नोएडा एक्सप्रेस-वे के सामानांतर पुश्ता एलीवेटिड पर शीघ्र लगेगी मोहर
इस रोड को एनएचएआई या यूपीडा में कोई भी बना सकता है। वो पीपीपी मॉडल को ला सकते है। टोल लगाकर निर्माण की लागत निकाल सकते है। इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी लेना जरुरी है। क्योंकि निर्माण पुश्ता और उसके आसपास की जमीन पर होना है।

Noida News : नोएडा एक्सप्रेस वे पर बढ़ते ट्रैफिक भार और इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टविटी को लेकर यमुना पुश्ता पर एलिवेटेड रोड बनाने की एक योजना को लेकर अपर मुख्य सचिव व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार श्रीवास्तव के साथ विस्तृत चर्चा की गई। इस रोड को एनएचएआई या यूपीडा में कोई भी बना सकता है। वो पीपीपी मॉडल को ला सकते है। टोल लगाकर निर्माण की लागत निकाल सकते है। इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी लेना जरुरी है। क्योंकि निर्माण पुश्ता और उसके आसपास की जमीन पर होना है।
नोएडा को राहत देने वाला कॉरिडोर
इसको लेकर लखनऊ में बड़े स्तर पर एक बैठक की गई। जिसमें पुश्ता रोड पर प्रस्तावित प्रोजेक्ट और इसकी जियोग्राफिक मैपिंग रखी गई। इसी बैठक में प्रोजेक्ट निर्माण के लिए फंडिंग पैटर्न, कैसे बनेगा, कौन बनाएगा, कैसा डिजाइन होगा इस पर चर्चा की गई। ये चर्चा आईडीसी दीपक कुमार से की गई। उम्मीद है आने वाले कुछ दिनों पर इस प्रोजेक्ट पर फाइनल मुहर लग सकती है। इससे पहले नोएडा प्राधिकरण ने कई बार सिंचाई विभाग से एनओसी लेने का प्रयास किया। विगत तीन महीने पहले सिंचाई विभाग ने पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि तटबंध के पास निर्माण से ड्रेनेज चैनल और एमबैंकमेंट प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे में अब नई तकनीक का प्रयोग किया जा सकता है। हालांकि निर्माण एलिवेटेड के रूप में ही होगा।
नोएडा-एयरपोर्ट लिंक को मिलेगा बूस्ट
पुश्ता नोएडा के सेक्टर-94 से सेक्टर-150 तक करीब 23 किमी और आगे यमुना एक्सप्रेस वे तक करीब 30 किमी का पूरा पैच है। इस पर ही एलिवेटेड ट्रैक बनना है। जिसकी लागत हजारों करोड़ में आएगी। प्राधिकरण इतना बजट एक साथ खर्च नहीं कर सकता। इसलिए योजना को बोर्ड में लाया गया था। जहां यूपीडा को निर्माण के लिए चुना गया था और खर्च का वहन तीनों प्राधिकरण को करना था। फिलहाल लखनऊ में की गई चर्चा का रिजल्ट जल्द ही सामने आ जाएगा। उम्मीद है कि सिंचाई विभाग एनओसी जारी करेगा और निर्माण यूपीडा या एनएचएआइ कर सकता है। इसके बनने से दिल्ली को सीधे एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी मिल जाएगी। Noida News
Noida News : नोएडा एक्सप्रेस वे पर बढ़ते ट्रैफिक भार और इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टविटी को लेकर यमुना पुश्ता पर एलिवेटेड रोड बनाने की एक योजना को लेकर अपर मुख्य सचिव व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार श्रीवास्तव के साथ विस्तृत चर्चा की गई। इस रोड को एनएचएआई या यूपीडा में कोई भी बना सकता है। वो पीपीपी मॉडल को ला सकते है। टोल लगाकर निर्माण की लागत निकाल सकते है। इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी लेना जरुरी है। क्योंकि निर्माण पुश्ता और उसके आसपास की जमीन पर होना है।
नोएडा को राहत देने वाला कॉरिडोर
इसको लेकर लखनऊ में बड़े स्तर पर एक बैठक की गई। जिसमें पुश्ता रोड पर प्रस्तावित प्रोजेक्ट और इसकी जियोग्राफिक मैपिंग रखी गई। इसी बैठक में प्रोजेक्ट निर्माण के लिए फंडिंग पैटर्न, कैसे बनेगा, कौन बनाएगा, कैसा डिजाइन होगा इस पर चर्चा की गई। ये चर्चा आईडीसी दीपक कुमार से की गई। उम्मीद है आने वाले कुछ दिनों पर इस प्रोजेक्ट पर फाइनल मुहर लग सकती है। इससे पहले नोएडा प्राधिकरण ने कई बार सिंचाई विभाग से एनओसी लेने का प्रयास किया। विगत तीन महीने पहले सिंचाई विभाग ने पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि तटबंध के पास निर्माण से ड्रेनेज चैनल और एमबैंकमेंट प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे में अब नई तकनीक का प्रयोग किया जा सकता है। हालांकि निर्माण एलिवेटेड के रूप में ही होगा।
नोएडा-एयरपोर्ट लिंक को मिलेगा बूस्ट
पुश्ता नोएडा के सेक्टर-94 से सेक्टर-150 तक करीब 23 किमी और आगे यमुना एक्सप्रेस वे तक करीब 30 किमी का पूरा पैच है। इस पर ही एलिवेटेड ट्रैक बनना है। जिसकी लागत हजारों करोड़ में आएगी। प्राधिकरण इतना बजट एक साथ खर्च नहीं कर सकता। इसलिए योजना को बोर्ड में लाया गया था। जहां यूपीडा को निर्माण के लिए चुना गया था और खर्च का वहन तीनों प्राधिकरण को करना था। फिलहाल लखनऊ में की गई चर्चा का रिजल्ट जल्द ही सामने आ जाएगा। उम्मीद है कि सिंचाई विभाग एनओसी जारी करेगा और निर्माण यूपीडा या एनएचएआइ कर सकता है। इसके बनने से दिल्ली को सीधे एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी मिल जाएगी। Noida News












