चित्रकूट के कालूपुर-खोह रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण में देरी से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। वर्ष 2015 में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो सका है।

UP News : चित्रकूट के कालूपुर-खोह रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण का इंतजार लंबा होता जा रहा है। वर्ष 2015 में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ निर्माण कार्य 12 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। बार-बार निर्माण कार्य बंद होने के कारण इसकी लागत बढ़कर 31 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। ओवरब्रिज नहीं बनने से रेलवे फाटक बंद होते ही सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे राहगीरों के साथ ही मरीजों को लेकर आने-जाने वाली एंबुलेंस को भी परेशानी होती है। हालांकि, कार्यदायी संस्था ने जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कराने का दावा किया है। कालूपुर-खोह रेलवे क्रॉसिंग का मार्ग प्रयागराज और बांदा जिले को जोड़ता है। इस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। रेलवे फाटक बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती है। इससे लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2015 में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कराया गया था। शुरुआत में लगभग सात महीने तक काम चला, लेकिन बांदा-मानिकपुर रेलखंड के दोहरीकरण के चलते निर्माण कार्य रोक दिया गया। UP News
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रेलखंड के दोहरीकरण के कारण निर्माण कार्य बंद होने के बाद लंबे समय तक ओवरब्रिज का काम आगे नहीं बढ़ सका। लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही निर्माण पूरा होने से रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मई 2026 में एक बार फिर ओवरब्रिज के पिलर बनाने के लिए मिट्टी की खोदाई शुरू की गई। इससे लोगों को निर्माण कार्य गति पकड़ने की उम्मीद जगी, लेकिन कुछ ही दिन बाद काम फिर बंद हो गया। लगातार देरी के कारण परियोजना की लागत 22 करोड़ रुपये से बढ़कर 31 करोड़ रुपये हो गई है। यानी निर्माण लागत में नौ करोड़ रुपये का इजाफा हो चुका है। UP News
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ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं होने से आसपास के गांवों के लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेन के आने पर रेलवे फाटक बंद होते ही सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को जाम में फंसना पड़ता है। इससे लोगों का समय बर्बाद होने के साथ ही दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। यह मार्ग जिले के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है, ऐसे में ओवरब्रिज का निर्माण अधूरा रहना लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। UP News
रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या मरीजों के लिए भी गंभीर परेशानी का कारण बन रही है। जिला अस्पताल से प्रयागराज रेफर किए जाने वाले मरीजों की एंबुलेंस इसी मार्ग से गुजरती हैं। इसके अलावा मऊ और रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जिला अस्पताल आने वाली एंबुलेंस भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करती हैं। रेलवे फाटक बंद होने पर एंबुलेंस के जाम में फंसने से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होना लोगों के लिए बेहद जरूरी है। UP News
धर्मनगरी चित्रकूट में दीपावली अमावस्या मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। इसके बाद जनवरी में प्रयागराज में माघ मेले का आयोजन भी होना है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों का आवागमन होगा। ऐसे में ओवरब्रिज का निर्माण समय से पूरा नहीं होने पर लोगों को फिर जाम की समस्या से जूझना पड़ सकता है। UP News
ग्रामीणों का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है। मई में काम दोबारा शुरू होने के बाद फिर बंद हो जाने से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। रेलवे फाटक बंद होने पर रोजाना जाम में फंसना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी मरीजों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस को होती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू कराकर ओवरब्रिज को पूरा कराया जाए, ताकि आवागमन सुगम हो सके और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके। UP News
ओवरब्रिज का निर्माण लंबे समय से अधूरा होने के बावजूद अब कार्यदायी संस्था ने जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कराने का दावा किया है। हालांकि, निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा, इसे लेकर स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है। ऐसे में लोगों को ओवरब्रिज चालू होने और रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से राहत मिलने का इंतजार है। UP News:
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