सचिन मीणा और सीमा हैदर फिर सुर्खियों में, होने वाला है छठा बच्चा

वीडियो वायरल होते ही यूजर्स ने मजाकिया कमेंट्स की बौछार कर दी। कुछ लोगों ने सचिन के गाने और अभिनय पर हँसी उड़ाई, तो कुछ ने सीमा की प्रेग्नेंसी और उनके निजी जीवन पर सवाल उठाए। कई ने छठे बच्चे से जुड़ी जानकारी तक उड़ाई। कुछ टिप्पणियाँ काफी व्यक्तिगत और आपत्तिजनक भी थीं।

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सचिन मीणा और सीमा हैदर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Jan 2026 06:12 PM
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Noida News : सचिन मीणा और उनकी पत्नी सीमा हैदर सोशल मीडिया पर फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा किसी लव स्टोरी की नहीं, बल्कि एक वीडियो की वजह से है। वीडियो में सचिन अपनी बेटी को गोद में लेकर खेलते हुए गाना गा रहे हैं। जबकि उनकी पत्नी छठे बच्चे की तैयारी कर रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, लेकिन साथ ही उन्हें ट्रोल्स का भी सामना करना पड़ा। 

सोशल मीडिया पर क्या हुआ?

वीडियो वायरल होते ही यूजर्स ने मजाकिया कमेंट्स की बौछार कर दी। कुछ लोगों ने सचिन के गाने और अभिनय पर हँसी उड़ाई, तो कुछ ने सीमा की प्रेग्नेंसी और उनके निजी जीवन पर सवाल उठाए। कई ने छठे बच्चे से जुड़ी जानकारी तक उड़ाई। कुछ टिप्पणियाँ काफी व्यक्तिगत और आपत्तिजनक भी थीं।

सीमा हैदर का जवाब

सीमा हैदर ने ट्रोल्स के प्रति स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर वीडियो पसंद नहीं है तो इसे इग्नोर करें, लेकिन किसी के निजी जीवन और पारिवारिक पलों का मजाक उड़ाना गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वीडियो में सचिन अपनी बेटी से कितना प्यार करते हैं, यह साफ दिखाई दे रहा है और इसे हंसी का कारण बनाना उचित नहीं। साथ ही, उन्होंने लोगों को निजी जीवन में दखल देने से बचने की सलाह दी।

क्यों वायरल हुआ यह वीडियो?

सीमा और सचिन अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं, चाहे उनकी लव स्टोरी हो या पारिवारिक वीडियो। इस वीडियो में सचिन की बेटी के प्रति स्नेह और खेल-खेल में गाया गया गाना सोशल मीडिया यूजर्स को मजाकिया लगा, जिससे वीडियो वायरल हो गया। 

यह घटना यह बताती है कि सोशल मीडिया पर निजी पलों का मजाक उड़ाने से विवाद पैदा हो सकता है। सीमा ने ट्रोल्स के जवाब में स्पष्ट किया कि प्यार और पारिवारिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

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नोएडा की धरती पर नजर आया पंजाब का नजारा, भांगड़ा पर थिरके नोएडा वाले

नोएडा शहर में आयोजित इस कार्यक्रम की एक बड़ी विशेषता यह भी रही कि इस कार्यक्रम में राजनीतिक दलों की दूरियां भी समाप्त हो गईं। नोएडा के इस खास कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों के नेता तथा कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में नोएडा क्षेत्र के अधिकतर सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

पंजाबी विकास मंच के आयोजन में उमड़ा उत्साह
पंजाबी विकास मंच के आयोजन में उमड़ा उत्साह
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar12 Jan 2026 03:04 PM
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Noida News : नोएडा शहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा नजारा बना कि मानो पूरा पंजाब प्रदेश नोएडा शहर में उतर आया है। नोएडा शहर में आयोजित इस खास कार्यक्रम में नोएडा के सैकड़ों नागरिक पंजाब की प्रसिद्ध नृत्य शैली भांगड़ा पर थिरकते हुए नजर आए। नोएडा शहर में आयोजित इस कार्यक्रम की एक बड़ी विशेषता यह भी रही कि इस कार्यक्रम में राजनीतिक दलों की दूरियां भी समाप्त हो गईं। नोएडा के इस खास कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों के नेता तथा कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में नोएडा क्षेत्र के अधिकतर सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

