IPL 2026 की RAPP लिस्ट जारी, अनुपलब्धता पर यहीं से होगा खिलाड़ी का चयन

इस लिस्ट में वे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने ऑक्शन के लिए नाम दर्ज कराया था और प्रक्रिया से पीछे नहीं हटे लेकिन ऑक्शन में या तो अनसोल्ड रह गए या उन पर बोली नहीं लगी। यानी, टीमें जरूरत पड़ने पर इन्हीं विकल्पों में से तुरंत उपलब्ध खिलाड़ी चुन सकती हैं।

IPL 2026 में RAPP से मिलेगा रिप्लेसमेंट
IPL 2026 में RAPP से मिलेगा रिप्लेसमेंट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar29 Jan 2026 03:18 PM
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IPL 2026 : आईपीएल 2026 के ऑक्शन के बाद फ्रेंचाइजियों के लिए एक अहम बैकअप बैंक तैयार हो चुका है। बीसीसीआई ने RAPP (Registered Available Players Pool) की अपडेटेड लिस्ट टीमों के साथ साझा कर दी है, जिसमें कुल 1307 खिलाड़ी शामिल हैं। सीधी भाषा में समझें तो यह वही पूल है, जहाँ से सीजन के दौरान चोट, अनुपलब्धता या किसी अन्य वजह से बाहर हुए खिलाड़ी के बदले रिप्लेसमेंट चुना जा सकता है। इस लिस्ट में वे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने ऑक्शन के लिए नाम दर्ज कराया था और प्रक्रिया से पीछे नहीं हटे लेकिन ऑक्शन में या तो अनसोल्ड रह गए या उन पर बोली नहीं लगी। यानी, टीमें जरूरत पड़ने पर इन्हीं विकल्पों में से तुरंत उपलब्ध खिलाड़ी चुन सकती हैं।

बड़े नाम भी शामिल है इस RAPP में

RAPP लिस्ट में कई चर्चित विदेशी नाम भी मौजूद हैं, जो रिप्लेसमेंट के तौर पर टीमों की रणनीति बदल सकते हैं। स्टीव स्मिथ, रीस टॉपली, जेमी स्मिथ और जॉनी बेयरस्टो जैसे खिलाड़ियों के नाम इस पूल में शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा डेरिल मिचेल भी इस सूची का हिस्सा हैं वही मिचेल, जिन्होंने हालिया भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता था। उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये रखा गया है। भारतीय कैप्ड खिलाड़ियों की बात करें तो लिस्ट में मयंक अग्रवाल, केएस भरत, दीपक हुड्डा, नवदीप सैनी, चेतन सकारिया, संदीप वॉरियर और उमेश यादव जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी का बेस प्राइस 75 लाख रुपये बताया गया है।

बीसीसीआई का बड़ा नियम

RAPP को लेकर बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजियों के लिए एक अहम दिशा-निर्देश भी जारी किया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि कोई भी फ्रेंचाइजी RAPP के किसी खिलाड़ी को उसकी ऑक्शन रिजर्व (बेस) प्राइस से कम रकम पर साइन नहीं कर सकती। यह कदम खिलाड़ियों के न्यूनतम मूल्य को सुरक्षित रखने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नेट बॉलर वाला ट्विस्ट

आमतौर पर टीमें RAPP में शामिल खिलाड़ियों को नेट बॉलर के तौर पर भी बुलाती हैं, लेकिन यहां एक दिलचस्प नियम लागू होता है। अगर कोई फ्रेंचाइजी किसी खिलाड़ी को नेट बॉलर के रूप में अपने साथ रखती है और दूसरी टीम उसे रिप्लेसमेंट के तौर पर साइन करना चाहती है, तो पहली फ्रेंचाइजी का उस खिलाड़ी पर कोई एक्सक्लूसिव अधिकार नहीं होगा। यानी जरूरत पड़ने पर कोई भी टीम नियमों के मुताबिक उस खिलाड़ी को अपने स्क्वॉड में शामिल कर सकती है। IPL 2026

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टीम इंडिया का एक्स-फैक्टर या एक्सीडेंट? अभिषेक शर्मा की कमी ने बढ़ाई टेंशन

