नोएडा के पब्लिक टॉयलेट्स का रखरखाव अब निजी एजेंसी के हवाले, टेंडर जल्द
इसी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने अब आउटसोर्सिंग आधारित प्रोफेशनल मेंटेनेंस सिस्टम अपनाने का निर्णय लिया है, ताकि शहर में बने टॉयलेट्स की हालत सुधरे और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सके।

Noida News : नोएडा में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव व्यवस्था अब नए मॉडल पर शिफ्ट होने जा रही है। नोएडा प्राधिकरण ने शहरभर में बने पब्लिक, कम्युनिटी और पिंक टॉयलेट्स की देखरेख निजी एजेंसियों के जरिए कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम. ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही निविदाएं जारी कर एजेंसी का चयन किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग के महाप्रबंधक एस.पी. सिंह के अनुसार, अभी तक इन टॉयलेट्स की सफाई का काम प्राधिकरण के ठेकेदारों के जरिए कराया जा रहा था, लेकिन स्टाफ की कमी और सीमित संसाधनों के कारण कई स्थानों पर नियमित सफाई, मरम्मत और रखरखाव में दिक्कतें सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने अब आउटसोर्सिंग आधारित प्रोफेशनल मेंटेनेंस सिस्टम अपनाने का निर्णय लिया है, ताकि शहर में बने टॉयलेट्स की हालत सुधरे और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
विज्ञापन अधिकार के जरिए जुटेगी मेंटेनेंस की रकम
नोएडा प्राधिकरण की योजना के तहत चयनित निजी एजेंसी को 5 वर्षों तक शौचालय परिसरों में विज्ञापन लगाने का अधिकार दिया जाएगा। एजेंसी को होने वाली आय का एक हिस्सा नोएडा प्राधिकरण को देना होगा। अधिकारियों का कहना है कि इसी राजस्व मॉडल के जरिए एजेंसी के कर्मचारियों के वेतन और संचालन से जुड़े खर्चों का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि सफाई, सैनिटाइजेशन, पानी-बिजली की व्यवस्था, छोटे-मोटे रिपेयर जैसी जरूरतें समय पर पूरी हो सकें।
स्वच्छ नोएडा अभियान को मिलेगा नया सपोर्ट
नोएडा प्राधिकरण ने शहरवासियों की सुविधा के लिए अलग-अलग श्रेणी में शौचालय सुविधाएं विकसित की हैं। प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार नोएडा में 117 पब्लिक टॉयलेट, 67 कम्युनिटी टॉयलेट, 16 पिंक टॉयलेट और 120 यूरिनल ब्लॉक बनाए गए हैं। अब यह पूरा नेटवर्क निजी एजेंसियों की देखरेख में संचालित और मेंटेन किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि एजेंसी आधारित व्यवस्था लागू होने से सफाई की नियमितता, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, और रखरखाव की जवाबदेही तय होगी। साथ ही, शहर के बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में टॉयलेट्स की स्थिति बेहतर होने से स्वच्छ नोएडा अभियान को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। Noida News
Noida News : नोएडा में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव व्यवस्था अब नए मॉडल पर शिफ्ट होने जा रही है। नोएडा प्राधिकरण ने शहरभर में बने पब्लिक, कम्युनिटी और पिंक टॉयलेट्स की देखरेख निजी एजेंसियों के जरिए कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम. ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही निविदाएं जारी कर एजेंसी का चयन किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग के महाप्रबंधक एस.पी. सिंह के अनुसार, अभी तक इन टॉयलेट्स की सफाई का काम प्राधिकरण के ठेकेदारों के जरिए कराया जा रहा था, लेकिन स्टाफ की कमी और सीमित संसाधनों के कारण कई स्थानों पर नियमित सफाई, मरम्मत और रखरखाव में दिक्कतें सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने अब आउटसोर्सिंग आधारित प्रोफेशनल मेंटेनेंस सिस्टम अपनाने का निर्णय लिया है, ताकि शहर में बने टॉयलेट्स की हालत सुधरे और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
विज्ञापन अधिकार के जरिए जुटेगी मेंटेनेंस की रकम
नोएडा प्राधिकरण की योजना के तहत चयनित निजी एजेंसी को 5 वर्षों तक शौचालय परिसरों में विज्ञापन लगाने का अधिकार दिया जाएगा। एजेंसी को होने वाली आय का एक हिस्सा नोएडा प्राधिकरण को देना होगा। अधिकारियों का कहना है कि इसी राजस्व मॉडल के जरिए एजेंसी के कर्मचारियों के वेतन और संचालन से जुड़े खर्चों का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि सफाई, सैनिटाइजेशन, पानी-बिजली की व्यवस्था, छोटे-मोटे रिपेयर जैसी जरूरतें समय पर पूरी हो सकें।
स्वच्छ नोएडा अभियान को मिलेगा नया सपोर्ट
नोएडा प्राधिकरण ने शहरवासियों की सुविधा के लिए अलग-अलग श्रेणी में शौचालय सुविधाएं विकसित की हैं। प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार नोएडा में 117 पब्लिक टॉयलेट, 67 कम्युनिटी टॉयलेट, 16 पिंक टॉयलेट और 120 यूरिनल ब्लॉक बनाए गए हैं। अब यह पूरा नेटवर्क निजी एजेंसियों की देखरेख में संचालित और मेंटेन किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि एजेंसी आधारित व्यवस्था लागू होने से सफाई की नियमितता, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, और रखरखाव की जवाबदेही तय होगी। साथ ही, शहर के बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में टॉयलेट्स की स्थिति बेहतर होने से स्वच्छ नोएडा अभियान को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। Noida News












