इस सुविधा के जरिए कंट्रोल/रिमोट सेंटर पर बैठे अफसरों को तुरंत पता चल सकेगा कि नोएडा के किस सेक्टर या किस मोहल्ले में सप्लाई ठप है, कहां पानी आ रहा है और कहां प्रेशर या लाइन में कोई गड़बड़ी है।

Noida News : नोएडा की पानी सप्लाई व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण का जल विभाग अब एक हाईटेक रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू करने जा रहा है। इस सुविधा के जरिए कंट्रोल/रिमोट सेंटर पर बैठे अफसरों को तुरंत पता चल सकेगा कि नोएडा के किस सेक्टर या किस मोहल्ले में सप्लाई ठप है, कहां पानी आ रहा है और कहां प्रेशर या लाइन में कोई गड़बड़ी है। मतलब, शिकायत दर्ज होने से पहले ही समस्या की लोकेशन पकड़कर फील्ड टीम को तुरंत मौके पर भेजा जा सकेगा, ताकि सप्लाई जल्दी बहाल हो। शुरुआती चरण में इसे ट्रायल के तौर पर नोएडा के 6 सेक्टरों में लागू किया जाएगा, और सफल रहने पर इसे पूरे शहर में विस्तार देने की तैयारी है।
नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग के महाप्रबंधक आर.पी.सिंह ने बताया कि जल आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए क्लाउड बेस्ड रिमोट मॉनीटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम बनाया जाएगा। यह व्यवस्था रिमोट सेंसर आधारित होगी, जिसमें हर कनेक्शन में पानी आपूर्ति, टीडीएस, गंगाजल, नलकूप और रैनीवेल संचालन की जानकारी का आंकड़ा जल्द मिलेगा। इसके लिए टेंडर जारी किया गया है। एजेंसियों से 6 जनवरी तक आवेदन मांगे गए हैं।
नोएडा प्राधिकरण को यह पता चल जाया करेगा कि कौन सी लाइन से कितने घरों या संस्थानों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। इसके बाद कारण पता कर तत्काल सुधार करवाया जा सकेगा। जल विभाग इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 6 सेक्टरों से शुरू करने जा रहा है, जिसमें 1 करोड़ 80 लाख 97 हजार रुपये की लागत का अनुमान है। इसके लिए टेंडर जारी कर 6 जनवरी तक आवेदन मांगे गए हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सेक्टर-14, 14 ए, 15, 15 ए, 16 व 16 ए का चयन किया गया है। इस व्यवस्था के जरिए इन सेक्टरों की सभी पानी की लाइन, भूमिगत व ओवरहेड जलाशय, नलकूप और यमुना किनारे के रैनीवेल जोड़े जाएंगे। हर एक सेक्टर के प्रवेश स्थल जहां से सेक्टर में पानी आपूर्ति की लाइनें अलग-अलग दिशा में जाती हैं, वहां पर रिमोट सेंसर लगाए जाएंगे। Noida News