
Noida News / ग्रेटर नोएडा। राजनेताओं पर अक्सर आरोप लगते हैं कि वे अपने कार्यों में सक्रिय नहीं रहते हैं। इन आरोपों के बीच जब किसी राजनेता को सक्रियता की रेंकिंग में सर्वोच्च स्थान मिले तो उस राजनेता की तारीफ तो होगी ही। ऐसा ही एक उदाहरण पेश किया है कि गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डा. महेश शर्मा ने। इन दिनों डा. महेश शर्मा की सर्वत्र सराहना हो रही है।
सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी आधुनिक तकनीक का खूब प्रयोग करते हैं और अपनी पार्टी के नेताओं, सांसदों, विधायकों यहां तक कि आम जनता को भी आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए प्रेरित एवं उत्साहित करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में इंफार्मेशन टैक्नोलॉजी (IT) व सोशल मीडिया से जुड़े रहने भरपूर क्रेज है। साथ ही वे आईटी व सोशल मीडिया के फायदे को भी खूब समझते हैं। इसी कड़ी में उनका सबसे पसंदीदा टूल है उनका अपना नमो ऐप (Namo App)। इस ऐप पर अचानक गौतमबुद्धनगर के सांसद डा. महेश शर्मा छा गए हैं।
आपको बता दें कि भाजपा ने 1 जून से 30 जून तक महासंपर्क अभियान चलाया है। इस अभियान के दौरान सर्वाधिक सक्रिय रहने वाले देशभर के तीन सांसदों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में चुना गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस चुनाव में देशभर के सांसदों के बीच में नोएडा के सांसद डा. महेश शर्मा अव्वल यानि FIRST रहे हैं। पीएम मोदी के सबसे पसंदीदा टूल नमो ऐप पर सेवा स्कोर के रुप में डा. महेश शर्मा को 27520 प्वाइंट मिले हैं। दूसरे स्थान पर भी उत्तर प्रदेश के ही सांसद रहे हैं। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले देवरिया के सांसद डा. रमापति राम त्रिपाठी को 22555 प्वाइंट मिले हैं। तीसरे स्थान पर राजस्थान प्रदेश के सांसद रहे हैं। राजस्थान के जयपुर ग्रामीण से सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर को 13485 प्वाइंट मिले हैं।
आपको बता दें कि डा. महेश शर्मा नमो ऐप पर किस प्रकार से सक्रिय रहते हैं। आमतौर पर महीने भर के कार्यक्रमों की सूचनाओं को एकत्र करके वें फुर्सत के दिन किसी एक ही तारीख पर नमो ऐप पर अपलोड कर देते हैं। नमो ऐप से चेतना मंच ने कुछ सूचनाएं एकत्रित की हैं। इन सूचनाओं में साफ जाहिर है कि जून के महीने में 15 जून को महेश शर्मा महासंपर्क अभियान के तहत राजस्थान के प्रतापगढ़ में थे। 16 जून को राजस्थान के प्रतापगढ़ व चित्तौढ़गढ़ में कार्यक्रम में रहे। 17 जून 2023 को वे त्रिपुरा के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। 18 जून 2023 को नोएडा शहर सेक्टर 50 में आयोजित एक कार्यक्रम में शरीक हुए। 22 जून को फिर राजस्थान के दौरे पर गए तथा 23 जून को भी राजस्थान के ही अलग अलग शहरों में महासंपर्क अभियान में शामिल हुए। 24 जून को उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नोएडा में भाजपा के कैंप कार्यालय पर जनसाधारण की समस्याएं सुनी। इन सभी कार्यक्रमों का विवरण उन्होंने 27 जून को नमो ऐप पर अपलोड किया। इसी प्रकार अपने दूसरे भी अपने कार्यक्रमों को सांसद महेश शर्मा नमो ऐप पर अपलोड करते रहते हैं। नमो ऐप पर इस सक्रियता के कारण उन्हें देशभर के सांसदों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
प्रधानमंत्री के नमो ऐप पर सर्वाधिक सक्रिय सांसद का खिताब मिलने के बाद नोएडा के सांसद डा. महेश शर्मा की सर्वत्र सराहना हो रही है। यहां यह तथ्य भी विशेष रुप से उल्लेखनीय है कि डा. महेश शर्मा अपने लोकसभा क्षेत्र से लेकर संसद तक तथा अपने प्रदेश में हमेशा सक्रिय रहते हैं। उनके राजनीतिक विरोधी भी उनकी सक्रियता के कायल रहते हैं। नमो ऐप पर उनको अव्वल स्थान मिलने पर उनके कुछ विरोधियों को मिर्ची जरुर लगी होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे पसंदीदा ऐप उनका अपना नमो ऐप है। इस ऐप के जरिए वे पूरे देश में आम जनता से सीधे जुड़ते हैं। इस ऐप को अब तक देशभर के दो करोड़ से अधिक मोबाइल यूजर डाउनलोड कर चुके हैं। एंड्रायड प्लेटफार्म पर इस ऐप की रेटिंग 4.6 है। नमो ऐप आपको प्लेस्टोर में टॉप फ्री न्यूज एंड मैगजीन कैटेगेरी में टॉप 10 में दिखेगा। पीएम मोदी यंग एंटरप्रिंयोर्स, महिलाओं, छात्रों और किसानों से नमो ऐप के जरिए सीधे बात करते हैं।
नमो यानि नरेंद्र मोदी ऐप यूजर्स तक लेटेस्ट इंफार्मेशन, अपडेट पहुंचाता है। साथ ही इसकी मदद से आप अलग अलग कार्यों में अपना योगदान भी दे सकते हैं। नमो ऐप प्रधानमंत्री से मैसेज और ईमेल पाने का शानदार माध्यम है। इसके जरिए आप प्रधानमंत्री से बात कर सकते हैं और अपने सुझाव उनके साथ साझा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम भी आप इस ऐप के जरिए सुन सकते हैं। यह मोबाइल ऐप आपको सरकार के कामकाज की जानकारी भी देता है। इसमें इंफोग्राफिक्स की मदद से आप यह जान सकते हैं कि कैसे गुड गवर्नेस से लोगों की जिंदगी सुधर रही है। नमो ऐप में भी परमिशन कंप्लसरी नहीं है। आप अपना ईमेल या फोन नंबर डाले बिना भी गेस्ट ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं दूसरे ऐप में ऐसी सहूलियत नहीं है। Noida News