चौंकाने वाली बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है जब राजन इस सीजन अपनी धारदार गेंदबाजी से लगातार मैच का रुख पलट रहे थे और उत्तराखंड की गेंदबाजी यूनिट के सबसे भरोसेमंद नामों में शुमार हो चुके थे।

Uttarakhand Fast Bowler Doping Case : भारतीय घरेलू क्रिकेट एक बार फिर डोपिंग विवाद से हिल गया है। उत्तराखंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज राजन कुमार के डोप टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने की रिपोर्ट के बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने 29 वर्षीय खिलाड़ी पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है जब राजन इस सीजन अपनी धारदार गेंदबाजी से लगातार मैच का रुख पलट रहे थे और उत्तराखंड की गेंदबाजी यूनिट के सबसे भरोसेमंद नामों में शुमार हो चुके थे।
सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड के तेज गेंदबाज राजन कुमार के डोप सैंपल में तीन प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने की बात सामने आई है। इनमें ड्रोस्टैनोलोन और मेटेनोलोन जैसे एनाबॉलिक स्टेरॉयड शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्हें प्रदर्शन बढ़ाने और मांसपेशियों की क्षमता में इजाफे से जोड़कर देखा जाता है। वहीं तीसरा पदार्थ क्लोमीफीन है, जिसे कुछ मामलों में एथलीटों द्वारा हार्मोन स्तर से जुड़ी रिकवरी/मैनेजमेंट के लिए दुरुपयोग किए जाने की चर्चाएं रही हैं। नियमों के मुताबिक रिपोर्ट आते ही NADA ने प्राथमिक कदम उठाते हुए खिलाड़ी को अस्थायी रूप से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से बाहर कर दिया है। राजन ने आखिरी बार 8 दिसंबर को अहमदाबाद में दिल्ली के खिलाफ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था। फिलहाल इस पूरे मामले पर खिलाड़ी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और यह भी साफ नहीं है कि वे बी-सैंपल जांच कराएंगे या निर्णय को चुनौती देने के लिए प्रक्रियागत/कानूनी रास्ता अपनाएंगे।
राजन कुमार के लिए यह घटनाक्रम इसलिए भी भारी माना जा रहा है क्योंकि वे लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उत्तराखंड के भरोसेमंद गेंदबाज़ बन चुके थे। 2025 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 7 मैचों में 13 विकेट झटके, एक मैच में 4 विकेट लिए और उनका स्ट्राइक रेट 8.34 रहा। कुल रिकॉर्ड देखें तो टी20 में 32 विकेट (26 मैच), लिस्ट-ए में 14 विकेट (9 मैच, सर्वश्रेष्ठ 5/28) और फर्स्ट क्लास में 8 विकेट (4 मैच) उनके असरदार प्रदर्शन की पुष्टि करता है।
राजन कुमार का आईपीएल कनेक्शन भी चर्चा में है। उन्हें आईपीएल 2023 की नीलामी में 70 लाख रुपये में खरीदा गया था और 2024 सीजन के लिए रिटेन भी किया गया, हालांकि अब तक उन्हें आईपीएल में डेब्यू का मौका नहीं मिला।
भारतीय क्रिकेट में डोपिंग के मामले आमतौर पर कम सामने आते हैं, लेकिन जब भी ऐसा हुआ है, उसने खेल जगत में बड़ा सवाल खड़ा किया है। 2019 में पृथ्वी शॉ के सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर उन पर आठ महीने का प्रतिबंध लगा था। शॉ ने तब दावा किया था कि यह पदार्थ खांसी की दवा के जरिए अनजाने में शरीर में चला गया। इसके बाद 2020 में भी एक क्रिकेटर डोप टेस्ट में विफल पाई गई थीं, जिसके चलते उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ा था। Uttarakhand Fast Bowler Doping Case