भारत से पंगा पड़ा भारी, अब इस लीग से भी कटेगा पाकिस्तानियों का पत्ता

हालांकि ‘द हंड्रेड’ में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मौजूदगी पहले से रही है और उन्हें वहां अच्छा फैन सपोर्ट भी मिला है, लेकिन निवेश संरचना बदलने के बाद अनुबंध मिलने की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। ‘द हंड्रेड’ का यह सीजन 21 जुलाई से 16 अगस्त के बीच प्रस्तावित है।

द हंड्रेड के बदलते समीकरण
द हंड्रेड के बदलते समीकरण
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Feb 2026 03:20 PM
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The Hundred : इंग्लैंड की चर्चित टी20 प्रतियोगिता ‘द हंड्रेड’ के आगामी सीजन से पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बाहर होने की अटकलें तेज हो गई हैं। वजह यह बताई जा रही है कि 2025 में टूर्नामेंट की सभी आठ टीमों में भारतीय बड़े कारोबारी समूहों/आईपीएल से जुड़े निवेशकों ने बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है। इसी के बाद यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि जिन फ्रेंचाइजियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध आईपीएल मालिकों से है, वे पाकिस्तान के खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट देने से बच सकती हैं। हालांकि ‘द हंड्रेड’ में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मौजूदगी पहले से रही है और उन्हें वहां अच्छा फैन सपोर्ट भी मिला है, लेकिन निवेश संरचना बदलने के बाद अनुबंध मिलने की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। ‘द हंड्रेड’ का यह सीजन 21 जुलाई से 16 अगस्त के बीच प्रस्तावित है। बीबीसी की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि ईसीबी (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर रुचि मुख्यतः उन्हीं टीमों तक सीमित रह सकती है, जिनका आईपीएल से सीधा जुड़ाव नहीं है।

किन टीमों में भारतीय/आईपीएल-लिंक्ड हिस्सेदारी?

टूर्नामेंट की आठ फ्रेंचाइजियों में कुछ टीमों का स्वामित्व पूरी तरह या आंशिक रूप से ऐसी संस्थाओं के पास बताया जा रहा है, जो आईपीएल फ्रेंचाइजी भी चलाती हैं। चर्चा में जिन नामों का उल्लेख होता है, उनमें मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स जैसी फ्रेंचाइजियां शामिल हैं। क्रिकेट जगत में इसे एक तरह के ‘अनलिखे ट्रेंड’ के तौर पर देखा जा रहा है कि भारतीय निवेश वाली कई टी20 लीगों में 2009 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली।

अन्य लीगों के उदाहरण से बढ़ी चिंता

बीते साल ईसीबी के सीईओ रिचर्ड गोल्ड ने यह स्पष्ट किया था कि बोर्ड की अपेक्षा सभी देशों के खिलाड़ियों के चयन की होती है और निष्पक्षता के लिए भेदभाव-रोधी नीतियां लागू हैं। लेकिन दूसरी तरफ SA20 (दक्षिण अफ्रीका) और ILT20 (यूएई) जैसी लीगों का उदाहरण सामने है, जहां आईपीएल से जुड़े मालिकों के प्रभाव वाली टीमों में अब तक किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को मौका नहीं मिला यही वजह है कि ‘द हंड्रेड’ को लेकर भी आशंकाएं बढ़ गई हैं। The Hundred

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भारत -पाक ‘महामुकाबला’ बना व्यूअरशिप का बादशाह, टूट गए सारे रिकॉर्ड

यही नहीं, दावा है कि इस मुकाबले ने 2024 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल (भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका) की दर्शक पहुंच को भी पीछे छोड़ दिया। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह उछाल सिर्फ रीच तक सीमित नहीं रहा।

भारत-पाक मैच का रिकॉर्डतोड़ असर
भारत-पाक मैच का रिकॉर्डतोड़ असर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Feb 2026 02:58 PM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत बनाम पाकिस्तान के बहुप्रतीक्षित मुकाबले ने दर्शकों की दिलचस्पी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। टूर्नामेंट के आधिकारिक डिजिटल और ब्रॉडकास्ट पार्टनर JioStar के अनुसार, JioHotstar पर इस महामुकाबले ने Reach और Consumption दोनों मोर्चों पर रिकॉर्डतोड़ आंकड़े दर्ज किए। कंपनी का दावा है कि टी20 फॉर्मेट में किसी भी ICC इवेंट के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल माइलस्टोन है, जिसने फैंस की भागीदारी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्डतोड़ पहुंच

