नोएडा सेक्टर-150 में सुरक्षा व्यवस्था होगी अपग्रेड, लगेंगे CCTV कैमरे

नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि कैमरों के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग मजबूत होगी, जिससे किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत अलर्ट मिल सकेगा और मौके पर त्वरित कार्रवाई संभव हो पाएगी।

नोएडा सेक्टर-150 में बढ़ेगा सर्विलांस
नोएडा सेक्टर-150 में बढ़ेगा सर्विलांस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar04 Feb 2026 10:44 AM
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Noida News : नोएडा के प्रीमियम सेक्टर-150 में सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की दिशा में नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर की अंदरूनी सड़कों पर CCTV कैमरे लगाने का निर्णय लिया है, ताकि निगरानी का दायरा बढ़े, संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उन पर लगातार नजर रखी जा सके। नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि कैमरों के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग मजबूत होगी, जिससे किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत अलर्ट मिल सकेगा और मौके पर त्वरित कार्रवाई संभव हो पाएगी।

संयुक्त सर्वे से तय होंगी कैमरों की लोकेशन

अधिकारियों के मुताबिक, इंजीनियरिंग और ट्रैफिक टीम मिलकर संयुक्त सर्वे करेंगी। इस सर्वे में उन जगहों की पहचान की जाएगी जहां निगरानी की कमी है, सड़कें संवेदनशील हैं, ब्लैक स्पॉट, मुख्य मार्ग, और हाउसिंग सोसाइटी के बाहर के हिस्से शामिल हैं। सर्वे के बाद खर्च का अनुमान (एस्टिमेट) तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सेक्टर-94 स्थित ICCC से होगी लाइव मॉनिटरिंग

नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, नए CCTV कैमरों की लाइव फीड सेक्टर-94 में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से मॉनिटर की जाएगी। इससे रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई में मदद मिलेगी। प्राधिकरण के जनरल मैनेजर एसपी सिंह के मुताबिक, सेक्टर-150 के निवासियों ने लंबे समय से CCTV लगाने की मांग उठाई थी। अब प्राधिकरण सर्वे के जरिए यह तय करेगा कि किन पॉइंट्स पर कैमरे सबसे ज्यादा जरूरी हैं, ताकि सुरक्षा नेटवर्क प्रभावी तरीके से काम कर सके।

तेजी से विकसित हो रहे सेक्टर-150 में पुरानी समस्याएं

सेक्टर-150 नोएडा के तेजी से विकसित होते इलाकों में शामिल है। यहां करीब एक दर्जन से ज्यादा हाउसिंग सोसाइटी और बड़ी आबादी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कई जगह असमतल/कम रोशनी, निर्माण सामग्री का बिखरा मलबा, और सीमित निगरानी जैसी दिक्कतें लंबे समय से बनी हुई हैंजिससे सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ती रही है।

स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से जुड़ेगा CCTV नेटवर्क

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नए कैमरों को शहर के इंटीग्रेटेड स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यह सिस्टम पहले से ही कई स्थानों पर एडवांस कैमरों के जरिए ई-चालान और जांच में सहायता करता है। प्राधिकरण ने बताया कि हादसे वाली जगह पर सुरक्षा के लिहाज से इंजीनियरिंग सुधार पूरे कर लिए गए हैं। खतरनाक मोड़ के पास रिफ्लेक्टिव स्टड, हाई-इंटेंसिटी रिफ्लेक्टर, बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग लगाई गई है और बैरिकेडिंग के जरिए वाहनों को जोखिम वाले हिस्से की ओर जाने से रोका जा रहा है। यह पूरा अभियान नोएडा में ट्रैफिक सेफ्टी रिव्यू का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें शहर के 65 ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट पर सुधार और निगरानी बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-150 का CCTV ग्रिड ओवरस्पीडिंग रोकने, कंस्ट्रक्शन जोन में अनाधिकृत प्रवेश पर नियंत्रण और पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर के तैयार होने तक निगरानी बनाए रखने में मदद करेगा। Noida News

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नोएडा में फर्जी चालान का खेल, क्लिक करते ही खाते से उड़ गए लाखों

नोएडा के सेक्टर-15 में रहने वाले एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को 500 रुपये के ओवरस्पीडिंग चालान का मैसेज भेजा गया , लेकिन लिंक खोलते ही उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 1.96 लाख रुपये की रकम कट गई।

