नोएडा पुलिस का बड़ा एक्शन, माफिया रवि काना पर रेड कॉर्नर नोटिस जल्द

इसी वजह से नोएडा पुलिस अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और केस से जुड़ा पूरा डोजियर इंटरपोल चैनल के जरिए भेजा जा रहा है।

रवि काना की तलाश में नोएडा पुलिस की टीमें सक्रिय
रवि काना की तलाश में नोएडा पुलिस की टीमें सक्रिय
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Feb 2026 10:34 AM
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Noida News :  उत्तर प्रदेश के बांदा जेल से रिहा होते ही गायब हुए स्क्रैप माफिया रवि काना को लेकर नोएडा पुलिस ने अलर्ट मोड में कार्रवाई तेज कर दी है।जांच में सामने आए इनपुट्स के आधार पर पुलिस को आशंका है कि रवि काना गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भागकर पनाह ले सकता है। इसी वजह से नोएडा पुलिस अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और केस से जुड़ा पूरा डोजियर इंटरपोल चैनल के जरिए भेजा जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रवि काना पर स्क्रैप कारोबार की आड़ में अवैध वसूली, जमीन कब्जाने, धमकी, मारपीट और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी होते ही रवि काना की तलाश नोएडा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों तक पहुंच जाएगी और किसी भी देश में लोकेशन मिलने पर उसे पकड़कर भारत लाने की कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल जाएगा।

नोएडा पुलिस ने तेज किया इंटरपोल प्रोसेस

रवि काना को लेकर नोएडा पुलिस की सख्ती की वजह सिर्फ उसका फरार होना नहीं, बल्कि उसका विदेश कनेक्शन भी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी पहले भी थाईलैंड से पकड़ा जा चुका है और उस वक्त इंटरपोल चैनल के जरिए उसके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई गई थी। अब एक बार फिर अगर रेड कॉर्नर नोटिस जारी होता है, तो रवि काना की तलाश नोएडा और भारत की सीमाओं से बाहर निकलकर इंटरपोल से जुड़े देशों तक पहुंच जाएगी। ऐसे में वह किसी भी विदेशी धरती पर ट्रेस होता है, तो स्थानीय एजेंसियों की मदद से उसे हिरासत में लेकर भारत प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। चर्चाएं हैं कि कुछ सफेदपोशों और अधिकारियों ने जेल प्रशासन पर दबाव बनाकर उसे जल्दी बाहर कराने की कोशिश की। नोएडा पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की तैयारी में है, ताकि रिहाई से जुड़े हर पहलू की जवाबदेही तय हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि रवि काना का स्क्रैप नेटवर्क सिर्फ नोएडा–पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं था, बल्कि वह हरियाणा और राजस्थान तक ठेकों पर दबदबा बनाकर जबरन वसूली और कब्जे जैसे आरोपों से जुड़ा रहा है। मुकदमों की सूची भी उसकी आपराधिक छवि को और गहरा करती है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रवि काना के खिलाफ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थानों में करीब 25 केस दर्ज हैं। इनमें फिरौती, मारपीट, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और धमकी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। बांदा जेल से बाहर आने के बाद वह भले ही फिलहाल पकड़ से दूर है, लेकिन उसके गिरोह के कई सदस्य अभी भी जेल में बताए जा रहे हैं। वहीं, उसकी पत्नी मधु को 16 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किए जाने का रिकॉर्ड भी पुलिस के पास मौजूद है।

जेल गेट पर पहले से तैयार थीं दो सफेद कारें

रवि काना की रिहाई के पल अब सुनियोजित फरारी की ओर इशारा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जेल गेट के बाहर दो सफेद कारें पहले से तैयार खड़ी थीं। एक गाड़ी में एक महिला जबकि दूसरी में तीन युवक बताए जा रहे हैं, दोनों ही गाड़ियों में रवि काना के परिजन और करीबी मौजूद थे। जैसे ही वह जेल से बाहर निकला, उसने जल्दबाज़ी में अपना सामान रखा और एक पल भी गंवाए बिना रवाना हो गया, जिससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह गहरा गया है। रिहाई के तुरंत बाद कई संदिग्धों के मोबाइल फोन बंद हो गए, जबकि पुलिस अब जेल परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर हर मूवमेंट को जोड़ने में जुटी है।

नेपाल बॉर्डर तक बढ़ी चौकसी

रवि काना की तलाश में पुलिस ने अब मैदान से लेकर नेटवर्क तक, दोनों स्तरों पर घेरा कस दिया है। गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए छह विशेष टीमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील इलाकों और नेपाल बॉर्डर के आसपास लगातार कैंप किए हुए हैं। उधर, आरोपी की रिहाई के बाद से जिले की एसओजी ने बांदा में ही डेरा डाल रखा है, ताकि किसी भी सुराग पर तुरंत कार्रवाई हो सके। पुलिस रवि काना के करीबियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है

क्यों जरूरी होता है रेड कॉर्नर नोटिस?

