नोएडा के DCP यमुना प्रसाद के लिए लगा बधाईयों का तांता, कारण है खास

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भी नोएडा के DCP यमुना प्रसाद को खूब बधाईयां मिल रही हैं। नोएडा के DCP यमुना प्रसाद के गृह जनपद सिद्धार्थनगर के बढऩी क्षेत्र में भी जश्न का माहौल बना हुआ है।

नोएडा DCP यमुना प्रसाद को बधाई देतीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह
नोएडा DCP यमुना प्रसाद को बधाई देतीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar02 Jan 2026 01:52 PM
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Noida News : नोएडा में तैनात नोएडा पुलिस के DCP यमुना प्रसाद के लिए बधाईयों का तांता लगा हुआ है। नोएडा के तमाम पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता तथा पत्रकार नोएडा के DCP यमुना प्रसाद को बधाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भी नोएडा के DCP यमुना प्रसाद को खूब बधाईयां मिल रही हैं। नोएडा के DCP यमुना प्रसाद के गृह जनपद सिद्धार्थनगर के बढऩी क्षेत्र में भी जश्न का माहौल बना हुआ है।

बहुत ही खास कारण है नोएडा के DCP को बधाई मिलने का

नोएडा के DCP यमुना प्रसाद को बधाई मिलने का कारण बहुत ही खास है। आपको  बता दें कि नोएडा में DCP के पद पर तैनात यमुना प्रसाद अभी तक SSP स्तर के अधिकारी थे। हाल ही में उन्हें प्रमोट करके DIG के स्तर का अधिकारी बना दिया गया है। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने DIG के पद का रैंक प्रतीक चिन्ह लगाकर यमुना प्रसाद के प्रमोशन की अंतिम औपचारिकता पूरी की। नोएडा के DCP यमुना प्रसाद के प्रमोशन की खबर तेजी के साथ वायरल हो रही है। नोएडा के DCP यमुना प्रसाद के प्रमोशन की खबर फैलते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया है। बड़ी संख्या में लोग उन्हें अपने-अपने ढंग से बधाई दे रहे हैं।

 वर्ष-2012 बैच के IPS अधिकारी हैं नोएडा के DCP यमुना प्रसाद

आपको बता दें कि नोएडा में तैनात DCP यमुना प्रसाद वर्ष-2012 बैच के IPS अधिकारी हैं। नोएडा में DCP के पद की कमान संभाल रहे IPS अधिकारी यमुना प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के रहने वाले हैं। सिद्धार्थ नगर जिले में उनके गाँव का नाम बढऩी है। उनके प्रमोशन की खबर से बढऩी में जश्न का माहौल बना हुआ है। नोएडा के DCP यमुना प्रसाद को तेज तर्रार तथा परिणाम देने वाले अधिकारी के रूप में पहचाना जाता है।

उत्तर प्रदेश के चर्चित माफिया सरगना को मिट्टी में मिलाने का काम कर चुके हैं यमुना प्रसाद

नोएडा के DCP यमुना प्रसाद ने पुलिस सेवा के दौरान अनेक उल्लेखनीय काम किए हैं। कुछ साल पहले यमुना प्रसाद उत्तर प्रदेश के  बाराबंकी जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात थे। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (SP) रहते हुए यमुना प्रसाद ने माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। उन्होंने फर्जी एंबुलेंस मामले का खुलासा किया, जिसका इस्तेमाल मुख्तार अंसारी पंजाब की जेल में रहते हुए करता था। इस प्रकरण में मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे उत्तर प्रदेश की जेल में वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया को मजबूत किया। मुख्तार अंसारी गिरोह के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए यमुना प्रसाद ने उसके गुर्गों की लगभग 50 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क कराने में अहम भूमिका निभाई। इससे संगठित अपराध पर आर्थिक रूप से गहरी चोट पड़ी।

सिपाहियों की हत्या का तुरन्त बदला लिया था

नोएडा के DCP यमुना प्रसाद के खाते में अनेक उपलब्धियां दर्ज हैं। संभल में तैनाती के दौरान दो पुलिस सिपाहियों की हत्या के मामले में यमुना प्रसाद ने तेज और निर्णायक कार्रवाई की थी। इस केस में डबल एनकाउंटर के जरिए अपराधियों को अंजाम तक पहुंचाकर पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया। नोएडा के DCP यमुना प्रसाद को उत्तर प्रदेश के DGP का प्रशंसा डिस्क (सिल्वर) तथा प्रशंसा डिस्क गोल्ड भी मिल चुका है। वर्ष-2018 में उन्हें प्रशंसा डिस्क सिल्वर तथा वर्ष-2023 में प्रशंसा डिस्क गोल्ड मिला था। नोएडा की कानून व्यवस्था को सुधरने के काम में DCP के तौर पर यमुना प्रसाद रात-दिन लगे हुए हैं। चेतना मंच परिवार नोएडा के DCP यमुना प्रसाद के उज्जवल भविष्य की कामना करता है। Noida News



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नोएडा को मिला पहला क्लॉक टावर, सेक्टर-128 में बना नया लैंडमार्क

अधिकारियों के मुताबिक यह क्लॉक टावर करीब 30 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है और इसकी डिजाइन मैंगलोर के प्रसिद्ध क्लॉक टावर से प्रेरित है। प्राधिकरण का दावा है कि यह संरचना नोएडा के इस हिस्से को एक अलग पहचान देगी और आने वाले समय में यह नई शहरी पहचान (लैंडमार्क) के रूप में उभरेगा।