नोएडा में नया साइबर स्कैम
नोएडा में नया साइबर स्कैम
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Feb 2026 11:10 AM
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Noida News : नोएडा में साइबर ठगी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है।  नोएडा में साइबर ठगों ने एक बार फिर सरकारी चालान का डर दिखाकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। नोएडा के सेक्टर-15 में रहने वाले एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को 500 रुपये के ओवरस्पीडिंग चालान का मैसेज भेजा गया , लेकिन लिंक खोलते ही उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 1.96 लाख रुपये की रकम कट गई। यह ठगी व्हाट्सऐप पर भेजी गई फर्जी APK फाइल के जरिए की गई, जिसे चालान की प्रति बताकर डाउनलोड कराने की कोशिश की गई थी।

APK ने कर दी मिनटों में बड़ी ठगी

पीड़ित अधिकारी के मोबाइल पर व्हाट्सऐप संदेश आया, जिसमें लिखा था कि उनका ओवरस्पीडिंग चालान कट गया है और 500 रुपये का जुर्माना ऑनलाइन जमा करना है। मैसेज में चालान जैसा लेआउट, लिंक और एक APK फाइल थी। संदेश देखने में इतना ऑफिशियल लगा कि अधिकारी को शक नहीं हुआ और उन्होंने भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी। जैसे ही लिंक खोला गया, भुगतान के नाम पर कार्ड डिटेल मांगी गई। अधिकारी ने अपने अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड की जानकारी और ऑनलाइन पासवर्ड दर्ज किया। इसके बाद स्क्रीन अचानक बंद हो गई। शुरुआत में उन्हें लगा कि तकनीकी दिक्कत हुई है, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनके फोन पर अलर्ट आया क्रेडिट कार्ड से 1.96 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हो चुका है। तभी उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार बन गए हैं।

फ्रॉड की रिपोर्ट के बावजूद रकम नहीं मिली

ठगी का पता चलते ही अधिकारी ने तुरंत कस्टमर केयर को कॉल कर क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया। साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज की और नोएडा के साइबर थाने में भी सूचना दी। हालांकि त्वरित कार्रवाई के बावजूद रकम वापस नहीं मिल सकी। कार्ड जारी करने वाली कंपनी की ओर से यह कहकर धनवापसी से इनकार कर दिया गया कि ट्रांजैक्शन “ग्राहक की सहमति” से हुआ है, इसलिए इसे फ्रॉड की श्रेणी में नहीं माना जा सकता।

नोएडा साइबर सेल ने दर्ज किया केस

मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा साइबर सेल ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि APK फाइल के जरिए ठगों ने मोबाइल तक पहुंच बनाकर संवेदनशील जानकारी हासिल की और उसी के आधार पर बड़े ट्रांजैक्शन कर दिए। Noida News

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न्यू नोएडा अपडेट : 80 गांवों की जमीन खरीदेगा प्राधिकरण, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

नोएडा–ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर से सटे दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र के करीब 80 गांवों में इस नए शहर की आधारशिला रखने के लिए प्राधिकरण सीधी खरीद (Direct Purchase) मॉडल अपनाने की तैयारी में है।

न्यू नोएडा
न्यू नोएडा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Feb 2026 09:56 AM
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Noida News : दिल्ली-NCR के विस्तार की नई धुरी बनने जा रही न्यू नोएडा (New Noida City) योजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। नोएडा–ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर से सटे दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र के करीब 80 गांवों में इस नए शहर की आधारशिला रखने के लिए प्राधिकरण सीधी खरीद (Direct Purchase) मॉडल अपनाने की तैयारी में है। किसानों से जमीन खरीद के लिए 5600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की प्रस्तावित दर का खाका बनाकर सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। हरी झंडी मिलते ही जमीन खरीद की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होगी और नोएडा के विस्तार के तौर पर न्यू नोएडा को आकार देने की कवायद तेज़ हो जाएगी।

क्यों जरूरी हो रहा नया नोएडा?

