नोएडा में किया जा रहा था फर्जी बीमा, पूरा गिरोह पकड़ा
जानकारी मिलने पर नोएडा सेक्टर-63 की पुलिस और गौतम बुद्ध नगर स्थित साइबर क्राइम की जॉइंट टीम ने एक्शन लेते हुए सेक्टर 63 के H-198 से संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया. छापेमारी के दौरान दो लैपटॉप, एक मॉडेम, टेलीकॉलर डिवाइस, 31 मोबाइल फोन, 721 डेटाशीट और दो डायरी बरामद कीं।

Noida News : नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए फर्जी बीमा (इंश्योरेंस पॉलिसी) करके ठगी करने वाले एक गिरोह को पकड़ा है। एक बड़ा गिरोह नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों को फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी बेच रहा था। नोएडा पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर शातिर ठगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। नोएडा पुलिस की इस कार्यवाही से ठगी का शिकार हुए लोगों ने राहत की सांस ली है।
क्या है फर्जी बीमा गिरोह का पूरा मामला?
आपको बता दें कि लोग खुद को बीमा एजेंट बताकर कॉल करते थे. साथ ही पीड़ितों को बीमा की रकम खुद के (ठगों) बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए लुभाते थे। जानकारी मिलने पर नोएडा सेक्टर-63 की पुलिस और गौतम बुद्ध नगर स्थित साइबर क्राइम की जॉइंट टीम ने एक्शन लेते हुए सेक्टर 63 के H-198 से संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया. छापेमारी के दौरान दो लैपटॉप, एक मॉडेम, टेलीकॉलर डिवाइस, 31 मोबाइल फोन, 721 डेटाशीट और दो डायरी बरामद कीं।
बीमा कंपनियों के नाम पर ठगते थे
नोएडा कमिश्नरी में तैनात ADCP शव्या गोयल ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वे बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि होने का दावा करके लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें समाप्त हो चुकी पॉलिसियों का रिन्यू कराने, नई पॉलिसियां खरीदने और पॉलिसी बोनस का दावा करने के लिए राजी करते थे. ठगी की रकम को गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था। इन आरोपियों की पहचान छत्रपाल शर्मा, सत्यम, समीर, राज सलाउद्दीन, ईश्वर करमाली, सुहैल, विवेक कुमार, सुमित कुमार, मोहम्मद आसिफ, सुहैल, राजीव कुमार, मिथिलेश और हरिओम के रूप में हुई है. छत्रपाल (32) का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इन आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-63 पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा-318 (धोखाधड़ी), 319 (पहचान बदलकर धोखाधड़ी), 336 (जाली दस्तावेज बनाना), 340 (दस्तावेजों से जालसाजी) व 61 (आपराधिक साजिश) और इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। Noida News
Noida News : नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए फर्जी बीमा (इंश्योरेंस पॉलिसी) करके ठगी करने वाले एक गिरोह को पकड़ा है। एक बड़ा गिरोह नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों को फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी बेच रहा था। नोएडा पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर शातिर ठगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। नोएडा पुलिस की इस कार्यवाही से ठगी का शिकार हुए लोगों ने राहत की सांस ली है।
क्या है फर्जी बीमा गिरोह का पूरा मामला?
आपको बता दें कि लोग खुद को बीमा एजेंट बताकर कॉल करते थे. साथ ही पीड़ितों को बीमा की रकम खुद के (ठगों) बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए लुभाते थे। जानकारी मिलने पर नोएडा सेक्टर-63 की पुलिस और गौतम बुद्ध नगर स्थित साइबर क्राइम की जॉइंट टीम ने एक्शन लेते हुए सेक्टर 63 के H-198 से संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया. छापेमारी के दौरान दो लैपटॉप, एक मॉडेम, टेलीकॉलर डिवाइस, 31 मोबाइल फोन, 721 डेटाशीट और दो डायरी बरामद कीं।
बीमा कंपनियों के नाम पर ठगते थे
नोएडा कमिश्नरी में तैनात ADCP शव्या गोयल ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वे बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि होने का दावा करके लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें समाप्त हो चुकी पॉलिसियों का रिन्यू कराने, नई पॉलिसियां खरीदने और पॉलिसी बोनस का दावा करने के लिए राजी करते थे. ठगी की रकम को गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था। इन आरोपियों की पहचान छत्रपाल शर्मा, सत्यम, समीर, राज सलाउद्दीन, ईश्वर करमाली, सुहैल, विवेक कुमार, सुमित कुमार, मोहम्मद आसिफ, सुहैल, राजीव कुमार, मिथिलेश और हरिओम के रूप में हुई है. छत्रपाल (32) का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इन आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-63 पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा-318 (धोखाधड़ी), 319 (पहचान बदलकर धोखाधड़ी), 336 (जाली दस्तावेज बनाना), 340 (दस्तावेजों से जालसाजी) व 61 (आपराधिक साजिश) और इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। Noida News