नोएडा शहर में मनाया गया लोहड़ी का पावन पर्व

नोएडा शहर में लोहड़ी का पावन पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। रविवार को मनाए गए लोहड़ी पर्व के आयोजन को देखकर लग रहा था कि मानो पूरा पंजाब नोएडा की धरती पर उतर आया हो। लोहड़ी के पावन पर्व का आयोजन पंजाबी विकास मंच ने किया था। पंजाबी विकास मंच लोहड़ी के अवसर पर हर साल सांस्कृतिक आयोजन करता है। इस बार नोएडा पंजाबी मंच का यह 10वां आयोजन था। इस आयोजन में जिसमें भांगड़ा, गिद्दा  और पंजाबी गाने व कविता गाए गए जिसमें लोगों ने संगीत व ढोल पर डांस भी किया। इस कार्यक्रम में पंजाबी समाज ने बढ़-चढक़र भाग लिया व तकऱीबन 700 से अधिक पंजाबी लोगों ने सहयोग देकर व उपस्थित होकर इस आयोजन की शोभा बढ़ाई।  

सभी राजनीतिक दलों के नेता हुए शामिल

नोएडा में आयोजित पंजाबी विकास मंच के कार्यक्रम में नवाब सिंह नागर (पूर्व मंत्री), कैप्टन विकास गुप्ता (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश), विपिन अग्रवाल (रामलीला सेक्टर-46 अध्यक्ष), गौरव सिंघल (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य), दिनेश यादव (कोषाध्यक्ष सपा), पंकज अवाना (पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा आप पार्टी), अनिल यादव (राष्ट्रीय प्रवक्ता), पंखुड़ी पाठक (पूर्व प्रत्याशी कांग्रेस), कृपाराम शर्मा (पूर्व प्रत्याशी बसपा) , फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, विकास जैन प्रदेश अध्यक्ष युवा व्यापार मंडल का स्वागत मंच पर पंजाबी विकास मंच के संरक्षकों व चेयरमैन दीपक विग और प्रधान जी0के0 बंसल डिप्टी चेयरमैन संजीव पुरी द्वारा गुलदस्ते व शाल भेंट कर किया गया। अतिथियों ने पंजाबी समाज की अपनी परंपराओं को जीवन्त रखने में इस महत्व पूर्ण योगदान की भूरी भूरी प्रशंसा की।इसके अलावा 4 बच्चों को खेलों व शिक्षा के क्षेत्र में भी उच्च सतरीय प्रदर्शन करने पर सम्मानीत किया।

पंजाबी कोई जाति नहीं बल्कि संस्कृति है

कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता पंजाबी रत्न दीपक विग (चेयरमैन- पंजाबी विकास मंच) ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाबी कोई जाति नहीं है, वरन 10,000 साल पुरानी संस्कृति है। ऋगवेद में पंजाब को सप्त-नद कहा गया है और महाभारत में इसे पंच-नद कहा गया है। भारतीय पंजाब व अविभाजित पंजाब के मूल निवासी, चाहे वो किसी भी जाति अथवा धर्म से हो, पंजाबी ही कहलाते है।7 जैसे पूर्व-प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह खत्री सिख है, पर पूर्व-प्रधानमंत्री  इन्द्र कुमार गुजराल खत्री हिन्दू थे।  स्वर्गीयश्री  अरुण जेटली पंजाबी ब्राह्मण व लाला लाजपत राय पंजाबी वैशेय थे, अमर शहीद भगत सिंह जी जाट सिख थे व उनके साथी क्रांतिकारी सुखदेव थापर,मदन लाल ढींगरा भी खत्री थे। आज के समय में लोकप्रिय क्रिकेटर विराट कोहली खत्री हिन्दू है राजकपूर देवानंद रणबीर कपूर इन सभी को हम पंजाबी के तौर पर ही जानते है। दीपक विग ने बताया की आजादी से पहले पंजाब एक बहुत बड़ा राज्य था, परन्तु कालान्तर में इसका 60 प्रतिशत हिस्सा पाकिस्तान में चला गया, और बचे हुए 40त्न भाग में से भी हिमाचल, हरियाणा अलग हो गए 7 आज भी पुरे देश में 5.50 करोड पंजाबी है, जिसमे से 3.5 करोड के करीब पंजाब में है और 2 करोड के करीब दिल्ली एनसीआर देश भर में फैलें हुए है 7 इस के साथ-साथ विदेशों में भी पंजाबी आबादी बड़ी संख्या में है। पंजाबी रत्न दीपक विग ने समस्त उत्तर प्रदेश के पंजाबियों  (नोएडा समेत ) को लोहड़ी की बधाईयां दीं।

