नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली का मुद्दा गरमाया, सांसद से मदद की मांग

इससे एक तरफ आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। परिषद ने सांसद से आग्रह किया कि वह संबंधित विभागों और प्रशासन से समन्वय कर नोएडा के डूब क्षेत्र के निवासियों को नियमानुसार बिजली कनेक्शन दिलाने में हस्तक्षेप करें।

लोगों ने सांसद डॉ. महेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा
लोगों ने सांसद डॉ. महेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Jan 2026 12:51 PM
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Noida News : नोएडा के डूब क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को बिजली कनेक्शन दिलाने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में डूब क्षेत्र के लोगों ने गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा ने सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि नोएडा के डूब क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों परिवार आज भी मूलभूत सुविधा बिजली से वंचित हैं।

डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन की उठी मांग

परिषद और स्थानीय लोग सेक्टर-27 स्थित सांसद कार्यालय पहुंचे और नोएडा के डूब क्षेत्र में नियमित विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की। सुखवीर खलीफा ने कहा कि डूब क्षेत्र में रहने वाले कई लोग नोएडा के निर्माण और रोजमर्रा के संचालन में श्रमिक, सेवा-कर्मी और छोटे कारोबारियों के रूप में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें वैध बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा के डूब क्षेत्र में कुछ जगहों पर गैरकानूनी तरीके से बिजली आपूर्ति कर लोगों से अवैध वसूली की जा रही है। इससे एक तरफ आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। परिषद ने सांसद से आग्रह किया कि वह संबंधित विभागों और प्रशासन से समन्वय कर नोएडा के डूब क्षेत्र के निवासियों को नियमानुसार बिजली कनेक्शन दिलाने में हस्तक्षेप करें।

नोएडा डूब क्षेत्र को लेकर खलीफा का साफ संदेश

सुखवीर खलीफा ने यह भी कहा कि डूब क्षेत्र में रह रहे कमेरा/कर्मकार वर्ग के लोगों के लिए बिजली कोई सुविधा नहीं, बल्कि जीवन-यापन की बुनियादी जरूरत और अधिकार है। परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि समस्या का समाधान नहीं होता, तो संगठन नोएडा में जनहित में हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार है। वहीं, ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सांसद डॉ. महेश शर्मा ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि वे उनकी समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और संबंधित अधिकारियों से बात कर उचित कार्रवाई की दिशा में कदम उठाएंगे। Noida News

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बड़ी खबर : नोएडा प्राधिकरण से हटाए गए OSD महेंद्र प्रसाद

इसके बाद प्रशासन ने सख्ती और बढ़ाते हुए उन्हें नोएडा प्राधिकरण से भी हटाकर लखनऊ स्थित मुख्यालय अटैच कर दिया। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को साफ तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण के OSD महेंद्र प्रसाद
नोएडा प्राधिकरण के OSD महेंद्र प्रसाद
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 02:50 PM
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Noida News : नोएडा प्राधिकरण में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने हलकों में हलचल बढ़ा दी है।मेट्रो कैलेंडर विवाद पर सख्ती दिखाते हुए प्राधिकरण ने लंबे समय से OSD पद पर तैनात महेंद्र प्रसाद को पद से हटाकर लखनऊ स्थित मुख्यालय से अटैच कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, कैलेंडर में बिना अनुमति तस्वीरें प्रकाशित होने का मामला सामने आने के बाद इसे महज औपचारिक चूक नहीं माना गया, बल्कि सरकारी मर्यादा, अनुशासन और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। 

2026 कैलेंडर विवाद से शुरू हुआ मामला

कुछ दिन पहले नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) के वर्ष 2026 के कैलेंडर ने नोएडा की अफसरशाही में हलचल पैदा कर दी थी। आरोप सामने आए कि कैलेंडर में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम की तस्वीर बिना औपचारिक अनुमति प्रकाशित की गई, जबकि उसी प्रकाशन में महेंद्र प्रसाद की तस्वीर को भी प्रमुख स्थान दिया गया। मामला सामने आते ही नोएडा में जवाबदेही तय करने की कवायद तेज हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए सीईओ लोकेश एम ने तत्काल कदम उठाते हुए महेंद्र प्रसाद को NMRC के कार्यकारी निदेशक पद से हटा दिया। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती और बढ़ाते हुए उन्हें नोएडा प्राधिकरण से भी हटाकर लखनऊ स्थित मुख्यालय अटैच कर दिया। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को साफ तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

