भारत से पंगा पड़ा भारी, अब इस लीग से भी कटेगा पाकिस्तानियों का पत्ता
हालांकि ‘द हंड्रेड’ में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मौजूदगी पहले से रही है और उन्हें वहां अच्छा फैन सपोर्ट भी मिला है, लेकिन निवेश संरचना बदलने के बाद अनुबंध मिलने की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। ‘द हंड्रेड’ का यह सीजन 21 जुलाई से 16 अगस्त के बीच प्रस्तावित है।

The Hundred : इंग्लैंड की चर्चित टी20 प्रतियोगिता ‘द हंड्रेड’ के आगामी सीजन से पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बाहर होने की अटकलें तेज हो गई हैं। वजह यह बताई जा रही है कि 2025 में टूर्नामेंट की सभी आठ टीमों में भारतीय बड़े कारोबारी समूहों/आईपीएल से जुड़े निवेशकों ने बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है। इसी के बाद यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि जिन फ्रेंचाइजियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध आईपीएल मालिकों से है, वे पाकिस्तान के खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट देने से बच सकती हैं। हालांकि ‘द हंड्रेड’ में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मौजूदगी पहले से रही है और उन्हें वहां अच्छा फैन सपोर्ट भी मिला है, लेकिन निवेश संरचना बदलने के बाद अनुबंध मिलने की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। ‘द हंड्रेड’ का यह सीजन 21 जुलाई से 16 अगस्त के बीच प्रस्तावित है। बीबीसी की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि ईसीबी (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर रुचि मुख्यतः उन्हीं टीमों तक सीमित रह सकती है, जिनका आईपीएल से सीधा जुड़ाव नहीं है।
किन टीमों में भारतीय/आईपीएल-लिंक्ड हिस्सेदारी?
टूर्नामेंट की आठ फ्रेंचाइजियों में कुछ टीमों का स्वामित्व पूरी तरह या आंशिक रूप से ऐसी संस्थाओं के पास बताया जा रहा है, जो आईपीएल फ्रेंचाइजी भी चलाती हैं। चर्चा में जिन नामों का उल्लेख होता है, उनमें मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स जैसी फ्रेंचाइजियां शामिल हैं। क्रिकेट जगत में इसे एक तरह के ‘अनलिखे ट्रेंड’ के तौर पर देखा जा रहा है कि भारतीय निवेश वाली कई टी20 लीगों में 2009 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली।
अन्य लीगों के उदाहरण से बढ़ी चिंता
बीते साल ईसीबी के सीईओ रिचर्ड गोल्ड ने यह स्पष्ट किया था कि बोर्ड की अपेक्षा सभी देशों के खिलाड़ियों के चयन की होती है और निष्पक्षता के लिए भेदभाव-रोधी नीतियां लागू हैं। लेकिन दूसरी तरफ SA20 (दक्षिण अफ्रीका) और ILT20 (यूएई) जैसी लीगों का उदाहरण सामने है, जहां आईपीएल से जुड़े मालिकों के प्रभाव वाली टीमों में अब तक किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को मौका नहीं मिला यही वजह है कि ‘द हंड्रेड’ को लेकर भी आशंकाएं बढ़ गई हैं। The Hundred
The Hundred : इंग्लैंड की चर्चित टी20 प्रतियोगिता ‘द हंड्रेड’ के आगामी सीजन से पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बाहर होने की अटकलें तेज हो गई हैं। वजह यह बताई जा रही है कि 2025 में टूर्नामेंट की सभी आठ टीमों में भारतीय बड़े कारोबारी समूहों/आईपीएल से जुड़े निवेशकों ने बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है। इसी के बाद यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि जिन फ्रेंचाइजियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध आईपीएल मालिकों से है, वे पाकिस्तान के खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट देने से बच सकती हैं। हालांकि ‘द हंड्रेड’ में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मौजूदगी पहले से रही है और उन्हें वहां अच्छा फैन सपोर्ट भी मिला है, लेकिन निवेश संरचना बदलने के बाद अनुबंध मिलने की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। ‘द हंड्रेड’ का यह सीजन 21 जुलाई से 16 अगस्त के बीच प्रस्तावित है। बीबीसी की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि ईसीबी (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर रुचि मुख्यतः उन्हीं टीमों तक सीमित रह सकती है, जिनका आईपीएल से सीधा जुड़ाव नहीं है।
किन टीमों में भारतीय/आईपीएल-लिंक्ड हिस्सेदारी?
टूर्नामेंट की आठ फ्रेंचाइजियों में कुछ टीमों का स्वामित्व पूरी तरह या आंशिक रूप से ऐसी संस्थाओं के पास बताया जा रहा है, जो आईपीएल फ्रेंचाइजी भी चलाती हैं। चर्चा में जिन नामों का उल्लेख होता है, उनमें मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स जैसी फ्रेंचाइजियां शामिल हैं। क्रिकेट जगत में इसे एक तरह के ‘अनलिखे ट्रेंड’ के तौर पर देखा जा रहा है कि भारतीय निवेश वाली कई टी20 लीगों में 2009 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली।
अन्य लीगों के उदाहरण से बढ़ी चिंता
बीते साल ईसीबी के सीईओ रिचर्ड गोल्ड ने यह स्पष्ट किया था कि बोर्ड की अपेक्षा सभी देशों के खिलाड़ियों के चयन की होती है और निष्पक्षता के लिए भेदभाव-रोधी नीतियां लागू हैं। लेकिन दूसरी तरफ SA20 (दक्षिण अफ्रीका) और ILT20 (यूएई) जैसी लीगों का उदाहरण सामने है, जहां आईपीएल से जुड़े मालिकों के प्रभाव वाली टीमों में अब तक किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को मौका नहीं मिला यही वजह है कि ‘द हंड्रेड’ को लेकर भी आशंकाएं बढ़ गई हैं। The Hundred












