नोएडा के बिल्डर का वारंट जारी, जल्दी ही होगी कुर्की

नोएडा कमिश्नरी पुलिस के सूत्रों का दावा है कि जल्दी ही गिरफ्तारी ना होने पर बिल्डर की सारी प्रोपर्टी तथा दफ्तर की कुर्की कर ली जाएगी। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने बिल्डर को हर हाल में गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए हैं।

भगोड़े बिल्डर पर पुलिस का बड़ा एक्शन
भगोड़े बिल्डर पर पुलिस का बड़ा एक्शन
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Jan 2026 04:57 PM
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Noida News : नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने एक भगोड़े बिल्डर के विरूद्ध बड़ा एक्शन लिया है। नोएडा कमिश्नरी पुलिस  ने अदालत के आदेश पर नोएडा के चर्चित बिल्डर के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। नोएडा पुलिस की अलग-अलग टीम इस चर्चित बिल्डर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। नोएडा कमिश्नरी पुलिस के सूत्रों का दावा है कि जल्दी ही गिरफ्तारी ना होने पर बिल्डर की सारी प्रोपर्टी तथा दफ्तर की कुर्की कर ली जाएगी। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने बिल्डर को हर हाल में गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए हैं।

बहुत बड़ा फ्रॉड है नोएडा का यह बिल्डर

नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने नोएडा के जिस बिल्डर के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है उस बिल्डर का नाम सरदार निर्मल सिंह है। सरदार निर्मल सिंह थ्री सी के नाम से बिल्डर कंपनी चलाता था। वर्ष-2017 से पहले नोएडा प्राधिकरण में सरदार मोहिन्दर सिंह CEO के पद पर तैनात था। सरदार मोहिन्दर सिंह के साथ मिलकर निर्मल सिंह ने नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अरबों रूपए के फ्रॉड किए थे। हाल ही में नोएडा के सेक्टर-150 के जिस प्लॉट पर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हुई है वह मौत के कुएं वाला प्लाट भी सरदार निर्मल सिंह का ही है। सरदार निर्मल सिंह ही सही मायने में विवादित बिल्डर कंपनी लोटस ग्रीन का भी मालिक है।

इंजीनियर युवराज मेहता के केस में जारी हुआ वारंट

नोएडा के सेक्टर-150 में हुई इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नोएडा कमिश्नरी पुलिस तीन बिल्डरों को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अब बारी चर्चित बिल्डर सरदार निर्मल सिंह की है। नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने निर्मल सिंह के विरूद्ध गैर जमानती वारंटी जारी कर दिया है साथ ही नोएडा पुलिस निर्मल सिंह की प्रोपर्टी की कुर्की करने की भी तैयारी कर रही है।

बिल्डर के कारण गई युवराज मेहता की जान

आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर-150 में 16-17 जनवरी की दरमियानी रात को घने कोहरे के बीच युवराज मेहता गुरुग्राम से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार एक तीखे मोड़ पर सडक़ से फिसलकर निर्माणाधीन साइट के पास एक गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। ये गड्ढा कई सालों से बिना बैरिकेडिंग, लाइटिंग या सुरक्षा उपायों के खुला पड़ा था। युवराज ने कार की छत पर चढक़र फ्लैश लाइट जलाकर मदद मांगी, लेकिन देर रात तक कोई सहायता नहीं पहुंची और वे डूब गए। गुस्साए परिजनों का आरोप है कि ये घटना न केवल एक हादसा, बल्कि प्रशासनिक और बिल्डरों की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर पुलिस ने एमजेड विज टाउन और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। Noida News

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नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिकों के ऊपर चढ़ा हुआ है 1.50 लाख करोड़ का कर्जा

लोन लेने के मामले में नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिक पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे आगे हैं। अकेले वर्ष-2025 में नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिकों ने बैंकों से 10 हजार करोड़ रूपए का लोन लिया है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा यूपी में लोन लेने में सबसे आगे
नोएडा-ग्रेटर नोएडा यूपी में लोन लेने में सबसे आगे
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Jan 2026 03:41 PM
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Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर हैं। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में पूंजीपति रहते हैं। प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिक अव्वल हैं। इस सबके बावजूद नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिकों ने बैंकों से मोटा कर्ज ले रखा है। एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के नागरिकों ने बैंकों से डेढ़ लाख करोड़ रूपए (1.50 करोड़ रुपये) का कर्ज यानि कि लोन (Loan) ले रखा है।

गौतमबुद्धनगर जिले के लीड़ बैंक ने बताई लोन की हकीकत

नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा गौतमबुद्धनगर जिले का हिस्सा है। गौतमबुद्धनगर जिले का लीड बैंक केनरा बैंक हैं। पहले यह सिंडिकेट बैंक हुआ करता था। गौतमबुद्धनगर में लीड बैंक के मैनेजर राजेश सिंह ने एक रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि गौतमबुद्धनगर जिले के नागरिकों ने अलग-अलग बैंकों से डेढ़ लाख करोड़ रूपए का लोन (कर्जा) ले रखा है। लोन लेने के मामले में नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिक पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे आगे हैं। अकेले वर्ष-2025 में नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिकों ने बैंकों से 10 हजार करोड़ रूपए का लोन लिया है।

नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में लगातार बढ़ रहा है लोन का आंकड़ा

गौतमबुद्धनगर जिले में लीड बैंक की ओर से जारी आकड़ों के अनुसार जिले पर कुल बैंकिंग कर्ज का आंकड़ा बढक़र 1.42 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। जबकि साल 2024 में यही आंकड़ा 1.32 लाख करोड़ पर सिमटा हुआ था। अधिकारियों के अनुसार शहर में तेजी से विकास हो रहा है, यही कारण है कि लोग अपने उद्योग को स्थापित कर अपना भविष्य बना रहे हैं। वहीं, फ्लैट और भूमि के लिए भी बढ़ी संख्या में लोन लिया गया। दरअसल, सरकार भी लोगों को अपने उद्योग स्थापित करने, संचालित करने से लेकर अपना घर बसाने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि आर्थिक विकास की गति बढ़ सके। अधिकारियों के अनुसार नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के नागरिक अपनी लाइफस्टाइल में चार चांद लगाने के लिए भी खूब लोन लेते हैं। यहां तक कि तकरीबन पंद्रह फीसदी लोगों ने विवाह और पार्टियों के लिए लोन लिया। इसके अलावा शहरवासी वाहन ऋण, शिक्षा ऋण और अन्य श्रेणियों के लोन भी ले रहे हैं Noida News

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इंजीनियर युवराज मेहता आया कवि के सपने में, बताया पूरा सच

इस दौरान युवराज मेहता नोएडा के एक कवि के सपने में आया। युवराज मेहता ने नोएडा के कवि को अपनी मौत का पूरा सच बताया है। उसी सच के आधार पर युवराज मेहता की कविता प्रकाश में आई है।

इंजीनियर युवराज मेहता
इंजीनियर युवराज मेहता
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Jan 2026 02:04 PM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में हुई इंजीनियर युवराज मेहता की मौत बहुत बड़ा विषय बन गई है। नोएडा के इस लाड़ले इंजीनियर की मौत सरकारी सिस्टम के पूरी तरह फेल हो जाने का सबसे बड़ा उदाहरण है। इस दौरान युवराज मेहता नोएडा के एक कवि के सपने में आया। युवराज मेहता ने नोएडा के कवि को अपनी मौत का पूरा सच बताया है। उसी सच के आधार पर युवराज मेहता की कविता प्रकाश में आई है।

"मैं युवराज हूँ"

रात के उस पहर,

जब नींद भी सवाल पूछने लगे,

मैं आया था तुम्हारे सपने में—

मैं युवराज हूँ

हाँ, वही

जिसकी मौत अब

टीवी डिबेट और ब्रेकिंग न्यूज़ है।

कवि,

मेरी कहानी लिख देना,

क्योंकि मरने के बाद भी

मैं चुप नहीं रह सका।

मैं कोई हारा हुआ इंसान नहीं था,

मैं तो बस

एक इंजीनियर था—

जो सपनों की इमारत

ईंटों से नहीं,

उम्मीदों से खड़ी कर रहा था।

नोएडा के सेक्टर-150 में

एक गहरा गढ्डा था,

लोग कहते हैं

वहीं सब खत्म हो गया,

पर सच यह है—

मेरी जिदगी

अभी शुरू भी नहीं हुई थी।

दिन में काम,

रात में भविष्य की चिंता,

पिता के फोन पर

"सब ठीक है"

कहकर

मैं हर रोज़

खुद से झूठ बोलता रहा।

कवि,

कुछ दर्द ऐसे होते हैं

जो सोशल मीडिया पर नहीं लिखे जाते,

कुछ आँसू ऐसे होते हैं

जो प्रोफाइल फोटो में नहीं दिखते।

लोग पूछते हैं—

मेरी मौत कैसे हुई?

काश कोई यह पूछता—

"तू इतना अकेला कब हो गया?"

मैं गिरा नहीं था,

मुझे कोहरे ने गिराया —

अपेक्षाओं की ऊँचाई से

और उस सिस्टम से

जो इंसान को

परफॉर्मेंस मशीन बना देता है।

मेरी मौत पर

मोमबत्तियाँ जलीं,

हैशटैग चले,

बहसें हुईं—

पर कवि,

मेरी तरह

कितने युवराज

आज भी चुपचाप

सिस्टम से लड़ रहे हैं?

मेरे पिता को लिख देना—

मैं कमज़ोर नहीं था,

मैं बस

बहुत थक गया था।

और इस देश से कहना—

सिस्टम की सफलता पर 

जनता की खामोशी को

कमज़ोरी मत समझना,

क्योंकि कई बार

खामोशी ही

आखिऱी चीख होती है।

इतना कहकर

मैं लौट गया,

पर मेरी आवाज़

तुम्हारे शब्दों में

जिंदा रहनी चाहिए—

क्योंकि

मैं युवराज हूँ,

और मेरी मौत

सिर्फ एक खबर नहीं,

एक चेतावनी है। Noida News

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