कौन हैं IAS कृष्णा करुणेश, जिन्हें सौपीं गई है नोएडा प्राधिकरण की कमान
नोएडा प्राधिकरण ने IAS कृष्णा करुणेश (2011 बैच) को नोएडा अथॉरिटी का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। इससे पहले वह नोएडा प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे।

Noida News : नोएडा प्राधिकरण से पूर्व सीईओ डॉ लोकेश एम के तबादले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा प्राधिकरण की कमान 2011 बैच के IAS कृष्णा करुणेश को सौपीं है। इससे पहले वह नोएडा प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। युवराज मेहता मामले के बाद तत्कालीन CEO लोकेश एम को पद से हटाए जाने के बाद यह नियुक्ति नोएडा प्रशासनिक व्यवस्था में नेतृत्व परिवर्तन के तौर पर देखी जा रही है। नोएडा शहर में सड़क सुरक्षा, त्वरित रेस्क्यू और जवाबदेही तय करने को लेकर चल रही बहस के बीच नोएडा अथॉरिटी को नया चेहरा मिला है।
क्यों अहम माना जा रहा है यह बदलाव?
नोएडा में युवराज मेहता की मौत के बाद से प्रशासनिक निर्णयों में देरी, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और सिस्टम की तैयारियों पर सवाल खड़े हुए। ऐसे में नोएडा प्राधिकरण के नेतृत्व में बदलाव को संदेश साफ माना जा रहा है कि प्राधिकरण अब फील्ड-लेवल पर सुधार और कड़ी मॉनिटरिंग की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। नोएडा प्राधिकरण के नए CEO के तौर पर IAS कृष्णा करुणेश के सामने चुनौती होगी कि नोएडा में सड़क सुरक्षा, शिकायत निस्तारण और परियोजनाओं की निगरानी को लेकर प्राधिकरण की कार्यशैली में ठोस बदलाव दिखे।
नोएडा के भीतर से ही तैयार हुआ नया CEO
मूल रूप से बिहार के रहने वाले IAS कष्णा करुणेश का प्रशासनिक सफर उत्तर प्रदेश के कई अहम जिलों से होकर गुजरा है। यही वजह है कि नोएडा जैसे तेजी से बढ़ते शहर में उनकी तैनाती को व्यवस्था सुधार, अनुशासन और तेज निर्णय क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है। अब तक की तैनाती में वह गोरखपुर में जिलाधिकारी (DM), कुशीनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद में SDM और CDO जैसी जिम्मेदार भूमिकाओं में रहे हैं, जबकि हापुड़ और बलरामपुर में भी जिला स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। खास बात यह है कि नोएडा की कमान संभालने से पहले वह नोएडा प्राधिकरण में ACEO के तौर पर ही काम कर रहे थे।
कैसा है कृष्णा करुणेश का ट्रैक रिकॉर्ड?
IAS कृष्णा करुणेश की छवि एक ऐसे अफसर की रही है जो लापरवाही पर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटते। 2022 में गोरखपुर के DM रहते हुए उन्होंने काम में ढिलाई बरतने वाले 9 लेखपालों को एक साथ निलंबित कर प्रशासनिक गलियारों में साफ संदेश दिया था कि जिम्मेदारी तय होगी और जवाब भी देना पड़ेगा। इसी वजह से उन्हें एक्शन-ओरिएंटेड, तेज-तर्रार और परिणाम देने वाले अधिकारियों की श्रेणी में रखा जाता है। शैक्षणिक स्तर पर भी उनका प्रोफाइल मजबूत माना जाता है। उन्होंने MA (पोस्ट ग्रेजुएशन) के साथ LLB की डिग्री भी हासिल की है। नोएडा जैसे शहर में, जहां शहरी विकास, नियम-कानून, परियोजनाओं की निगरानी और जवाबदेही बड़े मुद्दे रहते हैं, यह बैकग्राउंड उनके फैसलों को प्रशासनिक मजबूती देने वाला माना जा रहा है। Noida News
Noida News : नोएडा प्राधिकरण से पूर्व सीईओ डॉ लोकेश एम के तबादले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा प्राधिकरण की कमान 2011 बैच के IAS कृष्णा करुणेश को सौपीं है। इससे पहले वह नोएडा प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। युवराज मेहता मामले के बाद तत्कालीन CEO लोकेश एम को पद से हटाए जाने के बाद यह नियुक्ति नोएडा प्रशासनिक व्यवस्था में नेतृत्व परिवर्तन के तौर पर देखी जा रही है। नोएडा शहर में सड़क सुरक्षा, त्वरित रेस्क्यू और जवाबदेही तय करने को लेकर चल रही बहस के बीच नोएडा अथॉरिटी को नया चेहरा मिला है।
क्यों अहम माना जा रहा है यह बदलाव?
नोएडा में युवराज मेहता की मौत के बाद से प्रशासनिक निर्णयों में देरी, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और सिस्टम की तैयारियों पर सवाल खड़े हुए। ऐसे में नोएडा प्राधिकरण के नेतृत्व में बदलाव को संदेश साफ माना जा रहा है कि प्राधिकरण अब फील्ड-लेवल पर सुधार और कड़ी मॉनिटरिंग की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। नोएडा प्राधिकरण के नए CEO के तौर पर IAS कृष्णा करुणेश के सामने चुनौती होगी कि नोएडा में सड़क सुरक्षा, शिकायत निस्तारण और परियोजनाओं की निगरानी को लेकर प्राधिकरण की कार्यशैली में ठोस बदलाव दिखे।
नोएडा के भीतर से ही तैयार हुआ नया CEO
मूल रूप से बिहार के रहने वाले IAS कष्णा करुणेश का प्रशासनिक सफर उत्तर प्रदेश के कई अहम जिलों से होकर गुजरा है। यही वजह है कि नोएडा जैसे तेजी से बढ़ते शहर में उनकी तैनाती को व्यवस्था सुधार, अनुशासन और तेज निर्णय क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है। अब तक की तैनाती में वह गोरखपुर में जिलाधिकारी (DM), कुशीनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद में SDM और CDO जैसी जिम्मेदार भूमिकाओं में रहे हैं, जबकि हापुड़ और बलरामपुर में भी जिला स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। खास बात यह है कि नोएडा की कमान संभालने से पहले वह नोएडा प्राधिकरण में ACEO के तौर पर ही काम कर रहे थे।
कैसा है कृष्णा करुणेश का ट्रैक रिकॉर्ड?
IAS कृष्णा करुणेश की छवि एक ऐसे अफसर की रही है जो लापरवाही पर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटते। 2022 में गोरखपुर के DM रहते हुए उन्होंने काम में ढिलाई बरतने वाले 9 लेखपालों को एक साथ निलंबित कर प्रशासनिक गलियारों में साफ संदेश दिया था कि जिम्मेदारी तय होगी और जवाब भी देना पड़ेगा। इसी वजह से उन्हें एक्शन-ओरिएंटेड, तेज-तर्रार और परिणाम देने वाले अधिकारियों की श्रेणी में रखा जाता है। शैक्षणिक स्तर पर भी उनका प्रोफाइल मजबूत माना जाता है। उन्होंने MA (पोस्ट ग्रेजुएशन) के साथ LLB की डिग्री भी हासिल की है। नोएडा जैसे शहर में, जहां शहरी विकास, नियम-कानून, परियोजनाओं की निगरानी और जवाबदेही बड़े मुद्दे रहते हैं, यह बैकग्राउंड उनके फैसलों को प्रशासनिक मजबूती देने वाला माना जा रहा है। Noida News












