PM Svanidhi Yojana: पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को बड़ी राहत मिली है। पहले जिन लाभार्थियों से बैंक ने ब्याज काट लिया था उन्हें वह राशि वापस की जाएगी। इस फैसले से स्ट्रीट वेंडर्स का भरोसा बढ़ेगा और छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहारा मिलेगा।

देश के करोड़ों रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे स्ट्रीट वेंडर्स के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM Svanidhi Scheme) के तहत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना से जुड़े लाभार्थियों को राहत देते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब पीएम स्वनिधि योजना के तहत अधिकतम 14 प्रतिशत ब्याज दर पर ही लोन मिलेगा। इसके साथ ही जिन स्ट्रीट वेंडर्स से बैंकों ने पहले ही ब्याज काट लिया था उन्हें वह पूरी राशि वापस लौटाई जाएगी। सरकार के अनुसार, यह ब्याज वापसी करीब 120 करोड़ रुपये की होगी। यह फैसला उन हजारों छोटे व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है जो कोरोना काल के बाद से आर्थिक संकट से जूझ रहे थे और ऊंचे ब्याज के कारण योजना से दूर हो रहे थे।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मुताबिक, सरकार के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कई बैंक पीएम स्वनिधि योजना के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कुछ बैंकों ने लोन देते समय ही ब्याज की रकम काट ली जिससे लाभार्थियों को तय राशि से कम पैसा मिला। कई मामलों में ब्याज दर 20 से 25 प्रतिशत तक वसूली गई जो योजना की भावना के खिलाफ थी। इसी वजह से राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से संपर्क कर ब्याज दर पर सीमा तय करने और गलत तरीके से काटी गई राशि वापस दिलाने की मांग की।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना केंद्र सरकार की एक खास योजना है जिसे छोटे रेहड़ी-पटरी वालों, ठेला लगाने वालों और स्ट्रीट वेंडर्स को फिर से आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किया गया था। इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी के लोन दिया जाता है ताकि वे अपना छोटा कारोबार दोबारा खड़ा कर सकें। इस योजना में केंद्र सरकार 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देती है जबकि बाकी ब्याज का भार राज्य सरकार उठाती है। इस तरह नियमों के अनुसार लाभार्थी को किसी भी तरह का ब्याज नहीं देना होता।
पीएम स्वनिधि योजना में लोन की राशि चरणों में दी जाती है। पहली बार योजना का लाभ लेने पर लाभार्थी को ₹10,000 तक का लोन मिलता है। यदि वह तय समय में इस लोन की राशि चुका देता है तो अगली बार उसे ₹20,000 तक का लोन मिल सकता है। दूसरी बार का लोन समय पर चुकाने पर तीसरे चरण में ₹50,000 तक का लोन लेने की सुविधा मिलती है। समय पर भुगतान करने वालों को आगे चलकर कैशबैक, डिजिटल ट्रांजैक्शन पर इनाम और क्रेडिट कार्ड जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाती हैं।
केंद्र सरकार की सहमति के बाद अब यह साफ कर दिया गया है कि कोई भी बैंक पीएम स्वनिधि योजना के तहत 14 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज नहीं ले सकेगा। लोन की पूरी राशि सीधे लाभार्थी को मिलेगी और पहले काटी गई ब्याज की रकम वापस की जाएगी। इसके अलावा, योजना को और मजबूत बनाने के लिए लोन की राशि बढ़ाई गई है और समय पर भुगतान करने वालों को ज्यादा फायदे दिए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों से स्ट्रीट वेंडर्स पर पड़ रहा दोहरा आर्थिक बोझ खत्म होगा। उन्हें अब बिना किसी डर और भ्रम के योजना का लाभ मिल सकेगा। इससे न सिर्फ उनका भरोसा दोबारा मजबूत होगा बल्कि छोटे कारोबारियों को आत्मनिर्भर बनने में भी मदद मिलेगी। पीएम स्वनिधि योजना में किया गया यह बदलाव लाखों रेहड़ी-पटरी वालों के लिए राहत की सांस है और आने वाले समय में यह योजना और ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती है।