना सिटी (सेक्टर-24A) में सामने आ रहा है, जहां वीवो कंपनी मोबाइल निर्माण कर रही है। कंपनी को 2018 में 169 एकड़ भूमि का आवंटन हुआ था, जबकि 156.32 एकड़ भूमि के लिए चेकलिस्ट जारी होने का जिक्र भी सामने आया है। पहले चरण में कंपनी हर साल 6 करोड़ स्मार्टफोन तैयार कर रही है। निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा होना है। दूसरे चरण के पूरा होने के बाद अनुमान है कि यहां से हर साल करीब 14.40 करोड़ मोबाइल का उत्पादन किया जा सकेगा। फिलहाल यहां लगभग 800 लोग काम कर रहे हैं। दावा है कि दूसरे चरण के पूरा होने पर एक लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार हो सकते हैं, जिसका सीधा फायदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के आसपास के युवाओं को मिलेगा।

GST और एक्सपोर्ट में भी नोएडा की कंपनियां आगे

नोएडा की मोबाइल कंपनियां सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि निर्यात बढ़ाने और टैक्स कलेक्शन में भी मजबूत भूमिका निभा रही हैं। राज्य जीएसटी देने वाली टॉप-100 कंपनियों की सूची में सबसे ऊपर ग्रेटर नोएडा की ओप्पो मोबाइल कंपनी का नाम बताया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में ओप्पो मोबाइल इंडिया ने 1945.87 करोड़ रुपये GST जमा किया था, जबकि वर्ष 2024-25 में 1141.47 करोड़ रुपये GST जमा करने की जानकारी सामने आई है। Noida News

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