सेमीफाइनल में इंग्लैंड की एंट्री फाइनल, भारत समेत बाकी टीमों का गणित समझिए
अब असली रोमांच शुरू होता है। सेमीफाइनल की बाकी तीन सीटों के लिए कुल 7 टीमें दावेदारी में हैं और हैरानी की बात यह कि सुपर-8 में मौजूद अभी कोई भी टीम आधिकारिक तौर पर बाहर नहीं हुई।

ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में पहला बड़ा फैसला हो चुका है। इंग्लैंड ने सेमीफाइनल का टिकट काट लिया है और अंतिम-4 में पहुंचने वाली वह पहली टीम बन गई है। पाकिस्तान के खिलाफ 165 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने कप्तान हैरी ब्रूक के ऐतिहासिक शतक की बदौलत 2 विकेट शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। ब्रूक ने इस पारी के साथ एक रिकॉर्ड भी दर्ज किया, वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में कप्तान के तौर पर शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। अब असली रोमांच शुरू होता है। सेमीफाइनल की बाकी तीन सीटों के लिए कुल 7 टीमें दावेदारी में हैं और हैरानी की बात यह कि सुपर-8 में मौजूद अभी कोई भी टीम आधिकारिक तौर पर बाहर नहीं हुई। यानी हर मुकाबला, हर ओवर और नेट रन रेट (NRR) अब निर्णायक बनने वाला है। आइए समझते हैं हर टीम का पूरा गणित -
पाकिस्तान
सलमान आगा की कप्तानी वाली पाकिस्तान टीम अभी सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रखे हुए है, लेकिन रास्ता अब ‘करो या मरो’ वाला हो गया है। पाकिस्तान का आखिरी मुकाबला श्रीलंका से है और यहां जीत के अलावा कोई विकल्प नहीं एक चूक सीधे बाहर का टिकट पकड़ा सकती है। जीत मिल भी गई तो कहानी यहीं खत्म नहीं होगी; इसके बाद पाकिस्तान की नजरें न्यूजीलैंड के नतीजों पर टिकेंगी। अगर कीवी टीम अपने दोनों बचे मैच गंवा दे, तो पाकिस्तान के लिए दरवाज़ा खुल सकता है। लेकिन न्यूजीलैंड ने एक भी मुकाबला निकाल लिया, तो फिर पाकिस्तान का भाग्य नेट रन रेट के बारीक गणित में उलझ जाएगा।
न्यूजीलैंड
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ने के बाद न्यूजीलैंड के सामने अब दो बड़े इम्तिहान खड़े हैं। अच्छी बात यह है कि किवी टीम की किस्मत अभी भी उसके अपने हाथों में है। अगर न्यूजीलैंड दोनों मैच जीत लेता है, तो सेमीफाइनल की टिकट पर मुहर लगभग लग जाएगी। लेकिन यहां एक हार भी पूरी तस्वीर बदल सकती है फिर न्यूजीलैंड को दूसरे मैचों के नतीजों पर नजर रखनी पड़ेगी और मामला नेट रन रेट (NRR) के उस बारीक गणित में फंस जाएगा, जहां एक ओवर भी पूरे टूर्नामेंट का रुख पलट देता है।
श्रीलंका
श्रीलंका के लिए सेमीफाइनल का रास्ता दिखता तो साफ है, लेकिन उस पर चलना सबसे कठिन चुनौती है। सबसे पहले उन्हें अपने दोनों बचे मुकाबलों में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। ऐसा कर पाने पर श्रीलंका के खाते में अधिकतम 4 अंक आ जाएंगे, मगर टिकट तब भी पक्का नहीं होगा। इसके बाद लंकेन्स को उम्मीद करनी पड़ेगी कि न्यूजीलैंड सुपर-8 में कम से कम एक मैच गंवाए, ताकि पॉइंट्स का गणित उनके पक्ष में झुक सके।
साउथ अफ्रीका
भारत पर बड़ी जीत ने साउथ अफ्रीका की सेमीफाइनल की राह को फिलहाल काफी हद तक आसान कर दिया है। अब उनके सामने दो मुकाबले बचे हैं वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ और यहीं से उनकी ‘क्वालिफिकेशन स्टोरी’ तय होगी। अगर प्रोटियाज इन दोनों मैचों में जीत की लय बरकरार रखते हैं, तो अंतिम-4 का टिकट लगभग पक्का माना जाएगा। लेकिन सुपर-8 में जरा-सी चूक भी भारी पड़ती है एक हार ने सारी बढ़त मिटा दी, तो फिर मामला सीधे नेट रन रेट (NRR) के पेचीदा गणित में जा फंसेगा, जहां हर ओवर और हर रन की कीमत अचानक बढ़ जाती है।
