उत्तर प्रदेश में खोया, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई जारी है, लेकिन अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या चिंता बढ़ा रही है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच छह माह में खाद्य पदार्थों से जुड़े 127 मुकदमे दाखिल हुए।

UP News : उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जांच और कार्रवाई के बीच अदालतों में लंबित मुकदमे चिंता का विषय बने हुए हैं। खोया, मिठाई और दूसरे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है, लेकिन कानूनी मामलों के निस्तारण की रफ्तार धीमी दिखाई दे रही है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच छह माह में 127 मुकदमे दाखिल हुए, जबकि केवल 21 मामलों का निस्तारण हुआ। वहीं, अमेठी से जुड़े खाद्य सुरक्षा के पांच मामले पिछले दस साल से सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ की अदालतों में लंबित हैं। UP News :
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की छह माह की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच खाद्य पदार्थों से संबंधित मामलों में कुल 2.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। रिपोर्ट में सजा और कारावास का आंकड़ा शून्य दर्ज किया गया है। श्रेणीवार कार्रवाई में अन्य खाद्य पदार्थों से संबंधित 20 मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि मिठाइयों से जुड़े छह मुकदमे दाखिल हुए। खोया के मामलों में 45 हजार रुपये, बेकरी उत्पादों पर 30 हजार रुपये और नमकीन से जुड़े मामलों में 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। ये आंकड़े खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में जांच और कार्रवाई के साथ न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जरूरत भी सामने रखते हैं।
त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ खोया और दूसरे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। खोया मिठाइयों का प्रमुख घटक है, इसलिए इसकी शुद्धता उपभोक्ताओं की सेहत से सीधे जुड़ी है। खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि केवल रंग, गंध या स्वाद से नहीं की जा सकती। दूध में पानी की मिलावट का शुरुआती संकेत लैक्टोमीटर से मिल सकता है, लेकिन सही निष्कर्ष के लिए प्रयोगशाला जांच आवश्यक है। खोया और मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी हैं।
अमेठी के भादर, दुर्गापुर, रामगंज, छीड़ा और ढेमा बाजार में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। सुल्तानपुर के चौक, ठठेरी बाजार और लंभुआ तथा प्रतापगढ़ के चौक, पट्टी और रानीगंज बाजारों में भी मिठाई और खोया का कारोबार होता है। ऐसे में इन बाजारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, दुकानों की साफ-सफाई और निर्धारित मानकों के पालन पर निगरानी जरूरी है। उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण के साथ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कदम उठाना भी महत्वपूर्ण है। UP News :
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सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा सतीश शुक्ला के मुताबिक, अमेठी जिले की करीब 100 दुकानों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। ग्राहक इन कोड को स्कैन करके मिलावट या अन्य गड़बड़ियों की शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से संदिग्ध खाद्य पदार्थ खरीदने पर उसकी रसीद सुरक्षित रखने की अपील की है। रसीद जांच और कानूनी कार्रवाई के दौरान उपयोगी साबित हो सकती है। UP News :
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