कॉर्पोरेट प्रोफेशनल से साइबर अपराधी बना दोस्त, करोड़ों का खेल
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 04:58 PM
उत्तर प्रदेश में कानपुर पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े इंटरस्टेट साइबर सिंडिकेट का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की पहचान बागपत के अनुज तोमर और विवेक शर्मा के रूप में हुई है, जो पहले एमबीए और बीटेक डिग्री होल्डर थे। दोनों ने मल्टीनेशनल कंपनियों में काम किया था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण नौकरी चली गई और फिर इन्होंने साइबर अपराध का रास्ता अपनाया। UP News
आरोपियों ने फर्जी बैंक कॉल्स और ऑनलाइन स्कीम्स के जरिए लोगों को ठगा। उन्होंने 60 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी की है, जिनमें से एक प्रमुख मामले की शुरुआत गोविंद नगर के निवासी सुनील कुमार खन्ना की शिकायत से हुई। जून 2023 में, उन्हें एक कॉल आई जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को बैंक एग्जीक्यूटिव बताया और उनके क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करने पर एक फॉर्म खुला और जानकारी भरने के बाद उनका 1 लाख 35 हजार रुपए का ठगी हो गया।
उत्तर प्रदेश में कई लोगों को बनाया निशाना
इन दोनों आरोपियों ने दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कई लोगों को निशाना बनाया। उन्होंने नकली बैंक कॉल्स, ईमेल लिंक और ओटीपी का इस्तेमाल करते हुए लोगों के अकाउंट से पैसे चुराए। आरोपियों के खिलाफ 35 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, महिंद्रा थार और कई लग्जरी वस्तुएं बरामद की हैं।
विवेक शर्मा, जो एक सेमी-प्रोफेशनल क्रिकेटर भी है, ने ठगी के पैसों से 1.25 लाख रुपए का प्रीमियम क्रिकेट बैट, महंगी किट और लग्जरी आइटम्स खरीदी थीं। वहीं, अनुज तोमर ने 12 लाख रुपए की महिंद्रा थार खरीदी। इन दोनों ने ठगी के पैसे से ऐशो आराम की जिंदगी जीने का आनंद लिया, लेकिन अंततः पुलिस के शिकंजे में आ गए।
पुलिस ने पंजाब और दिल्ली पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के कानपुर पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने की है, जिन्होंने तकनीकी सर्विलांस और बैंकिंग रिकॉर्ड्स का उपयोग करके आरोपियों का पीछा किया। इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।