नोएडा पुलिस का बड़ा एक्शन, माफिया रवि काना पर रेड कॉर्नर नोटिस जल्द
इसी वजह से नोएडा पुलिस अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और केस से जुड़ा पूरा डोजियर इंटरपोल चैनल के जरिए भेजा जा रहा है।

Noida News : उत्तर प्रदेश के बांदा जेल से रिहा होते ही गायब हुए स्क्रैप माफिया रवि काना को लेकर नोएडा पुलिस ने अलर्ट मोड में कार्रवाई तेज कर दी है।जांच में सामने आए इनपुट्स के आधार पर पुलिस को आशंका है कि रवि काना गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भागकर पनाह ले सकता है। इसी वजह से नोएडा पुलिस अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और केस से जुड़ा पूरा डोजियर इंटरपोल चैनल के जरिए भेजा जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रवि काना पर स्क्रैप कारोबार की आड़ में अवैध वसूली, जमीन कब्जाने, धमकी, मारपीट और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी होते ही रवि काना की तलाश नोएडा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों तक पहुंच जाएगी और किसी भी देश में लोकेशन मिलने पर उसे पकड़कर भारत लाने की कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल जाएगा।
नोएडा पुलिस ने तेज किया इंटरपोल प्रोसेस
रवि काना को लेकर नोएडा पुलिस की सख्ती की वजह सिर्फ उसका फरार होना नहीं, बल्कि उसका विदेश कनेक्शन भी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी पहले भी थाईलैंड से पकड़ा जा चुका है और उस वक्त इंटरपोल चैनल के जरिए उसके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई गई थी। अब एक बार फिर अगर रेड कॉर्नर नोटिस जारी होता है, तो रवि काना की तलाश नोएडा और भारत की सीमाओं से बाहर निकलकर इंटरपोल से जुड़े देशों तक पहुंच जाएगी। ऐसे में वह किसी भी विदेशी धरती पर ट्रेस होता है, तो स्थानीय एजेंसियों की मदद से उसे हिरासत में लेकर भारत प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। चर्चाएं हैं कि कुछ सफेदपोशों और अधिकारियों ने जेल प्रशासन पर दबाव बनाकर उसे जल्दी बाहर कराने की कोशिश की। नोएडा पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की तैयारी में है, ताकि रिहाई से जुड़े हर पहलू की जवाबदेही तय हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि रवि काना का स्क्रैप नेटवर्क सिर्फ नोएडा–पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं था, बल्कि वह हरियाणा और राजस्थान तक ठेकों पर दबदबा बनाकर जबरन वसूली और कब्जे जैसे आरोपों से जुड़ा रहा है। मुकदमों की सूची भी उसकी आपराधिक छवि को और गहरा करती है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रवि काना के खिलाफ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थानों में करीब 25 केस दर्ज हैं। इनमें फिरौती, मारपीट, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और धमकी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। बांदा जेल से बाहर आने के बाद वह भले ही फिलहाल पकड़ से दूर है, लेकिन उसके गिरोह के कई सदस्य अभी भी जेल में बताए जा रहे हैं। वहीं, उसकी पत्नी मधु को 16 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किए जाने का रिकॉर्ड भी पुलिस के पास मौजूद है।
जेल गेट पर पहले से तैयार थीं दो सफेद कारें
रवि काना की रिहाई के पल अब सुनियोजित फरारी की ओर इशारा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जेल गेट के बाहर दो सफेद कारें पहले से तैयार खड़ी थीं। एक गाड़ी में एक महिला जबकि दूसरी में तीन युवक बताए जा रहे हैं, दोनों ही गाड़ियों में रवि काना के परिजन और करीबी मौजूद थे। जैसे ही वह जेल से बाहर निकला, उसने जल्दबाज़ी में अपना सामान रखा और एक पल भी गंवाए बिना रवाना हो गया, जिससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह गहरा गया है। रिहाई के तुरंत बाद कई संदिग्धों के मोबाइल फोन बंद हो गए, जबकि पुलिस अब जेल परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर हर मूवमेंट को जोड़ने में जुटी है।
नेपाल बॉर्डर तक बढ़ी चौकसी
रवि काना की तलाश में पुलिस ने अब मैदान से लेकर नेटवर्क तक, दोनों स्तरों पर घेरा कस दिया है। गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए छह विशेष टीमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील इलाकों और नेपाल बॉर्डर के आसपास लगातार कैंप किए हुए हैं। उधर, आरोपी की रिहाई के बाद से जिले की एसओजी ने बांदा में ही डेरा डाल रखा है, ताकि किसी भी सुराग पर तुरंत कार्रवाई हो सके। पुलिस रवि काना के करीबियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
क्यों जरूरी होता है रेड कॉर्नर नोटिस?