नोएडा-ग्रेटर नोएडा बेल्ट में लगातार बढ़ते कमर्शियल डेवलपमेंट, आने वाले समय में फिल्म सिटी जैसी योजनाएं और जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) के प्रभाव से इस पूरे इलाके में आबादी व आर्थिक गतिविधियों का दबाव तेजी से बढ़ने की संभावना है। इसी बढ़ते दबाव को संभालने और संगठित शहरी विकास के लिए दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र के रूप में नया नोएडा को विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

जमीन की खरीद-बिक्री पर लग सकती है लगाम

मास्टर प्लान को कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही संबंधित गांवों में जमीन के सौदों का तापमान अचानक बढ़ गया है। कहीं रेट रोज़ बदल रहे हैं, तो कहीं अफवाहों के सहारे सट्टा खरीद का खेल तेज़ हो गया है। इसी हलचल को थामने के लिए प्राधिकरण अब ऐसी नई व्यवस्था लाने की तैयारी में है, जिससे अनियंत्रित रजिस्ट्री और बिचौलिया-सक्रियता पर लगाम लग सके। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित फ्रेमवर्क को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा से तथ्यों के साथ विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, ताकि फैसला पारदर्शी और जमीन हकीकत पर आधारित रहे। किसानों के लिए प्राधिकरण पहले आवेदन, फिर समयबद्ध निर्णय वाला मॉडल तैयार कर रहा है। सरकार से दरों पर अंतिम मंजूरी मिलते ही सार्वजनिक सूचना जारी होगी और जो किसान अपनी जमीन बेचना चाहें, वे सीधे प्राधिकरण में आवेदन कर सकेंगे। लक्ष्य यह है कि दो महीने या उससे कम समय में आवेदन का निस्तारण कर निर्धारित दर पर खरीद पूरी कर दी जाए। अगर तय समय में प्राधिकरण जमीन नहीं ले पाता, तो किसान को अन्य खरीदार को बेचने की छूट मिल सकती है। वहीं, यदि प्राधिकरण जमीन लेने से मना करता है, तो संबंधित अधिकारी को कारण लिखित रूप में स्पष्ट करना होगा। पूरी खरीद प्रक्रिया चरणबद्ध समझौतों के जरिए आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और विकास कार्य बिना देरी के शुरू हो सके।

सीएम तक पहुंचा प्रस्ताव

किसानों से जमीन खरीद और रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव नोएडा अथॉरिटी ने तैयार किया है। जानकारी के मुताबिक, यह विषय अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने सीएम के संज्ञान में भी रखा है, जिसके बाद पूर्ण रिपोर्ट मांगी गई है। उल्लेखनीय है कि 18 अक्टूबर 2024 को योगी कैबिनेट ने नया नोएडा मास्टर प्लान-2041 को मंजूरी दी थी।

न्यू नोएडा के लिए फील्ड ऑफिस की तैयारी

न्यू नोएडा को तेजी से लागू करने के लिए संबंधित क्षेत्र में अस्थायी कार्यालय खोलने की योजना भी बनाई जा रही है। संकेत हैं कि यह कार्यालय सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव के आसपास खोला जा सकता है। दफ्तर के लिए करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन लेने की तैयारी बताई जा रही है, ताकि साइट पर बैठकर प्लानिंग, सर्वे और अधिग्रहण/खरीद की प्रक्रिया तेज की जा सके।

4 फेज में बसाने का प्रस्ताव

मास्टर प्लान में नया नोएडा को चार चरणों (फेज) में बसाने की रूपरेखा तय की गई है, लेकिन प्राधिकरण संकेत दे रहा है कि जमीनी जरूरतों और निवेश की रफ्तार को देखते हुए इसमें आगे संशोधन की गुंजाइश रखी गई है। दस्तावेज़ों के मुताबिक पहले फेज़ को 2027 तक आकार देने का लक्ष्य रखा गया था, मगर अब तक यह योजना फाइलों से निकलकर साइट पर पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में सबकी निगाहें अब जमीन खरीद की प्रस्तावित दरों पर टिकी हैं।

दायरा बढ़ाने की भी तैयारी

दिल्ली-NCR के संतुलित विस्तार के लिए न्यू नोएडा के दायरे को और बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है। इसमें बागपत और खेकड़ा तहसील के कुछ गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव स्थानीय प्रशासन की ओर से सरकार को भेजे जाने की बात सामने आई है। अगर यह विस्तार मंजूर हुआ, तो न्यू नोएडा का प्रभाव क्षेत्र और बड़ा होगा और निवेश/इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग भी नए सिरे से तैयार करनी पड़ सकती है। Noida News