विज्ञापन
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चंदा (दान) चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

UP News : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चंदा (दान) चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इससे जुड़ा विषय पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।UP News
कोर्ट की डिविजन बेंच का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में यह याचिका जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजीव शुक्ल की डिविजन बेंच के सामने सुनवाई के लिए आई थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि समान मुद्दे पर पहले से सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है। इसलिए हाईकोर्ट स्तर पर सीबीआई जांच की मांग पर सुनवाई का औचित्य नहीं बनता इसलिए याचिका को खारिज किया जाता है।
UP News
इसे भी पढ़े गोदाम में 200 लोगों के धर्म परिवर्तन की तैयारी!आखिरी वक्त में भंडाफोड़
किसने दाखिल की थी याचिका?
यह जनहित याचिका मोहित अशोक की ओर से दाखिल की गई थी, जिसमें मांग की गई थी कि राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित हेराफेरी की जांच सीबीआई से कराई जाए। मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच हो। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विनोद शाही और मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पहले से याचिका लंबित है इसलिए हाईकोर्ट में समान याचिका पर सुनवाई उचित नहीं होगी।
UP News
इस मामले में पहले से ही कई स्तरों पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। सुप्रीम कोर्ट में भी इसी विषय पर याचिकाएं दाखिल की गई। राज्य सरकार द्वारा एसआईटी जांच जारी है और कुछ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया। राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदे और दान राशि के प्रबंधन को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों में दान राशि में गड़बड़ी
, वित्तीय रिकॉर्ड में पारदर्शिता की कमी, स्वतंत्र जांच की मांग जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि मामले की सुनवाई फिलहाल सुप्रीम कोर्ट और अन्य जांच एजेंसियों के दायरे में ही आगे बढ़ेगी। सीबीआई जांच की मांग को इस स्तर पर मंजूरी नहीं मिली हUP Newsै।
यह भी पढ़े :राम मंदिर विवाद के बीच काशी विश्वनाथ मॉडल की चर्चा तेज, क्या यही है समाधान?
विज्ञापन