रेड कॉर्नर नोटिस को पुलिस की भाषा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अलर्ट माना जाता है। आमतौर पर यह नोटिस तब आगे बढ़ाया जाता है, जब किसी आरोपी के देश से बाहर भागने या विदेश में छिपने की आशंका मजबूत हो। नोटिस जारी होते ही आरोपी की पहचान, केस डिटेल और जरूरी सूचनाएं इंटरपोल से जुड़े सदस्य देशों के साथ साझा कर दी जाती हैं, ताकि वह जहां भी छिपा हो, वहां की एजेंसियां उसे ट्रेस कर सकें। इसका मकसद आरोपी को पकड़कर कानूनी प्रक्रिया के जरिए प्रत्यर्पण की दिशा में कदम बढ़ाना और फरारी के रास्तों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंद करना होता है। Noida News
Noida News : उत्तर प्रदेश के बांदा जेल से रिहा होते ही गायब हुए स्क्रैप माफिया रवि काना को लेकर नोएडा पुलिस ने अलर्ट मोड में कार्रवाई तेज कर दी है।जांच में सामने आए इनपुट्स के आधार पर पुलिस को आशंका है कि रवि काना गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भागकर पनाह ले सकता है। इसी वजह से नोएडा पुलिस अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और केस से जुड़ा पूरा डोजियर इंटरपोल चैनल के जरिए भेजा जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रवि काना पर स्क्रैप कारोबार की आड़ में अवैध वसूली, जमीन कब्जाने, धमकी, मारपीट और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी होते ही रवि काना की तलाश नोएडा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों तक पहुंच जाएगी और किसी भी देश में लोकेशन मिलने पर उसे पकड़कर भारत लाने की कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल जाएगा।
नोएडा पुलिस ने तेज किया इंटरपोल प्रोसेस
रवि काना को लेकर नोएडा पुलिस की सख्ती की वजह सिर्फ उसका फरार होना नहीं, बल्कि उसका विदेश कनेक्शन भी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी पहले भी थाईलैंड से पकड़ा जा चुका है और उस वक्त इंटरपोल चैनल के जरिए उसके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई गई थी। अब एक बार फिर अगर रेड कॉर्नर नोटिस जारी होता है, तो रवि काना की तलाश नोएडा और भारत की सीमाओं से बाहर निकलकर इंटरपोल से जुड़े देशों तक पहुंच जाएगी। ऐसे में वह किसी भी विदेशी धरती पर ट्रेस होता है, तो स्थानीय एजेंसियों की मदद से उसे हिरासत में लेकर भारत प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। चर्चाएं हैं कि कुछ सफेदपोशों और अधिकारियों ने जेल प्रशासन पर दबाव बनाकर उसे जल्दी बाहर कराने की कोशिश की। नोएडा पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की तैयारी में है, ताकि रिहाई से जुड़े हर पहलू की जवाबदेही तय हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि रवि काना का स्क्रैप नेटवर्क सिर्फ नोएडा–पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं था, बल्कि वह हरियाणा और राजस्थान तक ठेकों पर दबदबा बनाकर जबरन वसूली और कब्जे जैसे आरोपों से जुड़ा रहा है। मुकदमों की सूची भी उसकी आपराधिक छवि को और गहरा करती है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रवि काना के खिलाफ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थानों में करीब 25 केस दर्ज हैं। इनमें फिरौती, मारपीट, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और धमकी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। बांदा जेल से बाहर आने के बाद वह भले ही फिलहाल पकड़ से दूर है, लेकिन उसके गिरोह के कई सदस्य अभी भी जेल में बताए जा रहे हैं। वहीं, उसकी पत्नी मधु को 16 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किए जाने का रिकॉर्ड भी पुलिस के पास मौजूद है।
जेल गेट पर पहले से तैयार थीं दो सफेद कारें
रवि काना की रिहाई के पल अब सुनियोजित फरारी की ओर इशारा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जेल गेट के बाहर दो सफेद कारें पहले से तैयार खड़ी थीं। एक गाड़ी में एक महिला जबकि दूसरी में तीन युवक बताए जा रहे हैं, दोनों ही गाड़ियों में रवि काना के परिजन और करीबी मौजूद थे। जैसे ही वह जेल से बाहर निकला, उसने जल्दबाज़ी में अपना सामान रखा और एक पल भी गंवाए बिना रवाना हो गया, जिससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह गहरा गया है। रिहाई के तुरंत बाद कई संदिग्धों के मोबाइल फोन बंद हो गए, जबकि पुलिस अब जेल परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर हर मूवमेंट को जोड़ने में जुटी है।
नेपाल बॉर्डर तक बढ़ी चौकसी
रवि काना की तलाश में पुलिस ने अब मैदान से लेकर नेटवर्क तक, दोनों स्तरों पर घेरा कस दिया है। गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए छह विशेष टीमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील इलाकों और नेपाल बॉर्डर के आसपास लगातार कैंप किए हुए हैं। उधर, आरोपी की रिहाई के बाद से जिले की एसओजी ने बांदा में ही डेरा डाल रखा है, ताकि किसी भी सुराग पर तुरंत कार्रवाई हो सके। पुलिस रवि काना के करीबियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
क्यों जरूरी होता है रेड कॉर्नर नोटिस?
रेड कॉर्नर नोटिस को पुलिस की भाषा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अलर्ट माना जाता है। आमतौर पर यह नोटिस तब आगे बढ़ाया जाता है, जब किसी आरोपी के देश से बाहर भागने या विदेश में छिपने की आशंका मजबूत हो। नोटिस जारी होते ही आरोपी की पहचान, केस डिटेल और जरूरी सूचनाएं इंटरपोल से जुड़े सदस्य देशों के साथ साझा कर दी जाती हैं, ताकि वह जहां भी छिपा हो, वहां की एजेंसियां उसे ट्रेस कर सकें। इसका मकसद आरोपी को पकड़कर कानूनी प्रक्रिया के जरिए प्रत्यर्पण की दिशा में कदम बढ़ाना और फरारी के रास्तों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंद करना होता है। Noida News












