UP News : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ के 8 साल पूरे हो गए हैं। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ है। सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 साल का अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना तथा अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता को समर्पित किया है। इस समाचार में आप जान लीजिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूरा रिपोर्ट कार्ड।
पूरे 92 पेज का है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रिपोर्ट कार्ड
रिपोर्ट कार्ड शब्द का प्रयोग किसी परीक्षा के रिजल्ट के लिए किया जाता है। किसी भी परीक्षार्थी को जारी होने वाले रिजल्ट के परिणाम को रिपोर्ट कार्ड कहते हैं। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि कोई सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखे। सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का 8 साल का रिपोर्ट कार्ड उत्तर प्रदेश की जनता के सामने रखा। उत्तर प्रदेश सरकार का यह रिपोर्ट कार्ड क्या है बल्कि एक पूरी पुस्तिका है। उत्तर प्रदेश सरकार का रिपोर्ट कार्ड पूरे 92 पेज की एक पुस्तिका के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के 92 पेज के रिपोर्ट कार्ड में उत्तर प्रदेश सरकार की आठ साल की उपलब्धियों को विस्तार से गिनवाया गया है। हम यहां उत्तर प्रदेश सरकार के रिपोर्ट कार्डके प्रमुख अंश प्रस्तुत कर रहे हैं।
खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताई रिपोर्ट कार्ड की खास बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक कार्यक्रम में अपना तथा अपनी सरकार का 8 साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगले तीन दिन तक उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित करके प्रदेश की 25 करोड़ जनता को सरकार के रिपोर्ट कार्ड की जानकारी दी जाएगी। रिपोर्ट कार्ड के प्रमुख अंशों की चर्चा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बहुत कुछ बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार आने से पहले उत्तर प्रदेश में हर दूसरे दिन दंगा होता था। बेटी व व्यापारी असुरक्षित थे। कानून व्यवस्था ने लंबी छलांग लगाई है। कुम्भ में कोई आपराधिक मामला नहीं हुआ। डेढ़ लाख पुलिस कर्मियों के पद खाली थे। 1.56 लाख पद खाली पड़े हुए थे। करीब दो लाख से ’यादा पुलिसकर्मी की भर्ती की गई है। बैरक का निर्माण किया गया है। पहली बार 60244 पुलिस कर्मियों की एक साथ ट्रेनिंग होने जा रही है। एनसीआरबी ने बताया है कि अपराध कम हुए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएसी की 5 नई वाहिनी का गठन किया गया है। साइबर सेल की गई है। रिस्पांस टाइम कम हुआ है। यह सात मिनट तक पहुंच गया है। 12 हजार से ’यादा महिला कर्मचारियों की भर्ती की गई है। 57 हजार बीसी सखी काम कर रही हैं। मालिकाना हक़ देने का काम किया है। सात जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनेंगे। बेरोजगारी दर मात्र तीन फीसद रह गई है जो पहले 19 प्रतिशत थी। दो लाख करोड़ रुपये निर्यात हुआ है। 50 लाख युवाओं को लेपटॉप-टैबलेट दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में बढ़ाई गई है किसानों की आमदनी
पीएम कुसुम योजना अंतर्गत सोलर पैनल लगाकर लगभग 86 हजार किसानों के जीवन में बदलाव लाया गया, 14 लाख निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली देकर किसानों की आमदनी बढ़ाने का काम किया। 2017 से पहले बिचौलियों का बोलबाला था। 2017 से 2023 तक गेंहू क्रय हमने ढाई ’यादा की गई। 43 हजार 424 करोड़ रु भुगतान किया गया। धान के क्रय में 88 हजार करोड़ 746 करोड़ डीबीटी के माध्यम से दिया गया। सरकार ने 32 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को बाढ़ से बचाने का कार्य किया गया। प्रदेश में निराश्रित गोवंश के लिए 7700 से अधिक गो आश्रय स्थल में 12 लाख 50 हजार से अधिव गोवंश का संरक्षण सरकार स्वयं कर रही है। साथ ही सहभागिता योजना के माध्यम से 1 लाख 5 हजार पशुपालकों को 1 लाख 6& हजार गोवंश उनकी सुपुर्दगी में दिया गया है, जिसके लिए सरकार 1500 प्रति गोवंश प्रति माह कर रही है। नकलविहीन परीक्षा हो रही है। गरीबों के कल्याण के लिए काम किया। 