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का मानना है कि अभिषेक की टॉप ऑर्डर में आक्रामक मौजूदगी भारत की टी20 वर्ल्ड कप तैयारी को धार दे सकती है, क्योंकि इससे टीम किसी एक ओपनर पर जरूरत से ज्यादा निर्भर नहीं रहती।

युवा ओपनर अभिषेक शर्मा
युवा ओपनर अभिषेक शर्मा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar29 Jan 2026 02:18 PM
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Abhishek Sharma : टीम इंडिया के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने हाल के मैचों में जिस बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी की है, वह टी20 क्रिकेट में किसी भी गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना सकता है। लेकिन यही स्टाइल कभी-कभी टीम के लिए मुश्किल भी खड़ी कर देता है। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का मानना है कि अभिषेक की टॉप ऑर्डर में आक्रामक मौजूदगी भारत की टी20 वर्ल्ड कप तैयारी को धार दे सकती है, क्योंकि इससे टीम किसी एक ओपनर पर जरूरत से ज्यादा निर्भर नहीं रहती। उन्होंने यह बात न्यूजीलैंड के खिलाफ विशाखापत्तनम टी20 में भारत की 50 रन की हार के बाद कही हालांकि सीरीज भारत पहले ही अपने नाम कर चुका था।

विशाखापत्तनम में ‘रिस्क’ पड़ा भारी

216 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। पहली ही गेंद पर उन्होंने मैट हेनरी की गेंद को बाउंड्री के पार भेजने की कोशिश की, लेकिन डीप पॉइंट पर खड़े डेवोन कॉनवे के हाथों कैच दे बैठे। शुरुआती झटके के बाद टॉप ऑर्डर भी दबाव में दिखा और रनचेज की दिशा जल्दी ही बिगड़ती चली गई। सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन समेत अन्य बल्लेबाज भी सस्ते में आउट हुए, जिससे भारत की बल्लेबाजी गहराई और ‘प्लान-बी’ को लेकर सवाल उठने लगे।

रहाणे का साफ संदेश

क्रिकबज पर चर्चा के दौरान अजिंक्य रहाणे ने साफ कहा कि अभिषेक शर्मा जैसे हाई-इंटेंट बल्लेबाज के साथ यह उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। उनके मुताबिक अभिषेक का खेल पूरी तरह जोखिम पर टिका है कभी वह पहली ही गेंद पर शून्य पर लौट सकते हैं और बड़े मंच, जैसे वर्ल्ड कप में भी यह संभावना बनी रहती है। लेकिन जब उनका टाइमिंग सेट हो जाए, तो वही बल्लेबाज अकेले दम पर मैच की स्क्रिप्ट बदल देता है। रहाणे ने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय बैटिंग सिर्फ एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं दिखी; सामूहिक रूप से यूनिट का इरादा और गहराई मजबूत रही। साथ ही उन्होंने टीम कॉम्बिनेशन पर अहम संकेत दिया 7 बल्लेबाजों के साथ खेलने और 8 बल्लेबाज रखने में दबाव की घड़ी में बड़ा फर्क पड़ता है। 

वर्ल्ड कप में यही पैटर्न चुनौती बन सकता है

अभिषेक का अंदाज टीम को तेज शुरुआत दिला सकता है, लेकिन अगर शुरुआत में विकेट गिरता है और साथ-साथ दूसरे टॉप ऑर्डर बल्लेबाज भी नहीं टिकते, तो बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम फंस सकती है। टी20 में यह ऑल-ऑर-नथिंग मॉडल कई बार मैच जिताता है, और कई बार मैच हाथ से निकलवा भी देता है। यही वो कमी है जिसे बड़े टूर्नामेंट में विपक्षी टीम निशाना बना सकती है यानी शुरुआती ओवरों में विकेट गिरने के बाद रनचेज को स्थिर करने वाला भरोसेमंद “सेफ मोड”।

अभिषेक ने सीरीज में मचाई धूम

विशाखापत्तनम की नाकामी के बावजूद सीरीज में अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन दमदार रहा। चार मैचों में उन्होंने 152 रन बनाए हैं और वह तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनका औसत 50.66 और स्ट्राइक रेट 266.66 रहा जो टी20 में किसी भी बल्लेबाज के लिए असाधारण माना जाता है। रायपुर टी20 में 14 गेंदों पर उनकी फिफ्टी ने दिखा दिया कि वह पावरप्ले के अंदर ही मैच का मिजाज बदलने का माद्दा रखते हैं। Abhishek Sharma

