STP जांच में नोएडा की 6 सोसाइटियां फेल, प्राधिकरण ने पेनल्टी के लिए भेजा पत्र

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार 28 जनवरी को पर्यावरण सेल ने मौके पर निरीक्षण किया था। रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण ने जुर्माना और आगे की कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर संबंधित सोसाइटियों पर सख्ती की सिफारिश की है।

सेक्टर-150 में एसटीपी फेल
सेक्टर-150 में एसटीपी फेल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar04 Feb 2026 11:14 AM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की कार्यप्रणाली फिर चर्चा में है। नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग की ताज़ा जांच में 6 सोसाइटियों/परियोजनाओं के एसटीपी निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर पाए। आरोप है कि कुछ स्थानों पर बिना पर्याप्त ट्रीटमेंट के सीवेज सीधे नालों में छोड़ा जा रहा है, जिससे सेक्टर के निचले इलाकों और गड्ढों में गंदा पानी जमा होने लगा है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार 28 जनवरी को पर्यावरण सेल ने मौके पर निरीक्षण किया था। रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण ने जुर्माना और आगे की कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर संबंधित सोसाइटियों पर सख्ती की सिफारिश की है।

निर्माणाधीन प्रोजेक्ट पर भी नोटिस

नोएडा के सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी इलाके में निर्माणाधीन एक प्रोजेक्ट को लेकर भी प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि साइट से निकलने वाला पानी सीधे नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास जलभराव और प्रदूषण की आशंका बढ़ गई। इसी पर कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग ने लॉजिक्स हाईट्स प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह क्षेत्र यमुना और हिंडन के नजदीक होने की वजह से भूजल स्तर काफी ऊपर (लगभग 25–30 फीट) है, ऐसे में खुदाई होते ही जमीन से पानी रिसकर बाहर आने लगता है। यदि निकासी और ट्रीटमेंट की व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो सेक्टर-150 के आसपास जलभराव, बदबू और पर्यावरणीय नुकसान का खतरा और बढ़ सकता है

इन 6 सोसाइटियों/परियोजनाओं में संचालन संबंधी कमियां मिलीं

जांच में जिन स्थानों पर एसटीपी संचालन/मानकों को लेकर कमी बताई गई है, वे ये हैं:

  1. लैंड कार्ट बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड — एससी-2, भूखंड नंबर A-1, सेक्टर-150
  2. समृद्धि इंफ़्रा स्क्वायर प्राइवेट लिमिटेड — एससी-2, भूखंड नंबर 2D, सेक्टर-150
  3. एस इंफ़्रासिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड — एससी-1, भूखंड नंबर B-8, सेक्टर-150
  4. ऐसर्टिव इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड — एससी-1, भूखंड नंबर A-1, सेक्टर-150
  5. एस गोल्फ शीयर सोसाइटी — एससी-1, A भूखंड, सेक्टर-150
  6. नोबिलिटी एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड — भूखंड A-1, सेक्टर-150 Noida News

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नोएडा सेक्टर-150 में सुरक्षा व्यवस्था होगी अपग्रेड, लगेंगे CCTV कैमरे

नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि कैमरों के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग मजबूत होगी, जिससे किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत अलर्ट मिल सकेगा और मौके पर त्वरित कार्रवाई संभव हो पाएगी।

नोएडा सेक्टर-150 में बढ़ेगा सर्विलांस
नोएडा सेक्टर-150 में बढ़ेगा सर्विलांस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar04 Feb 2026 10:44 AM
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Noida News : नोएडा के प्रीमियम सेक्टर-150 में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की दिशा में नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर की अंदरूनी सड़कों पर CCTV कैमरे लगाने का निर्णय लिया है, ताकि निगरानी का दायरा बढ़े, संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उन पर लगातार नजर रखी जा सके। नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि कैमरों के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग मजबूत होगी, जिससे किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत अलर्ट मिल सकेगा और मौके पर त्वरित कार्रवाई संभव हो पाएगी।

संयुक्त सर्वे से तय होंगी कैमरों की लोकेशन

अधिकारियों के मुताबिक, इंजीनियरिंग और ट्रैफिक टीम मिलकर संयुक्त सर्वे करेंगी। इस सर्वे में उन जगहों की पहचान की जाएगी जहां निगरानी की कमी है, सड़कें संवेदनशील हैं, ब्लैक स्पॉट, मुख्य मार्ग, और हाउसिंग सोसाइटी के बाहर के हिस्से शामिल हैं। सर्वे के बाद खर्च का अनुमान (एस्टिमेट) तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सेक्टर-94 स्थित ICCC से होगी लाइव मॉनिटरिंग

नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, नए CCTV कैमरों की लाइव फीड सेक्टर-94 में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से मॉनिटर की जाएगी। इससे रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई में मदद मिलेगी। प्राधिकरण के जनरल मैनेजर एसपी सिंह के मुताबिक, सेक्टर-150 के निवासियों ने लंबे समय से CCTV लगाने की मांग उठाई थी। अब प्राधिकरण सर्वे के जरिए यह तय करेगा कि किन पॉइंट्स पर कैमरे सबसे ज्यादा जरूरी हैं, ताकि सुरक्षा नेटवर्क प्रभावी तरीके से काम कर सके।