वेस्टइंडीज
जिम्बाब्वे को हराकर वेस्टइंडीज ने सुपर-8 में विजयी आगाज जरूर कर लिया है, लेकिन सेमीफाइनल की डगर अभी पूरी तरह पक्की नहीं हुई। अब कैरेबियाई टीम को बाकी मुकाबलों में जीत की लय बनाए रखना ही होगा, क्योंकि इस चरण में एक छोटी-सी चूक भी भारी पड़ती है। अगर वेस्टइंडीज का एक मैच भी हाथ से निकल गया, तो फिर क्वालिफिकेशन का मामला सीधे नेट रन रेट (NRR) की उलझन में फंस जाएगा।
जिम्बाब्वे
सिकंदर रजा की अगुवाई वाली जिम्बाब्वे की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन उनके सामने रास्ता सबसे कठिन है। सुपर-8 में उनके बचे दो मुकाबले सीधे भारत और साउथ अफ्रीका जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ हैं। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए जिम्बाब्वे को पहले दोनों मैच जीतने होंगे, और जीत भी ऐसी कि अंक तालिका के साथ-साथ नेट रन रेट भी उनके पक्ष में झुक जाए। क्योंकि यहां सिर्फ जीत से काम नहीं चलेगा उन्हें बड़ी जीत चाहिए, ताकि नॉकआउट का दरवाज़ा सच में खुल सके।
भारत
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया के लिए इस वक्त सेमीफाइनल का गणित सबसे उलझा और सबसे दबाव भरा हो चुका है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की भारी हार ने भारत के नेट रन रेट को तगड़ा झटका दिया है, जिससे अब सिर्फ जीत हासिल करना काफी नहीं रहेगा। टीम इंडिया को अपने दोनों बचे मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे और कोशिश यह भी रहेगी कि जीत का अंतर बड़ा हो, ताकि NRR की चोट भर सके। हालांकि भारत के लिए एक शॉर्टकट रास्ता भी बन सकता है। अगर साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज को हरा दे, तो भारत की राह काफी हद तक आसान हो सकती है और मामला NRR के कड़े हिसाब-किताब से बाहर निकल सकता है। ICC T20 World Cup 2026
ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में पहला बड़ा फैसला हो चुका है। इंग्लैंड ने सेमीफाइनल का टिकट काट लिया है और अंतिम-4 में पहुंचने वाली वह पहली टीम बन गई है। पाकिस्तान के खिलाफ 165 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने कप्तान हैरी ब्रूक के ऐतिहासिक शतक की बदौलत 2 विकेट शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। ब्रूक ने इस पारी के साथ एक रिकॉर्ड भी दर्ज किया, वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में कप्तान के तौर पर शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। अब असली रोमांच शुरू होता है। सेमीफाइनल की बाकी तीन सीटों के लिए कुल 7 टीमें दावेदारी में हैं और हैरानी की बात यह कि सुपर-8 में मौजूद अभी कोई भी टीम आधिकारिक तौर पर बाहर नहीं हुई। यानी हर मुकाबला, हर ओवर और नेट रन रेट (NRR) अब निर्णायक बनने वाला है। आइए समझते हैं हर टीम का पूरा गणित -
पाकिस्तान
सलमान आगा की कप्तानी वाली पाकिस्तान टीम अभी सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रखे हुए है, लेकिन रास्ता अब ‘करो या मरो’ वाला हो गया है। पाकिस्तान का आखिरी मुकाबला श्रीलंका से है और यहां जीत के अलावा कोई विकल्प नहीं एक चूक सीधे बाहर का टिकट पकड़ा सकती है। जीत मिल भी गई तो कहानी यहीं खत्म नहीं होगी; इसके बाद पाकिस्तान की नजरें न्यूजीलैंड के नतीजों पर टिकेंगी। अगर कीवी टीम अपने दोनों बचे मैच गंवा दे, तो पाकिस्तान के लिए दरवाज़ा खुल सकता है। लेकिन न्यूजीलैंड ने एक भी मुकाबला निकाल लिया, तो फिर पाकिस्तान का भाग्य नेट रन रेट के बारीक गणित में उलझ जाएगा।