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भारत वाला मैच छोड़ा तो ‘जेब’ पर पड़ेगा भारी! पीसीबी की नींद उड़ी

हालांकि, पूरे टूर्नामेंट का बहिष्कार करना पीसीबी के लिए व्यावहारिक रूप से कठिन माना जा रहा है। अंदरखाने चर्चा इस बात पर है कि क्या पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से हटने का कदम उठा सकता है।

भारत-पाक मैच पर असमंजस
भारत-पाक मैच पर असमंजस
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userअभिजीत यादव
calendar28 Jan 2026 02:52 PM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के भीतर असमंजस बना हुआ है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की चिंता पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार से ज्यादा 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर केंद्रित दिख रही है। संकेत हैं कि पीसीबी इस मुद्दे पर राजनीतिक दबाव, कानूनी पेचीदगियों और संभावित आर्थिक नुकसान तीनों पहलुओं पर एक साथ मंथन कर रहा है।

पीसीबी की रणनीति अभी ड्राफ्ट स्टेज में

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने हाल ही में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ लंबी बैठक कर विकल्पों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि बोर्ड किसी भी निर्णय से पहले उसके दूरगामी असर को लेकर सरकार से स्पष्ट मार्गदर्शन चाहता है, ताकि बाद में कानूनी या कूटनीतिक स्तर पर कोई मुश्किल खड़ी न हो। रिपोर्ट यह भी कहती है कि नकवी ने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से भी सलाह ली है और आने वाले दिनों में पीसीबी के कुछ पूर्व अध्यक्षों से भी राय ली जा सकती है। हालांकि, पूरे टूर्नामेंट का बहिष्कार करना पीसीबी के लिए व्यावहारिक रूप से कठिन माना जा रहा है। अंदरखाने चर्चा इस बात पर है कि क्या पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से हटने का कदम उठा सकता है। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि बोर्ड के भीतर यह विकल्प “गंभीर” तौर पर रखा गया है, लेकिन इसे अंतिम रूप देने से पहले कई परतों की जांच हो रही है।

पहले दो मैचों के बाद तय हो सकती है रणनीति

रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ मैच खेलने या किनारा करने का फैसला तुरंत नहीं, बल्कि पहले दो मुकाबलों के नतीजों के बाद लिया जा सकता है। शेड्यूल के मुताबिक टीम 7 फरवरी को नीदरलैंड्स और 10 फरवरी को अमेरिका (USA) से भिड़ेगी, जबकि 15 फरवरी को भारत से टक्कर प्रस्तावित है। अंदरखाने चर्चा यह है कि अगर पाकिस्तान शुरुआती दोनों मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल पर मजबूत स्थिति बना लेता है, तो बोर्ड के पास भारत वाले मुकाबले से दूरी बनाने का विकल्प “व्यावहारिक” दिख सकता है लेकिन यह कदम कानूनी, आर्थिक और छवि के मोर्चे पर बड़े जोखिम भी साथ ला सकता है।

कानूनी जोखिम और ब्रॉडकास्ट डील की लाल रेखा

भारत-पाक मैच से हटने पर पीसीबी को कानूनी नोटिस और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी के कानूनी सलाहकारों ने बोर्ड को आगाह किया है कि इस समय जियोस्टार स्पोर्ट्स (भारत) के साथ करीब 3 अरब डॉलर की ब्रॉडकास्ट डील (वैधता 2027 तक) चर्चा में है। ऐसे में अगर मैच नहीं खेला गया, तो ब्रॉडकास्टर आईसीसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप आईसीसी सदस्य बोर्डों को मिलने वाली सालाना फंडिंग और राजस्व वितरण पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

छवि और भविष्य की मेजबानी पर भी असर

पीसीबी के भीतर यह चिंता भी है कि भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार सिर्फ एक मुकाबले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि, आईसीसी में स्थिति, और भविष्य में किसी बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी की दावेदारी पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि बोर्ड जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय हर विकल्प के फायदे-नुकसान तौलकर आगे बढ़ना चाहता है। ICC T20 World Cup 2026

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