तेजी से विकसित हो रहे सेक्टर-150 में पुरानी समस्याएं

सेक्टर-150 नोएडा के तेजी से विकसित होते इलाकों में शामिल है। यहां करीब एक दर्जन से ज्यादा हाउसिंग सोसाइटी और बड़ी आबादी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कई जगह असमतल/कम रोशनी, निर्माण सामग्री का बिखरा मलबा, और सीमित निगरानी जैसी दिक्कतें लंबे समय से बनी हुई हैंजिससे सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ती रही है।

स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से जुड़ेगा CCTV नेटवर्क

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नए कैमरों को शहर के इंटीग्रेटेड स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यह सिस्टम पहले से ही कई स्थानों पर एडवांस कैमरों के जरिए ई-चालान और जांच में सहायता करता है। प्राधिकरण ने बताया कि हादसे वाली जगह पर सुरक्षा के लिहाज से इंजीनियरिंग सुधार पूरे कर लिए गए हैं। खतरनाक मोड़ के पास रिफ्लेक्टिव स्टड, हाई-इंटेंसिटी रिफ्लेक्टर, बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग लगाई गई है और बैरिकेडिंग के जरिए वाहनों को जोखिम वाले हिस्से की ओर जाने से रोका जा रहा है। यह पूरा अभियान नोएडा में ट्रैफिक सेफ्टी रिव्यू का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें शहर के 65 ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट पर सुधार और निगरानी बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-150 का CCTV ग्रिड ओवरस्पीडिंग रोकने, कंस्ट्रक्शन जोन में अनाधिकृत प्रवेश पर नियंत्रण और पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर के तैयार होने तक निगरानी बनाए रखने में मदद करेगा। Noida News

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नोएडा में फर्जी चालान का खेल, क्लिक करते ही खाते से उड़ गए लाखों

नोएडा के सेक्टर-15 में रहने वाले एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को 500 रुपये के ओवरस्पीडिंग चालान का मैसेज भेजा गया , लेकिन लिंक खोलते ही उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 1.96 लाख रुपये की रकम कट गई।

नोएडा में नया साइबर स्कैम
नोएडा में नया साइबर स्कैम
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Feb 2026 11:10 AM
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Noida News : नोएडा में साइबर ठगी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है।  नोएडा में साइबर ठगों ने एक बार फिर सरकारी चालान का डर दिखाकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। नोएडा के सेक्टर-15 में रहने वाले एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को 500 रुपये के ओवरस्पीडिंग चालान का मैसेज भेजा गया , लेकिन लिंक खोलते ही उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 1.96 लाख रुपये की रकम कट गई। यह ठगी व्हाट्सऐप पर भेजी गई फर्जी APK फाइल के जरिए की गई, जिसे चालान की प्रति बताकर डाउनलोड कराने की कोशिश की गई थी।

APK ने कर दी मिनटों में बड़ी ठगी

पीड़ित अधिकारी के मोबाइल पर व्हाट्सऐप संदेश आया, जिसमें लिखा था कि उनका ओवरस्पीडिंग चालान कट गया है और 500 रुपये का जुर्माना ऑनलाइन जमा करना है। मैसेज में चालान जैसा लेआउट, लिंक और एक APK फाइल थी। संदेश देखने में इतना ऑफिशियल लगा कि अधिकारी को शक नहीं हुआ और उन्होंने भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी। जैसे ही लिंक खोला गया, भुगतान के नाम पर कार्ड डिटेल मांगी गई। अधिकारी ने अपने अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड की जानकारी और ऑनलाइन पासवर्ड दर्ज किया। इसके बाद स्क्रीन अचानक बंद हो गई। शुरुआत में उन्हें लगा कि तकनीकी दिक्कत हुई है, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनके फोन पर अलर्ट आया क्रेडिट कार्ड से 1.96 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हो चुका है। तभी उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार बन गए हैं।

फ्रॉड की रिपोर्ट के बावजूद रकम नहीं मिली

ठगी का पता चलते ही अधिकारी ने तुरंत कस्टमर केयर को कॉल कर क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया। साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज की और नोएडा के साइबर थाने में भी सूचना दी। हालांकि त्वरित कार्रवाई के बावजूद रकम वापस नहीं मिल सकी। कार्ड जारी करने वाली कंपनी की ओर से यह कहकर धनवापसी से इनकार कर दिया गया कि ट्रांजैक्शन “ग्राहक की सहमति” से हुआ है, इसलिए इसे फ्रॉड की श्रेणी में नहीं माना जा सकता।

नोएडा साइबर सेल ने दर्ज किया केस

मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा साइबर सेल ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि APK फाइल के जरिए ठगों ने मोबाइल तक पहुंच बनाकर संवेदनशील जानकारी हासिल की और उसी के आधार पर बड़े ट्रांजैक्शन कर दिए। Noida News

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