रेड कॉर्नर नोटिस को पुलिस की भाषा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अलर्ट माना जाता है। आमतौर पर यह नोटिस तब आगे बढ़ाया जाता है, जब किसी आरोपी के देश से बाहर भागने या विदेश में छिपने की आशंका मजबूत हो। नोटिस जारी होते ही आरोपी की पहचान, केस डिटेल और जरूरी सूचनाएं इंटरपोल से जुड़े सदस्य देशों के साथ साझा कर दी जाती हैं, ताकि वह जहां भी छिपा हो, वहां की एजेंसियां उसे ट्रेस कर सकें। इसका मकसद आरोपी को पकड़कर कानूनी प्रक्रिया के जरिए प्रत्यर्पण की दिशा में कदम बढ़ाना और फरारी के रास्तों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंद करना होता है। Noida News


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नोएडा में महिलाओं को परेशान करने वाले रोड रोमियो गिरफ्तार, कार जब्त

यह मामला तब सामने आया जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और नोएडा पुलिस हरकत में आ गई। वीडियो के आधार पर पुलिस ने वाहन की पहचान कर उसे ट्रेस किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया है।

नोएडा में रोड रोमियो पर पुलिस का शिकंजा
नोएडा में रोड रोमियो पर पुलिस का शिकंजा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Feb 2026 10:06 AM
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Noida News : नोएडा में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। थाना फेस-3 क्षेत्र में चलती कार से महिलाओं को अश्लील इशारे करने और करीब एक किलोमीटर तक उनका पीछा करने के आरोप में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह मामला तब सामने आया जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और नोएडा पुलिस हरकत में आ गई। वीडियो के आधार पर पुलिस ने वाहन की पहचान कर उसे ट्रेस किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया है

पृथला पुल पर हुई घटना

पुलिस के मुताबिक घटना शनिवार शाम की बताई जा रही है। थाना फेस-3 क्षेत्र के पृथला पुल के पास दो महिलाएं अपने परिवार के साथ कार से कहीं जा रही थीं। तभी पीछे से आई लाल रंग की कार में बैठे दो युवक लगातार अश्लील इशारे करने लगे। महिलाओं के साथ मौजूद एक युवक ने विरोध भी किया, लेकिन आरोपियों ने अपनी हरकतें नहीं रोकीं। इस घटना से महिलाएं दहशत में आ गईं। घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो नोएडा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने वायरल वीडियो के आधार पर वाहन की पहचान कर उसे ट्रेस किया। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और वीडियो में दिख रही कार भी जब्त कर ली गई है।

यह रहा वायरल वीडियो -



सेक्टर-135 से पकड़े गए आरोपी

थाना प्रभारी फेस-3 के अनुसार गिरफ्तार युवकों की पहचान अमित कुमार (स्थायी निवासी आजमगढ़, वर्तमान पता: जेवीएस सोसायटी, सेक्टर-135) और अभिषेक (स्थायी निवासी कस्बा कुशमाहा, थाना किसली, जिला मैनपुरी; वर्तमान पता: जेवीएस सोसायटी, सेक्टर-135) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। Noida News

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जेवर के किसानों को बड़ी राहत, मुआवजा बढ़ाकर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया गया

एयरपोर्ट के दूसरे चरण के तहत बनने वाली पुनर्वास टाउनशिप के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर अब किसानों को 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा दिया जाएगा।

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सीएम योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar31 Jan 2026 06:50 PM
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Noida News : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना से प्रभावित जेवर क्षेत्र के किसानों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। एयरपोर्ट के दूसरे चरण के तहत बनने वाली पुनर्वास टाउनशिप के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर अब किसानों को 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजा दिया जाएगा। पहले यह दर 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई थी। इस प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है, जिससे लंबे समय से अटकी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

इन गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ

सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा जेवर क्षेत्र के सात गांवों के किसानों को होगा। इनमें जेवर बांगर, मदापुर, फलैदा बांगर, करौली बांगर, तीर्थली, धनपुरा और मेहंदीपुर शामिल हैं। इन गांवों की जमीन पुनर्वास टाउनशिप के निर्माण के लिए ली जानी है। प्रशासन के अनुसार, किसानों को केवल बढ़ा हुआ मुआवजा ही नहीं बल्कि सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से लेकर अवॉर्ड घोषित होने तक का बैंक ब्याज भी दिया जाएगा। कुल मिलाकर किसानों को प्रति वर्ग मीटर 4300 रुपये की राशि ब्याज सहित प्राप्त होगी, जिसमें करीब 1550 रुपये ब्याज के रूप में शामिल हैं।

कितनी जमीन होगी अधिग्रहित?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए पहले ही जेवर के छह गांवों से करीब 1181 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। वहीं, विस्थापित किसानों के पुनर्वास के लिए मदापुर और फलैदा क्षेत्र के पास प्रस्तावित दो टाउनशिप के निर्माण हेतु सात गांवों से लगभग 189.76 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी।

पहले क्यों अटका था अधिग्रहण?

दरअसल, जब इन गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब किसानों को 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर मुआवजे का प्रस्ताव दिया गया था। इसी दौरान एयरपोर्ट के तीसरे चरण में किसानों की सहमति से 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा तय कर दिया गया। इससे दूसरे चरण के प्रभावित किसानों में असंतोष बढ़ा और उन्होंने अधिग्रहण प्रक्रिया रोक दी थी। सरकार द्वारा मुआवजा बढ़ाए जाने से अब न केवल किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि लंबे समय से रुकी हुई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण के काम को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

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