हाजीपुर अंडरपास के पास बना क्लॉक टावर
हाजीपुर अंडरपास के पास बना क्लॉक टावर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Jan 2026 12:29 PM
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Noida News : नए साल के पहले ही दिन नोएडा प्राधिकरण ने शहर को विकास और संवेदनशीलता दोनों मोर्चों पर नई पहचान देने की पहल की। एक तरफ नोएडा को पहली बार अपना क्लॉक टावर मिला, तो दूसरी ओर कड़कड़ाती ठंड में शहर की सेवाओं में जुटे संविदा कर्मियों को कंबल वितरित कर राहत पहुंचाई गई। साथ ही निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में उद्यमियों को आवंटन पत्र भी जारी किए गए।

सेक्टर-128 में बना नोएडा का पहला क्लॉक टावर

नोएडा की खूबसूरती और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सेक्टर-128 स्थित हाजीपुर अंडरपास के पास नवनिर्मित क्लॉक टावर का लोकार्पण किया गया। अधिकारियों के मुताबिक यह क्लॉक टावर करीब 30 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है और इसकी डिजाइन मैंगलोर के प्रसिद्ध क्लॉक टावर से प्रेरित है। प्राधिकरण का दावा है कि यह संरचना नोएडा के इस हिस्से को एक अलग पहचान देगी और आने वाले समय में यह नई शहरी पहचान (लैंडमार्क) के रूप में उभरेगा। नए साल की पहल केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रही। प्राधिकरण ने निवेश के जरिए स्थानीय रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से उद्यमियों को आवंटन पत्र जारी किए।

ठंड में श्रमिकों के लिए राहत कदम

विकास कार्यों के साथ मानवीय पहलू को भी प्राथमिकता देते हुए नोएडा प्राधिकरण ने उद्यान विभाग और जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत लगभग 150 संविदा कर्मियों को कंबल वितरित किए। प्राधिकरण का कहना है कि शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और हराभरा बनाए रखने में जुटे श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है। Noida News

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गौतमबुद्ध नगर में 1000 रजिस्ट्रियां रडार पर, आयकर विभाग ने तेज की जांच

इस ई-स्क्रूटनी के बाद नोएडा–ग्रेटर नोएडा की रियल एस्टेट गतिविधियों पर निगरानी और सख्त हो गई है। संदिग्ध प्रविष्टियों वाले मामलों में केवल कागजी जांच ही नहीं, बल्कि खरीदार–विक्रेता की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए समानांतर सत्यापन (पैरलल वेरिफिकेशन) भी तेज कर दिया गया है।

नोएडा–ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन पर निगरानी और कड़ी
नोएडा–ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन पर निगरानी और कड़ी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Jan 2026 11:12 AM
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Noida News : उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व देने वाला गौतमबुद्ध नगर अब संपत्ति रजिस्ट्रेशन की बड़ी जांच के केंद्र में आ गया है। गौतमबुद्ध नगर जिले की 1,000 से ज्यादा रजिस्ट्रियां आयकर विभाग की निगरानी में हैं, क्योंकि बैनामा दस्तावेजों में पहचान और तकनीकी स्तर पर गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच का सबसे बड़ा फोकस नोएडा–ग्रेटर नोएडा पर है, जहां रियल एस्टेट लेन-देन का दबाव और वॉल्यूम सबसे ज्यादा रहता है। सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्री कार्यालय द्वारा जमा SFT (वित्तीय लेन-देन विवरण) की एंट्रीज मिलान के दौरान कई मामलों में पैन–आधार नंबर गलत पाए गए या दोनों का आपस में मेल नहीं बैठा। ऐसे दस्तावेजों पर रजिस्ट्री कार्यालय से जवाब मांगा गया है और साथ ही खरीदार–विक्रेता की पहचान की पैरलल वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

कानपुर–लखनऊ से हो रही ई-पड़ताल

जांच की कमान कानपुर स्थित इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन (ICI) यूनिट ने संभाल ली है। रजिस्ट्री दस्तावेज पूरी तरह ऑनलाइन होने के चलते लखनऊ और कानपुर में बैठे अधिकारी डिजिटल ट्रेल के आधार पर फाइल-दर-फाइल छानबीन कर रहे हैं। इस ई-स्क्रूटनी के बाद नोएडा–ग्रेटर नोएडा की रियल एस्टेट गतिविधियों पर निगरानी और सख्त हो गई है। संदिग्ध प्रविष्टियों वाले मामलों में केवल कागजी जांच ही नहीं, बल्कि खरीदार–विक्रेता की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए समानांतर सत्यापन (पैरलल वेरिफिकेशन) भी तेज कर दिया गया है।

सर्वर शिफ्टिंग के बाद पकड़ी रफ्तार

सूत्रों के अनुसार, नवंबर में मेघराज क्लाउड को नेशनल गवर्नमेंट क्लाउड से जोड़ने की प्रक्रिया के चलते जांच की रफ्तार कुछ समय के लिए थमी रही। सर्वर माइग्रेशन पूरा होते ही दिसंबर से ई-जांच दोबारा तेज कर दी गई है। अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रजिस्ट्री रिकॉर्ड के जरिए पुराने और नए, दोनों तरह के संदिग्ध मामलों की एक साथ गहन पड़ताल की जा रही है।

नोएडा में रोज 100+ रजिस्ट्रियां

बता दें कि गौतमबुद्ध नगर और खासकर नोएडा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की रफ्तार हर दिन तेज रहती है। आंकड़ों के मुताबिक जिले में रोजाना 100 से अधिक रजिस्ट्रियां दर्ज होती हैं। नई तकनीक ने आयकर विभाग की ई-पड़ताल को ज्यादा तेज और अधिक सटीक बना दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस कवायद का मकसद रजिस्ट्री सिस्टम में पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा-आधारित निगरानी बढ़ाना है, ताकि गलत पहचान, गलत प्रविष्टि या संदिग्ध लेन-देन पर समय रहते कार्रवाई हो सके। Noida News

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