कंपनी के मुताबिक भारत–पाक महामुकाबला डिजिटल पर रिकॉर्ड-ब्रेकर साबित हुआ। मैच ने 163 मिलियन की जबरदस्त डिजिटल रीच हासिल की, जिसे टी20 फॉर्मेट में किसी भी ICC इवेंट के लिए अब तक की सबसे बड़ी “मैच रीच” बताया जा रहा है। यही नहीं, दावा है कि इस मुकाबले ने 2024 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल (भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका) की दर्शक पहुंच को भी पीछे छोड़ दिया। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह उछाल सिर्फ रीच तक सीमित नहीं रहा। 2024 के भारत–पाक मैच के मुकाबले 56% ज्यादा पहुंच दर्ज हुई, जबकि मोबाइल पर यह लीग स्टेज का सबसे ज्यादा पहुंच वाला मैच बताया गया पिछले क्लैश से 1.2 गुना आगे। Connected TV पर भी दर्शकों का ‘बड़ा-स्क्रीन क्रेज’ साफ दिखा, जहां रीच 2.4 गुना बढ़ी।

मैदान पर नतीजे ने भी बढ़ाया क्रेज

इस हाई-वोल्टेज मुकाबले की चर्चा को भारत के प्रदर्शन ने और धार दी। भारत ने ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ अपना हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 8-1 तक पहुंचा दिया, जिससे फैंस के बीच एंगेजमेंट और बढ़ा। डिजिटल के साथ-साथ लीनियर टीवी पर भी मैच का दबदबा रहा। कंपनी के अनुसार, इस मुकाबले ने TVR में 71% की बढ़ोतरी दर्ज की और यह 2021 के बाद से सबसे ज्यादा रेटिंग वाला भारत-पाकिस्तान टी20 मैच बन गया। यह संकेत है कि बड़े मैचों में पारंपरिक टीवी का मास व्यूइंग अनुभव अब भी उतना ही प्रभावी बना हुआ है। ICC T20 World Cup 2026

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सुपर-8 में टीम इंडिया की होगी असली अग्निपरीक्षा, बदलना होगा इतिहास

आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है चार-चार टीमों का यह विभाजन इस बार मुकाबले को और ज्यादा तीखा बना रहा है। टीम इंडिया ने लीग स्टेज में लगातार चार जीत दर्ज कर शानदार लय के साथ सुपर-8 में कदम रखा है।

‘ग्रुप ऑफ डेथ’ में टीम इंडिया की अग्निपरीक्षा
‘ग्रुप ऑफ डेथ’ में टीम इंडिया की अग्निपरीक्षा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Feb 2026 11:36 AM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे हाई-वोल्टेज चरण में प्रवेश करने जा रहा है। 21 फरवरी से सुपर-8 राउंड शुरू होगा और टूर्नामेंट की असली परीक्षा भी यहीं से शुरू मानी जाती है। आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है चार-चार टीमों का यह विभाजन इस बार मुकाबले को और ज्यादा तीखा बना रहा है। टीम इंडिया ने लीग स्टेज में लगातार चार जीत दर्ज कर शानदार लय के साथ सुपर-8 में कदम रखा है। लेकिन अब उसे जिस ग्रुप में जगह मिली है, वही चर्चा का केंद्र बन गया है क्योंकि यह ग्रुप सिर्फ कठिन नहीं, बल्कि ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहलाने लगा है।

क्यों ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहलाया ग्रुप-1?

सुपर-8 के ग्रुप-1 को यूं ही ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ नहीं कहा जा रहा। भारत, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे चारों टीमें लीग स्टेज में अजेय आत्मविश्वास के साथ यहां पहुंची हैं। भारत ने ग्रुप-A में पाकिस्तान, अमेरिका, नीदरलैंड्स और नामीबिया को पछाड़कर टॉप किया, साउथ अफ्रीका ने ग्रुप-D में क्लीन स्वीप कर ताकत दिखाई। वेस्टइंडीज ने ग्रुप-C में लगातार चार जीत से लय पकड़ी, जबकि जिम्बाब्वे ने ग्रुप-B में तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ अपनी जिद साबित की। इसी वजह से ग्रुप-1 को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ का टैग मिल गया है। टीम इंडिया लीग स्टेज में चार लगातार जीत के साथ आत्मविश्वास लेकर आई है, लेकिन सुपर-8 में हर मैच नॉकआउट जैसा दबाव बनाएगा। क्योंकि यहां एक भी चूक अंक तालिका की तस्वीर बदल सकती है। अब तक टी20 वर्ल्ड कप में भारत और वेस्टइंडीज 4 बार आमने-सामने आए हैं, जिसमें भारत को सिर्फ 1 जीत मिली है और 3 बार हार झेलनी पड़ी है। यानी सुपर-8 की रेस में आगे रहने के लिए भारत को इस बार पुराना हिसाब बराबर करना होगा।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: सुपर-8 शेड्यूल (ग्रुप-1)

  1. 22 फरवरी: भारत vs साउथ अफ्रीका
  2. 23 फरवरी: जिम्बाब्वे vs वेस्टइंडीज
  3. 26 फरवरी: वेस्टइंडीज vs साउथ अफ्रीका
  4. 26 फरवरी: भारत vs जिम्बाब्वे
  5. 1 मार्च: जिम्बाब्वे vs साउथ अफ्रीका
  6. 1 मार्च: भारत vs वेस्टइंडीज ICC T20 World Cup 2026


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