लोहड़ी पर्व का विशेष महत्व है

पंजाबी विकास मंच के अध्यक्ष जी के बंसल ने लोहड़ी पर्व का महत्व बताते हुए कहा, कि लोहड़ी का त्यौहार पौष माह के अंतिम दिन, सूर्यास्त के बाद (माघ संक्रांति से पहली रात) यह पर्व मनाया जाता है। लोहड़ी की पूजा के समय अग्नि में डलने वाली वस्तुओं से शब्द निर्माण जान पड़ता है, जिसमें ल (लकड़ी) +ओह (गोहा = सूखे उपले) +ड़ी (रेवड़ी) = 'लोहड़ी' के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारत में श्वतुर्यज्ञ का अनुष्ठान मकर संक्रांति पर होता था, संभवत: लोहड़ी उसी का अवशेष है। इसलिए लोहड़ी मकर संक्रान्ति के एक दिन पहले मनाया जाता है। पूस-माघ की कडक़ड़ाती सर्दी से बचने के लिए आग भी सहायक सिद्ध होती है। आवश्यकता 'लोहड़ी' को मौसमी पर्व का स्थान भी देती है। इस त्यौहार के पीछे मान्यता है कि खरीफ की फसल धान आदि के आगमन के बाद, किसान प्रकृति को धन्यवाद देता है। पंजाबी विकास मंच के संरक्षक श्री जे0 ऐम0 सेठ ने बताया की लोहड़ी पर्व बहुत पुराना है, जिसके साथ अन्य किस्से भी जुड़ते गए। जैसे मुगल काल में, अकबर के शासन के दौरान, दुल्ला भट्टी पंजाब में रहा करता था। दुल्ला भट्टी ने पंजाब की लड़कियों की रक्षा की थी, क्योंकि उस समय अमीर सौदागरों को सदंल बार की जगह लड़कियों को बेचा जा रहा था। दुल्ला भट्टी ने इन्हीं सौदागरों से लड़कियों को छुड़वा कर उनकी शादी हिन्दू लडक़ों से करवाई। इसलिए दुल्ला भट्टी को नायक की उपाधि से सम्मानित किया गया और हर लोहड़ी को उसकी शौर्य-कथा भी सुनाई जानी शुरू हो गई ।

बहुत बड़ा उत्सव है लोहड़ी का पवन पर्व

पंजाबी विकास मंच के डिप्टी चेयरमैन श्री संजीव पुरी  ने बताया कि वास्तव में लोहड़ी शीतकालीन संक्रांति के बाद लंबे दिनों के आगमन का उत्सव है जो एक मध्य सर्दियों का त्यौहार है और हिमालय पर्वत के पास के क्षेत्रों से शुरू होता है जहाँ सर्दियाँ उपमहाद्वीप के बाकी हिस्सों की तुलना में अधिक ठंडी होती हैं। हिंदू और सिख पारंपरिक रूप से रबी मौसम की फसल के काम के हफ्तों के बाद अपने आँगन में अलाव जलाते हैं, आग के चारों ओर सामाजिक रूप से एकजुट होते हैं, सर्दियों के अंत और लंबे दिनों की शुरुआत को चिह्नित करते हुए एक साथ गाते और नृत्य करते हैं और लोहड़ी का उत्सव मनाते हैं। इस अवसर पर सब उपस्थित लोगों ने पंजाबी रत्न दीपक विग की पंजाबी विकाश मंच को आज की ऊँचाई पर पहुँचाने के लिए भूरी भूरी प्रशंसा की और यह आशा की कि वह पंजाबी समाज  का मार्ग दर्शन पहले की तरह ही करते रहेंगे।  कार्यक्रम को सफल बनाने में ओ0पी0 गोयल , एस0पी0 कलरा आर0 एन0 गुप्ता,एएस एस सचदेवा, सुनील वाधवा, संजीव बांधा,हरीश सभरवाल, अजय साहनी, प्रदीप वोहरा, आर 0के0 भट्ट, संजय खत्री,अलका सूद, सरोज भाटिया , प्रभा जयरथ, ऋतु दुग्गल, अमरदीप शाह , प्रेम अरोड़ा , व यश पाल भनोत, अचल जैन , सुनील वर्मा, परवीन पासी , विक्रम कलसी, अंजना भागी, गौरव जग्गी,नीलम भागी, अंजना भागी,शरण चौहान, पिंकी गुप्ता,राजकुमार नारंग,नरेन्देर थरेजा, अमरजीत कौर,योगी गुप्ता, हेमंत डोगरा,सुषमा नेब,विनीत गुप्ता,आदि सभी पदाधिकारियों ने महत्व पूर्ण भूमिका निभाई।   Noida News   




