अधिकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया के बाद इसे तेजी से जमीन पर उतारने की दिशा में काम शुरू होगा। प्राधिकरण के अनुसार, नोएडा की इस प्रस्तावित सिग्नेचर बिल्डिंग का डिजाइन एक कंसल्टेंट कंपनी ने तैयार किया है, जिसने भारत और विदेशों में कई बड़ी इमारतों के लिए डिजाइन व प्लानिंग का काम किया है।

NoIda News : नोएडा की पहचान को नई ऊंचाई देने वाली एक बड़ी परियोजना अब आकार लेने जा रही है। सेक्टर-94 में करीब एक लाख वर्गमीटर क्षेत्र में Noida Convention & Habitat Center के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। नोएडा प्राधिकरण इसे नोएडा की ‘सिग्नेचर बिल्डिंग’ के तौर पर विकसित कर रहा है, जो भविष्य में नोएडा के साथ-साथ पूरे NCR के लिए आयोजनों, सम्मेलनों और सांस्कृतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनने की क्षमता रखेगी। नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक यह परियोजना कालिंदी कुंज के पास शहर के प्रवेश द्वार पर प्रस्तावित है। दावा है कि यह परिसर सुविधाओं और आधुनिक डिजाइन के लिहाज से दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को भी टक्कर देगा। यहां होटल, पार्क, रेस्तरां, प्रदर्शनी क्षेत्र, ऑडिटोरियम और कई मल्टी-यूज सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी यानी नोएडा को एक नया अंतरराष्ट्रीय-स्तरीय इवेंट डेस्टिनेशन मिल सकता है।
नोएडा प्राधिकरण इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए पूरा कराएगा। इसका मतलब साफ है निर्माण पर प्राधिकरण को अपनी जेब से एक रुपया भी नहीं लगाना होगा। उल्टा, जमीन की वैल्यू से भी अधिक करीब 3000 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके अलावा मासिक रेवेन्यू-शेयरिंग व्यवस्था के तहत प्राधिकरण को आगे भी नियमित आय होती रहेगी। हाल ही में इस परियोजना को लेकर तीन कंपनियों ने नोएडा प्राधिकरण में प्रस्तुतीकरण दिया है। अधिकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया के बाद इसे तेजी से जमीन पर उतारने की दिशा में काम शुरू होगा।
प्राधिकरण के अनुसार, नोएडा की इस प्रस्तावित सिग्नेचर बिल्डिंग का डिजाइन एक कंसल्टेंट कंपनी ने तैयार किया है, जिसने भारत और विदेशों में कई बड़ी इमारतों के लिए डिजाइन व प्लानिंग का काम किया है।
यह परियोजना मास्टर प्लान-2031 के अंतर्गत सेक्टर-94 के भूखंड संख्या-4 और 5 पर प्रस्तावित है। लेआउट प्लान के मुताबिक भू-प्रयोग व्यावसायिक है, लेकिन डिजाइन तैयार करते समय मिक्स्ड लैंड यूज़ यानी कई तरह की गतिविधियों/सुविधाओं को एक परिसर में समाहित करने पर भी जोर दिया गया है।
नोएडा के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को फेज़्ड और ब्लॉक-आधारित प्लानिंग के साथ विकसित किया जा रहा है, ताकि हर हिस्से की उपयोगिता और संचालन व्यवस्था अलग-अलग स्तर पर मजबूत बने। प्रस्तावित लेआउट के मुताबिक वेस्ट ब्लॉक करीब 21,659 वर्गमीटर, सेंट्रल ब्लॉक12,924 वर्गमीटर और ईस्ट ब्लॉक15,691 वर्गमीटर क्षेत्र में आकार लेगा। वहीं, मेहमानों और डेली-बिजनेस ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए होटल सेक्शन के लिए अलग से 1,980 वर्गमीटर भूमि आरक्षित की गई है। इन प्रमुख ब्लॉक्स के अलावा नोएडा के इस कन्वेंशन हब में कॉमन फैसिलिटीज, एक्टिविटी ज़ोन और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट भी शामिल होगा ताकि पूरा परिसर एक स्मार्ट, सुव्यवस्थित और इंटरनेशनल-स्टैंडर्ड डेस्टिनेशन के रूप में उभर सके।
नोएडा के इस प्रस्तावित प्रीमियम कॉम्प्लेक्स को सिर्फ एक कन्वेंशन सेंटर नहीं, बल्कि पूरे NCR का नया इवेंट-पावरहाउस बनाने की तैयारी है। प्लान के मुताबिक यहां 2050 और 750 सीटों वाले दो अत्याधुनिक ऑडिटोरियम होंगे, ताकि बड़े कॉन्क्लेव से लेकर कॉर्पोरेट कॉन्फ्रेंस और सांस्कृतिक कार्यक्रम तक हर स्तर के आयोजन एक ही मंच पर हो सकें। मेहमानों की सुविधा के लिए 150 कमरों का होटल, कला और संस्कृति को मंच देने के लिए आर्ट गैलरी और ओपन एयर थिएटर भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही एक्सहिबिशन व एक्टिविटी के लिए अलग ज़ोन, बड़े पैमाने का पार्किंग कॉम्प्लेक्स और मेट्रो से सीधे प्रवेश जैसी सुविधाएं इसे नोएडा का सबसे स्मार्ट और सुगम डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। खास बात यह है कि मिक्स्ड-यूज़ मॉडल के तहत ऊपरी मंजिलों पर आवासीय उपयोग का प्रावधान भी रखा गया है।
नोएडा की इस परियोजना को ग्रीन बिल्डिंग और स्मार्ट बिल्डिंग कॉन्सेप्ट के तहत विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित विशेषताएं -