भाजपा के युवा नेता एवं जिला पंचायत के पूर्व सदस्य अजय बालियान उर्फ अजय गंठा ने गांव में एक उच्चस्तरीय पुस्तकालय एवं शिक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना सामने रखी है।

UP News : गांव की गलियों में घूमती प्रतिभाओं को यदि किताब, सही मार्गदर्शन और अवसर मिल जाए तो वही बच्चे आगे चलकर देश और प्रदेश की तस्वीर बदल सकते हैं। इसी सोच को जमीन पर उतारने की तैयारी मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध गांव गढ़ी नौआबाद में शुरू हो गई है। भाजपा के युवा नेता एवं जिला पंचायत के पूर्व सदस्य अजय बालियान उर्फ अजय गंठा ने गांव में एक उच्चस्तरीय पुस्तकालय एवं शिक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना सामने रखी है। इस केंद्र का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को ऐसा शैक्षिक वातावरण देना है, जहां वे UPSC, SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। अजय गंठा का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभा की कमी नहीं है, कमी है तो संसाधनों और अवसरों की। उनका प्रयास है कि किसी बच्चे की आर्थिक स्थिति उसकी प्रतिभा के रास्ते में बाधा न बने। UP News
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अजय बालियान उर्फ अजय गंठा ने बताया कि इस पहल की प्रेरणा उन्हें हरियाणा के झज्जर जिले के डीघल गांव में चल रहे 'द टैलेंट फार्म' से मिली है। डीघल में द टैलेंट फार्म ने ग्रामीण विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक ऐसा मंच देने का प्रयास किया है, जहां संसाधनों की कमी प्रतिभा के विकास में बाधा न बने। मीडिया में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक डीघल में पुरानी गौशाला की इमारत में लाइब्रेरी और 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग संचालित की जा रही है। यहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है। यही मॉडल अजय गंठा को प्रभावित कर रहा है। उनका विचार है कि जिस प्रकार डीघल जैसे ग्रामीण क्षेत्र में विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, उसी तरह गढ़ी नौआबाद और आसपास के गांवों में भी ऐसा माहौल बनाया जाए। UP News
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द टैलेंट फार्म की सबसे बड़ी प्रेरणाओं में उसके विद्यार्थियों के परिणाम भी शामिल हैं। मई 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में द टैलेंट फार्म से जुड़े 30 विद्यार्थियों ने अच्छे अंकों के साथ परीक्षा पास की। इनमें दो छात्राओं ने 96 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि सात विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि यदि ग्रामीण बच्चों को पढ़ने के लिए पुस्तकालय, शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी माहौल मिल जाए तो वे किसी भी स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। अजय गंठा इसी सोच को गढ़ी नौआबाद में आगे ले जाना चाहते हैं। UP News
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द टैलेंट फार्म का एक खास पहलू यह है कि शिक्षा के लिए उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल किया गया है। डीघल की पुरानी गौशाला की इमारत में लाइब्रेरी और कोचिंग का संचालन इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा के लिए हमेशा बड़े भवन और महंगे संस्थानों की जरूरत नहीं होती। जरूरत होती है संकल्प, संसाधनों के सही इस्तेमाल और बच्चों को आगे बढ़ाने की इच्छाशक्ति की। यही विचार गढ़ी नौआबाद की प्रस्तावित योजना का आधार बन रहा है। UP News
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गढ़ी नौआबाद में प्रस्तावित शिक्षा केंद्र को लेकर अजय बालियान उर्फ अजय गंठा की अपने गांव के ही रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं चेतना मंच के संपादक आरपी रघुवंशी के साथ भी विस्तृत बातचीत हुई है। इस चर्चा का केंद्र गांव में राष्ट्रीय स्तर का पुस्तकालय और शिक्षा केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं पर रहा। योजना यह है कि गांव और आसपास के विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिले, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों और अध्ययन सामग्री तक पहुंच बने तथा जरूरत के अनुसार उन्हें मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा सके। UP News
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अजय बालियान उर्फ अजय गंठा का कहना है कि उनका प्रयास रहेगा कि आने वाली पीढ़ी की प्रतिभा को अवसर मिले। उनके मुताबिक किसी विद्यार्थी की आर्थिक स्थिति देखकर उसकी क्षमता का आकलन नहीं होना चाहिए। गांव के जिस बच्चे में मेहनत, लगन और अनुशासन है, उसे आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उनका लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्र से भविष्य में IAS, IPS, सैन्य अधिकारी और प्रदेश स्तर के अधिकारी निकलें। वे कहते हैं कि यदि बच्चों को सही दिशा में लगातार मार्गदर्शन और अध्ययन का वातावरण मिले तो गांव की मिट्टी में छिपी प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है। UP News
प्रस्तावित शिक्षा केंद्र को केवल पुस्तकालय तक सीमित रखने की योजना नहीं है। अजय गंठा की सोच है कि यहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अध्ययन का माहौल मिले। UPSC और SSC जैसी परीक्षाओं के साथ-साथ विभिन्न सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं को भी इसका लाभ मिल सके। यानी उद्देश्य एक ऐसी जगह तैयार करना है जहां किताबें हों, पढ़ाई हो, मार्गदर्शन हो और लक्ष्य हासिल करने का जुनून पैदा हो। UP News
अजय गंठा के अनुसार इस अभियान को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही एक टीम का गठन किया जाएगा। टीम के गठन के बाद पुस्तकालय, शिक्षा केंद्र, अध्ययन सुविधाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह अभियान केवल गढ़ी नौआबाद तक सीमित रखने के बजाय आसपास के गांवों के विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकता है। UP News
गढ़ी नौआबाद पहले से ही क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाला गांव है। अब प्रस्तावित पुस्तकालय और शिक्षा केंद्र की योजना यदि अपने उद्देश्य के अनुरूप धरातल पर उतरती है तो गांव की पहचान को एक नई दिशा मिल सकती है। अजय गंठा का सपना साफ है गांव के बच्चे संसाधनों के अभाव में पीछे न रहें। जिस बच्चे में प्रतिभा है, उसे किताब मिले। जिसमें मेहनत है, उसे अवसर मिले। जिसमें सपना है, उसे सही दिशा मिले। और इसी सोच के साथ गढ़ी नौआबाद में ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए एक ऐसा शिक्षा केंद्र खड़ा करने की तैयारी है, जिसकी प्रेरणा हरियाणा के डीघल गांव के द टैलेंट फार्म से ली गई है। UP News
इस शिक्षा अभियान को आगे बढ़ाने में चेतना मंच की ओर से भी हरसंभव सहयोग की घोषणा की गई है। अभियान का उद्देश्य किसी एक व्यक्ति या संस्था का नाम बड़ा करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के उन बच्चों के लिए रास्ता बनाना है जिनके पास प्रतिभा तो है, लेकिन उसे तराशने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। यदि यह पहल अपने लक्ष्य के अनुरूप आगे बढ़ती है तो गढ़ी नौआबाद आने वाले समय में केवल एक गांव नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को तैयार करने वाले शिक्षा केंद्र के रूप में भी पहचान बना सकता है। UP News
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