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डॉग फीडर्स पर हो रहे क्रूर हमले, पीड़ितों ने रोते हुए बताई आपबीती

इसी तरह यूपी के गाजियाबाद और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में महिला फीडर्स व उनके परिवारों पर सार्वजनिक रूप से हमले की घटनाएं सामने आई हैं। कई पीड़ित डॉग लवर्स ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि शिकायतों के बावजूद उन्हें सुरक्षा और न्याय नहीं मिल पा रहा।

नोएडा मीडिया क्लब में एनिमल एक्टिविस्ट संक्षय बब्बर ने रखी बात
नोएडा मीडिया क्लब में एनिमल एक्टिविस्ट संक्षय बब्बर ने रखी बात
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Jan 2026 01:27 PM
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Noida News : नोएडा में पितृपक्ष आते ही गाय और कुत्तों को श्रद्ध के नाम पर भोजन कराकर पुण्य का प्रदर्शन करने वालों की कमी नहीं, लेकिन आम दिनों में यही समाज का एक तबका बेजुबानों के प्रति बेरुखी और हिंसा का रवैया अपनाता दिखता है। चिंता इस बात की है कि क्रूरता अब सिर्फ जानवरों तक सीमित नहीं रही नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत पूरे एनसीआर में उन लोगों पर भी हमले बढ़ रहे हैं जो आवारा/सामुदायिक कुत्तों को खाना देते हैं, उनका इलाज कराते हैं या उनकी सुरक्षा में खड़े होते हैं। नोएडा मीडिया क्लब में एनिमल एक्टिविस्ट और फिल्ममेकर संक्षय बब्बर ने कहा कि डॉग फीडर्स, खासकर महिलाएं, लगातार निशाने पर हैं। उनके मुताबिक, जो टकराव पहले कभी-कभार बहस तक सीमित रहते थे, वे अब भीड़ के हमलों, धमकियों, यौन हिंसा के प्रयास और अमानवीय पशु-क्रूरता जैसी घटनाओं का रूप लेते जा रहे हैं जिससे शहर में डर और तनाव दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

एनसीआर में घटनाओं की लंबी कड़ी

बब्बर ने बताया कि दिल्ली के हरिनगर में सामुदायिक कुत्ते की तलाश कर रही मां-बेटी को घेरकर पीटा गया, उन्हें पानी से भिगोया गया, उन पर सामान फेंका गया और यौन हमले की कोशिश तक की गई। दिल्ली की गीता कॉलोनी में एक महिला और उसकी 17 वर्षीय बेटी पर कुत्ते को खाना खिलाने की वजह से लोहे की रॉड से हमला किया गया। इसी तरह यूपी के गाजियाबाद और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में महिला फीडर्स व उनके परिवारों पर सार्वजनिक रूप से हमले की घटनाएं सामने आई हैं। कई पीड़ित डॉग लवर्स ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि शिकायतों के बावजूद उन्हें सुरक्षा और न्याय नहीं मिल पा रहा।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी बढ़ती चिंता

एक्टिविस्टों का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई सोसाइटी/सेक्टरों में “कुत्तों को खाना देने” को लेकर टकराव बढ़ रहा है। आरोप है कि कुछ जगहों पर डॉग फीडर्स को धमकाया जा रहा है, वीडियो बनाकर बदनाम किया जा रहा है और शिकायत करने पर भी कार्रवाई धीमी रहती है। यही वजह है कि लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और मामले खुलकर सामने आ रहे हैं। संक्षय बब्बर के अनुसार, देशभर में पशु क्रूरता का एक भयावह पैटर्न उभर रहा है—कुत्तों को पीट-पीटकर मारना, एसिड अटैक, सामूहिक रूप से ज़हर देना, पिल्लों को घसीटना/कुचलना और नसबंदी किए गए कुत्तों को मरने के लिए छोड़ देना जैसी घटनाएं रिपोर्ट हो रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट और पीएम से गुहार

एनिमल एक्टिविस्ट्स ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और महिला डॉग फीडर्स को तत्काल सुरक्षा दी जाए। उनका कहना है कि नोएडा-एनसीआर में बढ़ती घटनाओं के बावजूद पुलिस-प्रशासन और संबंधित एजेंसियां प्रभावी कदम नहीं उठा रहीं, इसलिए अब सुप्रीम कोर्ट और सरकार से हस्तक्षेप की अपील की जा रही है। Noida News

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