कैलेंडर ने बढ़ाई मुश्किल

इस पूरे घटनाक्रम ने नोएडा में कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। जब सरकारी कैलेंडरों में परंपरानुसार मुख्यमंत्री की तस्वीर को स्थान दिया जाता है, तो इस बार वह तस्वीर नदारद क्यों रही? और अगर परंपरा से हटकर मुख्यमंत्री की फोटो नहीं लगाई गई, तो फिर अधिकारियों की तस्वीरें इतनी प्रमुखता से किस प्रक्रिया और किस अनुमति के आधार पर छापी गईं? प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल डिजाइन या छपाई की “तकनीकी चूक” नहीं, बल्कि सरकारी शिष्टाचार, संस्थागत मर्यादा, जवाबदेही और अनुमति-प्रक्रिया से जुड़ा संवेदनशील प्रकरण है। सूत्र बताते हैं कि इस मुद्दे पर ऊपरी स्तर पर नाराजगी दर्ज की गई, जिसके बाद महेंद्र प्रसाद को लखनऊ मुख्यालय अटैच करने की कार्रवाई को उसी सख्ती का संकेत माना जा रहा है। Noida News

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नोएडा के पब्लिक टॉयलेट्स का रखरखाव अब निजी एजेंसी के हवाले, टेंडर जल्द

इसी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने अब आउटसोर्सिंग आधारित प्रोफेशनल मेंटेनेंस सिस्टम अपनाने का निर्णय लिया है, ताकि शहर में बने टॉयलेट्स की हालत सुधरे और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सके।

सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला
सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 01:44 PM
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Noida News : नोएडा में सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव व्यवस्था अब नए मॉडल पर शिफ्ट होने जा रही है। नोएडा प्राधिकरण ने शहरभर में बने पब्लिक, कम्युनिटी और पिंक टॉयलेट्स की देखरेख निजी एजेंसियों के जरिए कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम. ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही निविदाएं जारी कर एजेंसी का चयन किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग के महाप्रबंधक एस.पी. सिंह के अनुसार, अभी तक इन टॉयलेट्स की सफाई का काम प्राधिकरण के ठेकेदारों के जरिए कराया जा रहा था, लेकिन स्टाफ की कमी और सीमित संसाधनों के कारण कई स्थानों पर नियमित सफाई, मरम्मत और रखरखाव में दिक्कतें सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने अब आउटसोर्सिंग आधारित प्रोफेशनल मेंटेनेंस सिस्टम अपनाने का निर्णय लिया है, ताकि शहर में बने टॉयलेट्स की हालत सुधरे और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सके।

विज्ञापन अधिकार के जरिए जुटेगी मेंटेनेंस की रकम

नोएडा प्राधिकरण की योजना के तहत चयनित निजी एजेंसी को 5 वर्षों तक शौचालय परिसरों में विज्ञापन लगाने का अधिकार दिया जाएगा। एजेंसी को होने वाली आय का एक हिस्सा नोएडा प्राधिकरण को देना होगा। अधिकारियों का कहना है कि इसी राजस्व मॉडल के जरिए एजेंसी के कर्मचारियों के वेतन और संचालन से जुड़े खर्चों का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि सफाई, सैनिटाइजेशन, पानी-बिजली की व्यवस्था, छोटे-मोटे रिपेयर जैसी जरूरतें समय पर पूरी हो सकें।

स्वच्छ नोएडा अभियान को मिलेगा नया सपोर्ट

नोएडा प्राधिकरण ने शहरवासियों की सुविधा के लिए अलग-अलग श्रेणी में शौचालय सुविधाएं विकसित की हैं। प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार नोएडा में 117 पब्लिक टॉयलेट, 67 कम्युनिटी टॉयलेट, 16 पिंक टॉयलेट और 120 यूरिनल ब्लॉक बनाए गए हैं। अब यह पूरा नेटवर्क निजी एजेंसियों की देखरेख में संचालित और मेंटेन किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि एजेंसी आधारित व्यवस्था लागू होने से सफाई की नियमितता, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, और रखरखाव की जवाबदेही तय होगी। साथ ही, शहर के बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में टॉयलेट्स की स्थिति बेहतर होने से स्वच्छ नोएडा अभियान को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। Noida News

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