चित्रकूट में 6 नवंबर से पांच दिवसीय दीपावली दीपदान मेला शुरू होगा। करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। 8 नवंबर को रामघाट पर 500 ड्रोन से रामायण की झलक दिखाई जाएगी। सुरक्षा के लिए यूपी और एमपी में 4,000 पुलिसकर्मी तैनात होंगे।

UP News: उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी चित्रकूट में दीपावली दीपदान मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। छह नवंबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय मेले में इस बार करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण आठ नवंबर को मंदाकिनी नदी के रामघाट पर होने वाला 500 ड्रोन का विशेष शो होगा। दीपदान के बाद आयोजित होने वाले इस 30 मिनट के शो में आसमान में भगवान श्रीराम के वनवास काल और रामायण से जुड़े विभिन्न दृश्य प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही नौ मंचों पर बुंदेली लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां भी होंगी।

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दीपावली अमावस्या के अवसर पर आठ नवंबर को रामघाट पर भव्य दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 500 ड्रोन के माध्यम से आसमान में रामायण और रामचरितमानस की भक्ति थीम पर आधारित आकृतियां बनाई जाएंगी। करीब 30 मिनट तक चलने वाले इस शो में भगवान श्रीराम के वनवास काल से जुड़े प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाया जाएगा। इस आयोजन को मेले का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के साढ़े 11 वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। इसी आस्था के चलते हर साल दीपावली अमावस्या पर देशभर से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालु मंदाकिनी नदी में स्नान, रामघाट पर दीपदान और भगवान कामतानाथ की परिक्रमा करते हैं। इसके अलावा हनुमानधारा, सती अनुसुइया आश्रम, स्फटिक शिला, रामशैया और भरतकूप जैसे धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। कई श्रद्धालु 84 कोसी परिक्रमा करते हुए तुलसी जन्मस्थली राजापुर, महर्षि वाल्मीकि आश्रम, मार्कंडेय आश्रम और सरभंग ऋषि आश्रम तक पहुंचते हैं।
पांच दिवसीय मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके लिए नौ भव्य मंच तैयार किए जा रहे हैं, जहां बुंदेली लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र की पारंपरिक लोककला और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दिया जाएगा। दीपदान मेले से स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। चित्रकूट समेत आसपास के करीब 20 जिलों से लगभग 25 हजार छोटे-बड़े व्यापारी मेले में पहुंचेंगे। पांच दिनों के दौरान दुकानदारों, होटल संचालकों, परिवहन कारोबारियों और कारीगरों को मिलाकर करीब 30 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया है। मेले में कुम्हारों के मिट्टी के दीये, फूलों, प्रसाद और अन्य पूजा सामग्री की दुकानें भी सजेंगी। वहीं, अंतरराज्यीय गधा बाजार में भी लाखों रुपये के कारोबार की संभावना है।
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करीब 40 लाख श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। दोनों राज्यों के मेला क्षेत्र में करीब चार हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था में सिविल पुलिस, यातायात पुलिस, खुफिया विभाग, पीएसी, जल पुलिस और बम निरोधक दस्ते शामिल रहेंगे। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, चित्रकूट के अलावा कौशांबी, फतेहपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, बांदा, महोबा और हमीरपुर से पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में करीब दो हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। ड्रोन कैमरों से निगरानी के साथ रामघाट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। वहीं, मध्य प्रदेश के सतना एसपी हंसराज ने बताया कि सतना, जबलपुर, रीवा और मऊगंज से करीब दो हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। कामदगिरि मंदिर और परिक्रमा मार्ग पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। सीमावर्ती मेला क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी होगी।
मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने रामघाट, खोही के पास परिक्रमा मार्ग और रामशैया स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को जरूरी इंतजाम समय से पूरे करने के निर्देश दिए गए। इस बार चित्रकूट का दीपदान मेला धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और बड़े स्तर की सुरक्षा व्यवस्था का संगम बनने जा रहा है।
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