2017 के पहले कानून व्यवस्था का संकट था, युवा के सामने पहचान का संकट था। बेहतर कानून व्यवस्था का उदाहरण महाकुंभ में दिखा। 45 दिनों के आयोजन में कोई अपराध, लूट छेड़छाड़, अपहरण कोई भी घटना नहीं हुई। आने वाले श्रद्धालुओं के मन में कोई असंतोष का भाव नहीं मिला। प्रदेश वही है, 8 वर्ष में सरकार ने पुलिस बल को एक सिस्टम के साथ जोड़ा। 2017 में हमारी सरकार आने पर पुलिस बल में डेढ़ लाख से ’यादा पद खाली थे, सरकार के नियत पर जनता और न्यायालय को संदेह था। सरकार ने 1 लाख 56 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती की साथ ही मौजूदा समय में 60 हजार 200 से अधिक नाए पुलिस कार्मिकों की भती प्रक्रिया समाप्त की है जिन्हें जिल्द ही ट्रेनिंग मिलेगी। 6 एक्सप्रेसवे बन चुके हैं पहले रैपिड रेल यूपी में है। 16 एयरपोर्ट हैं। जेवर एयरपोर्ट जल्द ही शुरूहो जाएगा। पहले सिर्फ 12 मेडिकल कॉलेज &6 निजी मेडिकल कॉलेज बने थे। पीजी की सीटें 2100 तक बढ़ी हैं। पर्यटन अब आस्था के जरिए अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। 21 करोड़ पर्यटक आए थे। अब उत्तर प्रदेश नंबर दो की अर्थव्यवस्था के रूप में है।
उत्तर प्रदेश बन गया है बढ़ी अर्थव्यवस्था
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। आज यूपी एक रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। आज रोजगार की संभावना बनी है। निवेशा आ रहा है तो रोजगार के साथ परिवारों को चेहरे पर खुशहाली है। 70 वर्षों में पर कैपिटा इनकम 46 हजार थी। आज 1 लाख 24 हजार पहुंच गयी है। बैंकिंग तंत्र अर्थव्यवस्थ को नया आयाम देता है, आज बैंकिंग व्यवसाय 29 लाख 66 हजार करोड़ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व नड्डा जी का व केन्द्रीय मंत्रियों का आभार है।
माफिया को मिट्टी में मिलाने वाला अभियाना बना सफलता का मूल मंत्र
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रिपोर्ट कार्ड को लेकर समीक्षा का दौर भी शुरू हो गया है। इस दौैरान उत्तर प्रदेश के प्रमुख पत्रकार प्रेमशंकर मिश्रा का एक विशलेषण सामने आया है। इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का माफिया राज के विरूद्घ छेड़ा गया अभियान उनकी सफलता का मूल मंत्र बना है। प्रेम शंकर मिश्रा का कहना है कि 2017 में जब योगी सीएम चुने गए थे तब पक्ष-विपक्ष दोनों ओर संशय और जिज्ञासा के सुर थे। लेकिन, आलोचना व सवालों के बीच योगी ने दृढ़ता से उस अजेंडे पर फोकस किया, जिसे भाजपा ने चुनाव में जनता के सामने पेश किया था। इसमें कानून-व्यवस्था को लेकर यूपी के परसेप्शन को बदलने की चुनौती भी थी।
जानकारों का कहना है कि पिछले 8 साल में योगी सरकार के लिए सबसे बड़ा तमगा संगठित अपराध को कुचलने का रहा है। ‘माफिया को मिट्टी में मिला देंगे’, महज डायलॉग नहीं बल्कि सफलता की इबारत बना है। निर्णयों में दृढ़ता का यह स्वरूप बहुआयामी रहा।CAA-NRC विरोधी आंदोलन के दौर में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के चौराहों पर पोस्टर और वसूली के फैसले के अलावा अवैध धर्मांतरण, गोहत्या और नकल विरोधी कानून जैसे कई ऐसे कदम रहे जिनमें आलोचना की परवाह किए बिना समस्या की जड़ पर प्रहार पर फोकस रहा। इसने प्रदेश के परसेप्शन में बदलाव की कवायद को आगे बढ़ाया।
योजनाओं को नीचे तक पहुंचाया
हाल में शासन के आला अफसरों के साथ एक बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि योजनाओं को कोई अर्थ नहीं है अगर लाभार्थियों तक वह नहीं पहुंचती हैं। इसके लिए गरीब केंद्रित योजनाओं को लक्ष्य तक पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। जनकल्याण से जुड़ी दो दर्जन से अधिक केंद्रीय योजनाओं के अमल में यूपी नंबर वन है। दशकों से योजनाओं से वंचित वनटांगिया से लेकर समाज के हर वर्ग को इनसे जोड़ा गया। बुनियादी सुविधाओं के साथ 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के वैश्विक निवेश तक की राह तय हुई, तो आस्था के अजेंडे को अर्थव्यवस्था के विकास से जोड़ा गया। प्रयागराज महाकुंभ में 45 दिनों में 66 करोड़ श्रद्धालुओं की डुबकी आस्था के वैश्विक विस्तार की कहानी कह रही है।
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