नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास घर बनाने का मौका, यीडा लाएगा 973 रिहायशी प्लॉट
यीडा अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित आवासीय योजना को अगले कुछ दिनों में लॉन्च किया जा सकता है। फिलहाल योजना का पंजीकरण उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। रेरा से मंजूरी मिलते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

Noida News : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के संचालन से पहले ही उसके आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) एक नई आवासीय प्लॉट योजना लॉन्च करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत आम नागरिकों को नोएडा एयरपोर्ट के नजदीक घर बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
जल्द खुलेगी योजना, रेरा पंजीकरण अंतिम चरण में
यीडा अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित आवासीय योजना को अगले कुछ दिनों में लॉन्च किया जा सकता है। फिलहाल योजना का पंजीकरण उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। रेरा से मंजूरी मिलते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
973 रिहायशी प्लॉट होंगे उपलब्ध
इस नई योजना के अंतर्गत कुल 973 आवासीय भूखंड पेश किए जाएंगे। इन प्लॉटों का आकार अलग-अलग रखा गया है ताकि छोटे और मध्यम बजट वाले खरीदारों को भी मौका मिल सके। प्राधिकरण द्वारा तय की जा रही संभावित दर करीब 35,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट और अन्य बड़ी परियोजनाओं के कारण यह इलाका भविष्य में तेजी से विकसित होगा, इसी को ध्यान में रखते हुए मूल्य निर्धारण किया गया है।
प्लॉट साइज का विवरण
योजना में उपलब्ध प्लॉटों का आकार 162 वर्ग मीटर से लेकर 290 वर्ग मीटर तक होगा। सबसे अधिक संख्या 162 और 200 वर्ग मीटर के प्लॉटों की होगी। इसके अलावा 183, 184, 223 और 290 वर्ग मीटर के कुछ चुनिंदा प्लॉट भी शामिल किए गए हैं।
ये सभी रिहायशी भूखंड सेक्टर 15सी, सेक्टर 18 और सेक्टर 24ए में विकसित किए जाएंगे। ये सेक्टर सीधे तौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्थित हैं। एयरपोर्ट के फरवरी 2026 तक शुरू होने की संभावना है, जिससे इन इलाकों की रियल एस्टेट वैल्यू में और इजाफा हो सकता है।
ऐसे कर सकेंगे आवेदन
इस योजना में भाग लेने के लिए आवेदकों को प्लॉट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा। सभी वैध आवेदनों में से लकी ड्रॉ के माध्यम से भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। आवेदन की अवधि लगभग एक महीने की होगी, जिसके बाद सफल आवंटियों को आवंटन पत्र जारी किए जाएंगे। इस योजना में विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण तय किया है। रियल एस्टेट रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बीते पांच वर्षों के दौरान प्लॉट की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट, प्रस्तावित मेट्रो कनेक्टिविटी, इंटरनेशनल फिल्म सिटी और औद्योगिक विकास के चलते यह इलाका आने वाले वर्षों में ठउफ का प्रमुख रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बन सकता है।
Noida News : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के संचालन से पहले ही उसके आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) एक नई आवासीय प्लॉट योजना लॉन्च करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत आम नागरिकों को नोएडा एयरपोर्ट के नजदीक घर बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
जल्द खुलेगी योजना, रेरा पंजीकरण अंतिम चरण में
यीडा अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित आवासीय योजना को अगले कुछ दिनों में लॉन्च किया जा सकता है। फिलहाल योजना का पंजीकरण उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। रेरा से मंजूरी मिलते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
973 रिहायशी प्लॉट होंगे उपलब्ध
इस नई योजना के अंतर्गत कुल 973 आवासीय भूखंड पेश किए जाएंगे। इन प्लॉटों का आकार अलग-अलग रखा गया है ताकि छोटे और मध्यम बजट वाले खरीदारों को भी मौका मिल सके। प्राधिकरण द्वारा तय की जा रही संभावित दर करीब 35,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट और अन्य बड़ी परियोजनाओं के कारण यह इलाका भविष्य में तेजी से विकसित होगा, इसी को ध्यान में रखते हुए मूल्य निर्धारण किया गया है।
प्लॉट साइज का विवरण
योजना में उपलब्ध प्लॉटों का आकार 162 वर्ग मीटर से लेकर 290 वर्ग मीटर तक होगा। सबसे अधिक संख्या 162 और 200 वर्ग मीटर के प्लॉटों की होगी। इसके अलावा 183, 184, 223 और 290 वर्ग मीटर के कुछ चुनिंदा प्लॉट भी शामिल किए गए हैं।
ये सभी रिहायशी भूखंड सेक्टर 15सी, सेक्टर 18 और सेक्टर 24ए में विकसित किए जाएंगे। ये सेक्टर सीधे तौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्थित हैं। एयरपोर्ट के फरवरी 2026 तक शुरू होने की संभावना है, जिससे इन इलाकों की रियल एस्टेट वैल्यू में और इजाफा हो सकता है।
ऐसे कर सकेंगे आवेदन
इस योजना में भाग लेने के लिए आवेदकों को प्लॉट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा। सभी वैध आवेदनों में से लकी ड्रॉ के माध्यम से भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। आवेदन की अवधि लगभग एक महीने की होगी, जिसके बाद सफल आवंटियों को आवंटन पत्र जारी किए जाएंगे। इस योजना में विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण तय किया है। रियल एस्टेट रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बीते पांच वर्षों के दौरान प्लॉट की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट, प्रस्तावित मेट्रो कनेक्टिविटी, इंटरनेशनल फिल्म सिटी और औद्योगिक विकास के चलते यह इलाका आने वाले वर्षों में ठउफ का प्रमुख रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बन सकता है।












