गौतम बुद्ध नगर में एसआईआर के दौरान 1.76 लाख मतदाताओं की जानकारी अधूरी

जिला प्रशासन के अनुसार करीब 1.76 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक वर्ष 2003 से संबंधित अपना और अपने परिवार का विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए अब इन सभी मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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एसआईआर अभियान
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Jan 2026 01:20 PM
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Noida News : गौतम बुद्ध नगर जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं का रिकॉर्ड अधूरा पाए जाने से प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन के अनुसार करीब 1.76 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक वर्ष 2003 से संबंधित अपना और अपने परिवार का विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए अब इन सभी मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

जिले में मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया गया

एडीएम वित्त अतुल कुमार ने बताया कि एसआईआर अभियान के अंतर्गत जिले में मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया गया। अब तक 12 लाख 41 हजार 974 मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 1 लाख 76 हजार 228 मतदाताओं का विवरण अभी भी अधूरा है। अधिकारियों के अनुसार यह संख्या कुल मतदाताओं के अनुपात में काफी अधिक है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बड़ी संख्या में अनुपस्थित और मृत मतदाता भी चिह्नित

पुनरीक्षण के दौरान प्रशासन ने 4 लाख 47 हजार 471 मतदाताओं को अनुपस्थित या मृत की श्रेणी में चिन्हित किया है। नियमानुसार ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि जिन मतदाताओं ने 2003 से जुड़ा विवरण अब तक नहीं दिया है, उन्हें पहले नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया जाएगा।

विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति

जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में अधूरे विवरण वाले मतदाताओं की संख्या अलग-अलग सामने आई है।

* दादरी विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 98,858 मतदाता

* नोएडा विधानसभा क्षेत्र में 57,504 मतदाता

* जेवर विधानसभा क्षेत्र में 19,866 मतदाता

इन आंकड़ों के आधार पर प्रशासन ने विधानसभा स्तर पर अलग-अलग सूचियां तैयार कर ली हैं।

ड्राफ्ट सूची के बाद बढ़ी जागरूकता

ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद मतदाताओं में जागरूकता देखने को मिली है। अब तक 59 हजार से अधिक आवेदन जमा किए जा चुके हैं। इनमें 32,085 आवेदन फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने या संशोधन के लिए प्राप्त हुए हैं, जबकि 27,060 आवेदन फॉर्म-8 के जरिए नाम, पता और उम्र में सुधार के लिए दिए गए हैं। इस अभियान के तहत जिले में 1,868 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) तैनात किए गए थे, जिन्होंने घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया। लोकसभा चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखते हुए जिले के कुल 18 लाख 65 हजार 673 मतदाताओं का सर्वे कराया गया था।

मार्च में होगा अंतिम प्रकाशन

एडीएम अतुल कुमार ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन मार्च माह में किया जाएगा। इससे पहले सभी मतदाताओं को अपनी जानकारी सुधारने और पूरा करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद भी यदि कोई मतदाता आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं कराता है, तो नियमों के अनुसार उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। वहीं, समय पर जवाब देने वाले मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखे जाएंगे।

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यूपी दिवस पर नोएडा को मिलेगा तिहरा तोहफा, जल्द होगा लोकार्पण

अब तक यह कनेक्टिविटी न होने से नोएडा के यात्रियों को इंटरचेंज के लिए स्टेशन से नीचे उतरकर सड़क किनारे बने फुटपाथ से पैदल आना-जाना पड़ता था, जबकि सुविधा के लिए चल रहे फ्री ई-रिक्शे भी बंद हो चुके हैं।

यूपी दिवस पर नोएडा को तिहरा तोहफा
यूपी दिवस पर नोएडा को तिहरा तोहफा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 11:56 AM
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Noida News : यूपी दिवस के मौके पर नोएडा को इस बार विकास की तीन बड़ी सौगातें मिलने जा रही हैं। 24 से 26 जनवरी तक शहर में तीन दिवसीय यूपी दिवस का आयोजन होगा, जिसमें हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे और इसके लिए स्कूलों से भी समन्वय किया जा रहा है। इसी उत्सव के साथ नोएडा में करीब 47 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई तीन प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण/शुरुआत करने की तैयारी है।

नोएडा को मिलेगा पहला स्काईवॉक

नोएडा के मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला स्काईवॉक अब लगभग तैयार हो चुका है और प्राधिकरण के अनुसार इसमें लगाए गए ट्रेवलेटर की टेस्टिंग चल रही है। अब तक यह कनेक्टिविटी न होने से नोएडा के यात्रियों को इंटरचेंज के लिए स्टेशन से नीचे उतरकर सड़क किनारे बने फुटपाथ से पैदल आना-जाना पड़ता था, जबकि सुविधा के लिए चल रहे फ्री ई-रिक्शे भी बंद हो चुके हैं। करीब 450 मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा यह स्काईवॉक एक तरफ NMRC के सेक्टर-51 स्टेशन और दूसरी तरफ DMRC के सेक्टर-52 स्टेशन से सीधे जुड़ेगा। इसके शुरू होते ही इंटरचेंज करने वाले यात्रियों को सड़क पार करने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा और वे सुरक्षित तरीके से स्काईवॉक के जरिए स्टेशन बदल सकेंगे। यात्रियों की सहूलियत बढ़ाने के लिए स्काईवॉक के लगभग 250 मीटर हिस्से में 10 ट्रेवलेटर भी लगाए गए हैं, जिससे नोएडा में यह इंटरचेंज पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है।

