पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो फर्जी दुल्हनों के माध्यम से अविवाहित युवकों और उनके परिवारों को ठग रहा था। गिरोह की मुख्य सरगना नूरजहां खातून और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो फर्जी दुल्हनों के माध्यम से अविवाहित युवकों और उनके परिवारों को ठग रहा था। गिरोह की मुख्य सरगना नूरजहां खातून और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई में एक अन्य महिला भी पकड़ी गई है, जो दुल्हन बनकर घरों में दाखिल होती थी और शादी के कुछ दिन बाद जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थी।
पुलिस ने बताया कि नूरजहां, जो पश्चिम बंगाल के लाल बाजार क्षेत्र की रहने वाली है, ने अपना नाम बदलकर चंदौसी क्षेत्र में काजल रख लिया था। उसने कुछ साल पहले बदायूं के बिनावर निवासी राजीव से शादी की थी और उसके साथ मिलकर लुटेरी दुल्हनों के माध्यम से चोरी की योजना बनाई। दोनों ने चंदौसी क्षेत्र में कम से कम पांच घरों को निशाना बनाया।
इस गिरोह की तर्ज यह थी कि अविवाहित युवकों को शादी का झांसा दिया जाए। नूरजहां और उसके साथी शादी के लिए मोटी रकम वसूलते और दुल्हन बनकर घर में दाखिल होती। कुछ ही दिनों में जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाती। पकड़ी गई महिलाओं में से एक पूजा उर्फ आयशा खातून भी इसी गिरोह का हिस्सा थी।
पुलिस ने बताया कि पांचों घटनाएं चंदौसी क्षेत्र में हुई थीं, जिनमें चार पतरौआ गांव में हुई। डेढ़ महीने में इन वारदातों से पुलिस को गिरोह का अंदाजा लग गया और फिर उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू की गई। पकड़े गए सामान में सोने की चेन, अंगूठी, चांदी की पाजेब और नकदी बरामद हुई।
गिरोह की जांच में यह भी पता चला कि लुटेरी दुल्हनें पहले से शादीशुदा थीं और उनके बच्चों के भी माता-पिता थे। इन्हें हिंदू नाम देकर फर्जी आधार कार्ड बनवाए गए। नूरजहां ने इन महिलाओं का धर्मांतरण कराकर अविवाहित परिवारों के झांसे में फंसाया। पुलिस अब उन साइबर कैफे संचालकों की तलाश में है, जिन्होंने आधार कार्ड तैयार किए। एसपी केके विश्नोई ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए सभी मोबाइल फोन और डेटा को कब्जे में लिया गया है। जांच में यह सामने आया है कि गिरोह चंदौसी और आसपास के क्षेत्रों में कई और घरों को निशाना बना चुका है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।