न्यूजीलैंड
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ने के बाद न्यूजीलैंड के सामने अब दो बड़े इम्तिहान खड़े हैं। अच्छी बात यह है कि किवी टीम की किस्मत अभी भी उसके अपने हाथों में है। अगर न्यूजीलैंड दोनों मैच जीत लेता है, तो सेमीफाइनल की टिकट पर मुहर लगभग लग जाएगी। लेकिन यहां एक हार भी पूरी तस्वीर बदल सकती है फिर न्यूजीलैंड को दूसरे मैचों के नतीजों पर नजर रखनी पड़ेगी और मामला नेट रन रेट (NRR) के उस बारीक गणित में फंस जाएगा, जहां एक ओवर भी पूरे टूर्नामेंट का रुख पलट देता है।
श्रीलंका
श्रीलंका के लिए सेमीफाइनल का रास्ता दिखता तो साफ है, लेकिन उस पर चलना सबसे कठिन चुनौती है। सबसे पहले उन्हें अपने दोनों बचे मुकाबलों में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। ऐसा कर पाने पर श्रीलंका के खाते में अधिकतम 4 अंक आ जाएंगे, मगर टिकट तब भी पक्का नहीं होगा। इसके बाद लंकेन्स को उम्मीद करनी पड़ेगी कि न्यूजीलैंड सुपर-8 में कम से कम एक मैच गंवाए, ताकि पॉइंट्स का गणित उनके पक्ष में झुक सके।
साउथ अफ्रीका
भारत पर बड़ी जीत ने साउथ अफ्रीका की सेमीफाइनल की राह को फिलहाल काफी हद तक आसान कर दिया है। अब उनके सामने दो मुकाबले बचे हैं वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के खिलाफ और यहीं से उनकी ‘क्वालिफिकेशन स्टोरी’ तय होगी। अगर प्रोटियाज इन दोनों मैचों में जीत की लय बरकरार रखते हैं, तो अंतिम-4 का टिकट लगभग पक्का माना जाएगा। लेकिन सुपर-8 में जरा-सी चूक भी भारी पड़ती है एक हार ने सारी बढ़त मिटा दी, तो फिर मामला सीधे नेट रन रेट (NRR) के पेचीदा गणित में जा फंसेगा, जहां हर ओवर और हर रन की कीमत अचानक बढ़ जाती है।
वेस्टइंडीज
जिम्बाब्वे को हराकर वेस्टइंडीज ने सुपर-8 में विजयी आगाज जरूर कर लिया है, लेकिन सेमीफाइनल की डगर अभी पूरी तरह पक्की नहीं हुई। अब कैरेबियाई टीम को बाकी मुकाबलों में जीत की लय बनाए रखना ही होगा, क्योंकि इस चरण में एक छोटी-सी चूक भी भारी पड़ती है। अगर वेस्टइंडीज का एक मैच भी हाथ से निकल गया, तो फिर क्वालिफिकेशन का मामला सीधे नेट रन रेट (NRR) की उलझन में फंस जाएगा।
जिम्बाब्वे
सिकंदर रजा की अगुवाई वाली जिम्बाब्वे की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन उनके सामने रास्ता सबसे कठिन है। सुपर-8 में उनके बचे दो मुकाबले सीधे भारत और साउथ अफ्रीका जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ हैं। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए जिम्बाब्वे को पहले दोनों मैच जीतने होंगे, और जीत भी ऐसी कि अंक तालिका के साथ-साथ नेट रन रेट भी उनके पक्ष में झुक जाए। क्योंकि यहां सिर्फ जीत से काम नहीं चलेगा उन्हें बड़ी जीत चाहिए, ताकि नॉकआउट का दरवाज़ा सच में खुल सके।
भारत
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया के लिए इस वक्त सेमीफाइनल का गणित सबसे उलझा और सबसे दबाव भरा हो चुका है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की भारी हार ने भारत के नेट रन रेट को तगड़ा झटका दिया है, जिससे अब सिर्फ जीत हासिल करना काफी नहीं रहेगा। टीम इंडिया को अपने दोनों बचे मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे और कोशिश यह भी रहेगी कि जीत का अंतर बड़ा हो, ताकि NRR की चोट भर सके। हालांकि भारत के लिए एक शॉर्टकट रास्ता भी बन सकता है। अगर साउथ अफ्रीका वेस्टइंडीज को हरा दे, तो भारत की राह काफी हद तक आसान हो सकती है और मामला NRR के कड़े हिसाब-किताब से बाहर निकल सकता है। ICC T20 World Cup 2026