यूपी दिवस पर सेक्टर-38A में 70 फीट ऊंचे क्लॉक टावर का लोकार्पण

यूपी दिवस के दिन नोएडा के सेक्टर-38A, GIP मॉल के सामने बन रहे नए क्लॉक टावर के लोकार्पण की तैयारी है। प्राधिकरण का कहना है कि काम अंतिम चरण में है और फिलहाल फिनिशिंग का काम चल रहा है। यह क्लॉक टावर करीब 70 फीट ऊंचा है, जिस पर घड़ियां लग चुकी हैं। इसके निर्माण पर करीब 1.40 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इससे पहले नोएडा के सेक्टर-128 (जेपी गोल चक्कर के पास) बने क्लॉक टावर का उद्घाटन किया जा चुका है। नए टावर को श्रीनगर की तर्ज पर तैयार किए गए डिजाइन के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे इस इलाके को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

40 साल पुराना गोदावरी मार्केट नए लुक में

नोएडा के सेक्टर-37 स्थित गोदावरी मार्केट का नवीनीकरण कार्य भी पूरा हो चुका है। ब्रह्मपुत्र मार्केट के बाद नोएडा का यह दूसरा प्रमुख बाजार है, जिसे नए सिरे से डिजाइन कर अपग्रेड किया गया है। करीब 40 साल पुराने इस बाजार में भूतल पर 38 दुकानें और 5 कियोस्क, जबकि पहली मंजिल पर 5 हॉल हैं। यहां रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। नवीनीकरण के तहत बाजार को आधुनिक रूप देने के लिए फसाड लाइटिंग लगाई गई है, जिस पर करीब 2.34 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। Noida News

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नोएडा सेफ्टी अलर्ट: अब चेकअप के बाद ही सीवर में उतरेंगे सफाई कर्मी

बैठक के दौरान आयोग/मंत्रालय स्तर के अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर यह संदेश दिया कि बिना स्वास्थ्य जांच के किसी कर्मी को सीवर या नाले में उतारना खतरनाक है और सफाई के काम में जान का जोखिम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

नोएडा में सफाई कर्मियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला
नोएडा में सफाई कर्मियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 11:21 AM
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Noida News : नोएडा में सीवर/नालों की सफाई करने वाले कर्मियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी सफाई कर्मी को सीवर या नाले में उतारने से पहले मेडिकल हेल्थ चेकअप कराना अनिवार्य होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उन स्थितियों को रोकने के लिए उठाया गया है, जब जोखिम भरे काम के दौरान जहरीली गैस, संक्रमण या पहले से मौजूद बीमारी के कारण कर्मियों की तबीयत अचानक बिगड़ जाती है। जानकारी के मुताबिक, हाल ही में लखनऊ में हुई एक अहम समीक्षा बैठक में सफाई कर्मियों की सुरक्षा और काम की परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा हुई थी। बैठक के दौरान आयोग/मंत्रालय स्तर के अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर यह संदेश दिया कि बिना स्वास्थ्य जांच के किसी कर्मी को सीवर या नाले में उतारना खतरनाक है और सफाई के काम में जान का जोखिम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद नोएडा के संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि कर्मियों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए एक ठोस और लागू होने वाली व्यवस्था बनाई जाए।

राष्ट्रीय सफाई कर्मी आयोग की सिफारिशों का असर

नोएडा में लागू की गई इस नई व्यवस्था के पीछे राष्ट्रीय सफाई कर्मी आयोग की सिफारिशें भी बड़ा आधार बनीं। आयोग लंबे समय से यह मुद्दा उठाता रहा है कि कई जगह सफाई कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपायों और स्वास्थ्य जांच के बिना ही खतरनाक काम में लगा दिया जाता है। इसी क्रम में नोएडा में अब यह भी साफ कर दिया गया है कि हाथ से सीवर/नाले की सफाई किसी भी हाल में नहीं कराई जाएगी। सफाई कार्य मशीनों और आधुनिक उपकरणों से ही कराया जाएगा, ताकि कर्मियों का जहरीली गैस और गंदगी के सीधे संपर्क में आना कम हो और हादसों की आशंका घटे।

किस तरह की जांच होगी?

नोएडा के डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव सारस्वत के अनुसार, सीवर और नालों की सफाई के दौरान कर्मचारियों को जहरीली गैस, संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। कई बार पहले से बीमार कर्मचारी ऐसे काम में उतरते ही अचानक गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं। इसी कारण अब तय किया गया है कि हर कर्मी की मेडिकल स्क्रीनिंग होगी और रिपोर्ट के आधार पर ही उसे जोखिम वाला काम सौंपा जाएगा। जांच में ब्लड प्रेशर, अस्थमा, टीबी, ईसीजी सहित अन्य जरूरी परीक्षण शामिल किए जाएंगे।

नोएडा में क्या बदलेगा?

इस नई नीति के लागू होने के बाद नोएडा में सीवर/नालों की सफाई के काम में सुरक्षा मानकों का पालन ज्यादा सख्ती से कराया जाएगा। हेल्थ चेकअप से जहां कर्मियों की फिटनेस का आकलन होगा, वहीं मशीनों के इस्तेमाल से खतरनाक परिस्थितियों में सीधे उतरने की जरूरत भी घटेगी। अधिकारियों का दावा है कि इससे नोएडा में सफाई कर्मियों की सुरक्षा मजबूत होगी और काम के दौरान होने वाली अनहोनी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। Noida News

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